नशे के खिलाफ दमोह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 14 किलो से अधिक गांजा किया जब्त, आरोपी गिरफ्तार
दमोह: मध्यप्रदेश के दमोह जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुये अवैध मादक पदार्थ (गांजा) जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।
जानकारी अनुसार, जिले की सागर नाका पुलिस चौकी की टीम ने कार्रवाई करते हुये एक आरोपी को 14 किलो 378 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 87 हजार 600 रुपये बताई गई है। वहीं, पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है।
पुलिस ने संदिग्ध को पकड़ा, 14 किलो से ज्यादा गांजा बरामद
पुलिस के अनुसार, सागरनाका पुलिस चौकी की टीम को मुखबिर से अवैध गांजे की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सरदार वल्लभ भाई पटेल न्यू ओवर ब्रिज के पास घेराबंदी कर संदिग्ध की तलाशी ली। पुलिस को संदिग्ध के पास से 14 किलो 378 ग्राम गांजा मिला। जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2,87,600 रुपये बताई गई है।
बता दें कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम राजेश जैन पिता स्वर्गीय हुकुमचंद जैन, उम्र 41 वर्ष बताया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मिले गांजे को जब्त कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला किया दर्ज
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से आया और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। हालांकि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, जब्त मादक पदार्थ के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जांच जारी है।
MP किसानों के लिए काम की खबर, MSP पर धान-ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन की लास्ट डेट नजदीक, जानें प्रक्रिया
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर है। जिन किसानों ने अबतक पंजीयन नहीं कराया है वे शनिवार तक करा लें,क्योंकि पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा।
5 अक्टूबर तक 3 लाख 5 हजार 82 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें जबलपुर संभाग में 1 लाख 47 हजार 824, नर्मदापुरम में 16 हजार 398, भोपाल में 8 हजार 599, रीवा में 94 हजार 384, शहडोल में 21 हजार 456 और सागर संभाग में 16 हजार 155 किसानों ने पंजीयन कराया है।
किसान कैसे करा सकते हैं पंजीयन
किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्रों पर पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। किसान सहकारी समितियों व सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित केन्द्र से भी पंजीयन कर सकते हैं।
इसके अलावा एमपी ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर प्रति पंजीयन 50 रुपये शुल्क रखा गया है। सिकमी/बटाईदार/कोटवार और वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति व सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।
आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य
पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा।वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। ध्यान रहेे किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।
समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर पंजीयन में उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे।
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