Responsive Scrollable Menu

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026: सिर्फ सुनें नहीं, मानसिक स्वास्थ्य से जूझ चुके लोगों की राय पर भी करें अमल

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे लोगों को बेहतर देखभाल और सहयोग दिलाना है। साल 2026 में इस दिवस का संदेश है, ‘अनुभवों को सुनें, असली बदलाव लाएं।’

इस साल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना कर चुके लोगों के अनुभवों को महत्व देने और उन्हें नीतियां बनाने से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े फैसलों तक में शामिल करने पर जोर दिया है।

अक्सर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना कर चुके लोगों को अपने अनुभव साझा करने के लिए कहा जाता है। लेकिन जब इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी नीतियों से जुड़े फैसले लेने की बात आती है, तो उनकी राय को उतनी अहमियत नहीं मिलती। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि केवल उनकी बातें सुनना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें फैसले लेने की प्रक्रिया में भी शामिल करना जरूरी है।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से गुजर चुके लोग जानते हैं कि इलाज के दौरान किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, किस तरह का सहयोग मददगार होता है और किन परिस्थितियों में व्यक्ति खुद को अकेला महसूस करता है। उनके अनुभवों से ऐसी कमियों का पता चल सकता है, जिन्हें केवल किताबों, शोध या पेशेवर प्रशिक्षण के आधार पर समझना मुश्किल होता है। इसीलिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं की योजना बनाते समय इन लोगों की भागीदारी जरूरी है। इससे इलाज को ज्यादा प्रभावी, संवेदनशील और लोगों की जरूरतों के अनुसार बनाया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को लंबे समय तक अस्पतालों में रखने की व्यवस्था से निकालकर समुदाय आधारित सेवाओं की ओर ले जाने की जरूरत पर भी जोर दिया है। इसका मतलब है कि लोगों को अपने परिवार और समाज से दूर रहने के बजाय अपने समुदाय में ही बेहतर इलाज और सहयोग मिल सके।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, केवल 10 में से 1 देश पूरी तरह संस्थान आधारित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल से समुदाय आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ पाए हैं। वहीं, 53 प्रतिशत देश अभी इस बदलाव के शुरुआती चरण में हैं।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को समझने और बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए जरूरी है कि सरकारें, स्वास्थ्यकर्मी और समाज मिलकर काम करें। जब अनुभव रखने वाले लोगों को बदलाव का हिस्सा बनाया जाएगा, तभी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उनकी वास्तविक जरूरतों के मुताबिक बन सकेंगी।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

गुजरात : 'एकता दिवस' परेड में शामिल होने आए जवानों में डेंगू के मामले, 10 दिनों में 87 मरीज अस्पताल में भर्ती

गांधीनगर, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड की तैयारी के लिए आए जवानों में डेंगू के मामले सामने आए हैं।

गुजरात सरकार के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने शुक्रवार को बताया कि पिछले 10 दिनों में 87 जवानों को गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 50 जवान ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 37 का अभी भी इलाज चल रहा है।

राज्य सरकार के मंत्री ने बताया कि अस्पताल में भर्ती एक सीआरपीएफ जवान की मौत हुई है, जिसमें शुरुआती तौर पर कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत का सही कारण पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने अस्पताल का दौरा किया और डेंगू तथा अन्य शिकायतों से भर्ती जवानों से मुलाकात की। उन्होंने मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मीता पारिख और डॉक्टरों की टीम के साथ इलाज की समीक्षा की और कहा कि अभी इलाज करा रहे 37 जवानों की हालत स्थिर है और सुधार हो रहा है, कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है।

ये जवान बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईटीबीपी के हैं। ये ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित अलग-अलग राज्यों से 31 अक्टूबर को एकता नगर में होने वाली परेड की तैयारी के लिए आए थे।

राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, शुरुआत में जवान की हालत स्थिर थी, लेकिन अचानक उसे सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। डॉक्टरों ने ईसीजी सहित हार्ट की जांच की और उसे आईसीयू में शिफ्ट किया। इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई।

मंत्री ने कहा कि हो सकता है कि जवान ने बुखार और शारीरिक परेशानी के बावजूद भारी कसरत जारी रखी हो, जिससे हार्ट की समस्या हुई हो। हालांकि उन्होंने साफ किया कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा।

उन्होंने कहा, यह बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना है। देश की सेवा करने वाले जवान को खोना हम सभी के लिए बड़ी क्षति है। हम मृतक जवान के परिवार के दुख में शामिल हैं और राज्य सरकार की ओर से परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

प्रफुल्ल पानशेरिया ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि जवानों को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार पर्याप्त पानी, पौष्टिक भोजन, ताजे फल, फलों का जूस और सलाद दिए जाएं। उन्होंने खून और प्लेटलेट्स की उपलब्धता की भी समीक्षा की।

स्वास्थ्य विभाग ने जवानों के इलाज के लिए विशेषज्ञ रेजिडेंट डॉक्टरों को तैनात किया है और उनके रहने की जगह पर बचाव के उपाय तेज कर दिए हैं। मंत्री के अनुसार, टीम दिन में दो बार फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव कर रही है और एक विशेष टीम चौबीसों घंटे साफ-सफाई और सेहत पर नजर रख रही है।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

फाइनल खेलने वाले सुंदर को 75 लाख, डगआउट में बैठने के लिए विप्रज निगम को मिलेंगे 3 करोड़, क्या है प्राइज मनी की कहानी?

meadl winner prize money: देश के लिए मेडल जीतने वाला कोई भी खिलाड़ी मान-सम्मान और पैसा डिसर्व करता है बस हैरानी तो तब होती है जब एक ही खेल में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों देश के योगदान को राज्य सकार अलग अलग तराजू में रखकर तौलती है. ताजा मामला जापान के एशियन गेम्स में फाइनल की प्लेइंग एलेवन में खेले वॉशिंगटन सुंदर और एक भी मैच ना खेलने वाले विप्रज निगम की है. Fri, 9 Oct 2026 15:13:47 +0530

  Videos
See all

Breaking News | भारतीय मूल की Navi Pillay को Nobel Peace Prize 2026, जानिए कौन हैं नावी पिल्लई #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-09T10:04:53+00:00

Breaking News Live | दिल्ली बंद के फैसले पर Supreme Court का बड़ा आदेश | Delhi CJP Protest #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-09T10:06:01+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers