8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कितना बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर? कर्मचारियों के लिए बड़ी अपडेट
8th Pay Commission Big Update: 8वें वेतन आयोग की बैठकों के बीच फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी चर्चा छिड़ गई है। ₹18,000 की बेसिक सैलरी ₹54,000 से ₹72,000 तक पहुंचने का अनुमान है। जानिए अलग-अलग फॉर्मूलों से कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी पर क्या असर पड़ेगा
भाषा आपत्तिजनक है...जेडी वेंस की बंधुआ मजदूर वाली टिप्पणी पर भड़का भारत
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा H-1B वीज़ा पर काम करने वालों को बंधुआ मज़दूर कहे जाने की निंदा की। मंत्रालय ने इस शब्दावली को बेहद अपमानजनक बताया और कहा कि इसमें दर्दनाक ऐतिहासिक और औपनिवेशिक दौर की यादें जुड़ी हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन टिप्पणियों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इकोसिस्टम में भारतीय पेशेवरों के योगदान को नज़रअंदाज़ किया गया है, जबकि टैलेंट मोबिलिटी (प्रतिभाओं की आवाजाही) से दोनों देशों को फ़ायदा होता है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा हमने इस संदर्भ में अमेरिकी उपराष्ट्रपति की कुछ टिप्पणियाँ भी देखी हैं। हमारा मानना है कि ऐसी बातें अनुचित हैं और इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती हैं कि अमेरिका में भारतीय पेशेवर वहाँ की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इकोसिस्टम में उच्च शिक्षित और कुशल योगदानकर्ता हैं।
इसे भी पढ़ें: Microsoft निलंबन पर भड़कीं Pramila Jayapal, बोलीं कानूनी प्रवासन व्यवस्था को बर्बाद कर रहा ट्रंप प्रशासन
बयान में कहा गया असल में अमेरिका का इतिहास उन अप्रवासियों की पीढ़ियों ने बनाया है जिनकी मेहनत, उद्यम और इनोवेशन ने देश की तरक्की और खुशहाली में योगदान दिया है। ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल करना, जो दर्दनाक ऐतिहासिक और औपनिवेशिक विरासत की याद दिलाती हो, बेहद अपमानजनक है।" यह बयान तब आया जब वेंस ने गुरुवार को वीज़ा धोखाधड़ी पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए H-1B वीज़ा पर काम करने वालों को "बंधुआ मज़दूर" कहा और विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनियों पर अमेरिकी कर्मचारियों की मज़दूरी कम करने का आरोप लगाया। वेंस ने कहा, "अगर आप अमेरिका में H-1B वीज़ा पर काम कर रहे हैं, तो आप उसी पद पर काम करने वाले अमेरिकी नागरिक की तुलना में $20,000 कम कमा रहे हैं। अगर आपको इनमें से किसी विदेशी आउटसोर्सिंग कंपनी ने यहां बुलाया है, तो आप इसी तरह के पद पर काम करने वाले अमेरिकी नागरिक की तुलना में $48,000 कम कमा रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: Microsoft ने दी सफाई, H-1B Visa के 80 फीसदी आवेदन पुराने स्टाफ के लिए थे
उन्होंने आगे कहा, "मुझे यकीन है कि यहाँ मौजूद हर कोई समझता है कि यह कैसा खेल चल रहा है। आप देश के बाहर से बंधुआ मज़दूरों जैसे लोगों को लाते हैं, अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकालते हैं और अगर आप एक कॉर्पोरेशन हैं, तो अमेरिकी कर्मचारियों की मज़दूरी कम करके और उनकी जगह ऐसे लोगों को रखकर बहुत सारा पैसा कमाते हैं, जिन्हें असल में अमेरिका में होना ही नहीं चाहिए।" इसके अलावा, कुछ कंपनियों के लिए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) प्रोग्राम से जुड़े अमेरिकी श्रम विभाग के फ़ैसले पर बात करते हुए, विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ़ किया कि PERM, H-1B वीज़ा प्रोग्राम से अलग है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Asianetnews
prabhasakshi











