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AI ने दिलाई TCS को रफ्तार, शेयर 5% से ज्यादा उछलकर ₹2,193 पर पहुंचा, Infosys-Wipro-HCL भी चढ़े

TCS Share Price Today: भारतीय IT कंपनी के शेयरों में शुक्रवार 9 अक्टूबर को बड़ी तेजी देखी गई. ऐसा देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के AI रेवेन्यू में तेज बढ़ोतरी की वजह से हुआ. इस तेजी से साफ पता चलता है कि इन्वेस्टर पारंपरिक IT सर्विसेज में मंदी के बजाय नई टेक्नोलॉजी को अपनाने पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं.

TCS का स्टॉक कितना बढ़ा?

इस सेक्टर में तेजी के सबसे बड़े ड्राइवर TCS के शेयर थे. ट्रेडिंग के दौरान, स्टॉक 5.6% बढ़कर ₹2,193 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. इंट्राडे हाई का मतलब है उस दिन स्टॉक की सबसे ज्यादा कीमत. सुबह 10:18 बजे तक, स्टॉक 5.2% बढ़कर ₹2,183 पर ट्रेड कर रहा था. TCS में इस तेजी ने मार्केट सेंटीमेंट को हवा दी, जिससे निफ्टी IT इंडेक्स 2.5% ऊपर चला गया.

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दूसरी IT कंपनियों को भी सपोर्ट मिला

TCS की बढ़त का असर पूरे सेक्टर पर पड़ा. सुबह की ट्रेडिंग में विप्रो, इंफोसिस और HCL टेक्नोलॉजीज के शेयर 1.5% से 3% तक बढ़त के साथ दिखे. इन्वेस्टर अब जेनरेटिव AI के जमाने में इन लीडिंग इंडियन टेक कंपनियों की ग्रोथ की संभावनाओं का फिर से मूल्यांकन कर रहे हैं.

AI ग्रोथ का नया इंजन बना

मार्केट की खुशी का मुख्य कारण TCS का AI से जुड़ा परफॉर्मेंस है. जुलाई-सितंबर तिमाही में, कंपनी का सालाना AI रेवेन्यू पिछली तिमाही की तुलना में लगभग 20% बढ़कर $3.1 बिलियन तक पहुंच गया. सालाना रेवेन्यू का मतलब है पूरे साल में एक तिमाही की कमाई का कैलकुलेशन. यह आंकड़ा दिखाता है कि दुनिया भर की कंपनियां अपने ऑपरेशन में मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन को इंटीग्रेट करने के लिए AI-बेस्ड सर्विसेज़ की मांग तेजी से कर रही हैं.

एनालिस्ट क्या कहते हैं?

इंडस्ट्री एनालिस्ट के अनुसार, ये आंकड़े साबित करते हैं कि पिछले कुछ सालों में भारतीय कंपनियों द्वारा क्लाउड और AI क्षमताओं में किए गए भारी इन्वेस्टमेंट का फायदा मिल रहा है. इन नई टेक्नोलॉजी से TCS का भारी रेवेन्यू दूसरी घरेलू सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए एक मॉडल बन सकता है. इसका मतलब है कि भारतीय IT कंपनियां पुराने मेंटेनेंस के काम से आगे बढ़कर ज्यादा वैल्यू वाली टेक कंसल्टिंग की ओर बढ़ सकती हैं.

लेकिन पुराना बिजनेस अभी भी सुस्त है

अर्निंग्स रिपोर्ट में तस्वीर के दो पहलू दिखाए गए हैं. जहां AI सेगमेंट तेजी से बढ़ा, वहीं कंपनी का पुराना बिजनेस सतर्क रहा. पिछली तिमाही की तुलना में कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में टोटल रेवेन्यू सिर्फ 0.5% बढ़ा. कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ तब होती है जब डॉलर-रुपये के उतार-चढ़ाव का असर हटाने के बाद असली ग्रोथ को मापा जाता है.

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डील वैल्यू भी कमजोर रही

तिमाही के दौरान कंपनी द्वारा साइन की गई डील्स की टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) $9.6 बिलियन थी, जबकि पिछले साल इसी समय में यह $10 बिलियन थी. इससे पता चलता है कि ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता के बीच क्लाइंट्स अपने लंबे समय के वैकल्पिक खर्च को लेकर सतर्क हैं.

असली मुश्किल क्या है?

इन अलग-अलग आंकड़ों ने इन्वेस्टर्स के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. असली चुनौती यह है कि ये बड़ी कंपनियां अपनी पुरानी सर्विसेज में गिरावट को कैसे संभालती हैं. जैसे-जैसे AI रूटीन कोडिंग, मेंटेनेंस और सपोर्ट टास्क को ऑटोमेट करता है, पारंपरिक IT सर्विसेज पर बढ़ते प्राइसिंग प्रेशर और घटती डिमांड का रिस्क बढ़ रहा है. लंबे समय तक प्रॉफिट बनाए रखने के लिए, इन कंपनियों को अपने AI बिज़नेस को इतनी तेजी से बढ़ाना होगा कि वे पुराने मॉडल की कमजोरियों को दूर कर सकें.

इन्वेस्टर्स ने किस पर दांव लगाया?

शुक्रवार के मार्केट रिएक्शन से पता चलता है कि वॉल स्ट्रीट और वॉल स्ट्रीट दोनों ही अभी भविष्य पर दांव लगाने को तैयार हैं. इन्वेस्टर्स पुराने रेवेन्यू में मौजूदा मंदी को नजरअंदाज कर रहे हैं और उन कंपनियों को फायदा दे रहे हैं जो टेक्नोलॉजी के नए, ज्यादा महंगे एरिया में सफल हो रही हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.

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कौन सी 4 टीम वनडे वर्ल्ड कप 2027 के सेमीफाइनल में बनाएंगी जगह, ये बड़ी टीम हुई रेस से बाहर

ODI World Cup 2027 : आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की शुरुआत 2 अक्टूबर से होने वाली है. इस बार 21 नवंबर 2027 तक साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के मेजबानी में वर्ल्ड कप खेला जाएगा. इस वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम बतौर डिफेंडिंग चैंपियन उतरेगी, जिसने साल 2023 में भारत में हुए वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम रोहित शर्मा की कप्तानी वाली इंडियन क्रिकेट टीम को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में हराकर चैंपियन बनी थी. अब वनडे वर्ल्ड कप 2027 में इंडियन क्रिकेट टीम अपने खिताब को डिफेंड करने उतरेगी.

वहीं इंडियन क्रिकेट टीम भी इस बार वनडे वर्ल्ड कप 2027 में बतौर फाइनलिस्ट उतरेगी और उसके ऊपर भी दमदार प्रदर्शन कर ट्रॉफी अपने नाम करने का मौका होगा. टीम इंडिया ने आखिरी बार 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीता था. ये रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का अंतिम वनडे वर्ल्ड कप होने वाला है. ऐसे में इंडियन क्रिकेट टीम भी चैंपियन का तमगा हासिल करने चाहेगी. 

कौन होंगी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टॉप-4 टीमें

इस सबके बीच अक्सर फैंस के मन में सवाल आता है कि, आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टॉप 4 टीमें कौन सी होंगे. तो आज फैंस के इस सवाल का जवाब हम आपको नहीं देने वाले हैं, बल्कि इस सवाल का जवाब खुद ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेट और कप्तान एरोन फिंच ने दे दिया है. उन्होंने साउथ अफ्रीका की डिजिटल क्रिएटर थंजा वूर के साथ बात करते हुए वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टॉप-4 टीमों चुन लिया है. 

एरोन फिंच ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टॉप 4 टीमों में इंडिया, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड को चुना है. भारतीय टीम इस समय काफी मजबूत है, ऐसे में वो सेमीफाइनल में जगह बना सकती है. वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है. ऐसे में उनका सेमीफाइनल में पहुंचाना भी लगभग तय है. होम टीम साउथ अफ्रीका को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलेगा. वो भी सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर सकती है. इंग्लैंड की टीम के पास भी अनुभवी और बेहतरीन क्रिकेटर्स का पूल है, तो इंग्लैंड भी सेमीफाइनल में एंट्री मार सकती है.

कौन थी 2023 वनडे वर्ल्ड कप की टॉप-4 टीमें 

भारत में खेले गए पिछले वनडे वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल में जगह भारत, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका ने जगह बनाई थी. इस वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की टीम को टॉप-4 में एंट्री नहीं मिली थी. अब एरोन फिंच ने पिछले वनडे वर्ल्ड कप की सेमीफाइनलिस्ट टीम को बाहर कर दिया है. उन्होंने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी टॉप-4 टीम चुनते समय न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को बाहर कर दिया है. न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम भी दुनिया की सबसे मजबूत और खतरनाक वनडे टीमों में से एक है. ऐसे में उनको वनडे वर्ल्ड कप 2027 से बाहर करना क्या सही फैसाला है. ये तो आप क्रिकेट फैंस ही बता सकते हैं.  

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  Sports

T20I में 50 छक्के जड़कर Ishan Kishan बने तीसरे खिलाड़ी, Suryakumar Yadav की सूची में एंट्री

भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज ईशान किशन इन दिनों टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने बल्ले से खूब धमाल मचा रहे हैं। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने केवल 22 गेंदों पर 43 रन बनाकर एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली। अपनी पारी में ईशान ने 6 चौके और 2 छक्के लगाए। उनके इन छक्कों के साथ ही साल 2026 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके छक्कों की संख्या 51 हो गई है।

ईशान किशन अब किसी एक कैलेंडर वर्ष में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 50 या उससे ज्यादा छक्के लगाने वाले टेस्ट खेलनेवाले देशों के लिस्ट में तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले सूर्यकुमार यादव और अभिषेक शर्मा यह कारनामा कर चुके हैं। खास बात यह है कि अभिषेक शर्मा ने 2025 और 2026, दोनों वर्षों में यह उपलब्धि हासिल की है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में ईशान ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की। उन्होंने संजू सैमसन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए केवल 43 गेंदों में 97 रन जोड़े। संजू सैमसन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 41 गेंदों पर 82 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की तेज पारियों ने भारतीय पारी को मजबूती दी और दर्शकों को कई बड़े शॉट देखने को मिले।

बता दें कि सूर्यकुमार यादव ने साल 2022 में भारत की ओर से 31 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलते हुए 68 छक्के लगाए थे। वहीं, अभिषेक शर्मा ने साल 2025 में 21 मुकाबलों में 54 छक्के जड़े थे। इस साल भी उनका बल्ला जमकर चल रहा है और वह अब तक 63 छक्के लगा चुके हैं। ऐसे में ईशान किशन की 51 छक्कों की उपलब्धि उन्हें इस खास सूची में शामिल करती है।

साल 2026 में ईशान ने इंग्लैंड के खिलाफ 6, न्यूजीलैंड के खिलाफ 5, जिम्बाब्वे के खिलाफ 4 और अफगानिस्तान के खिलाफ 3 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इन टीमों के खिलाफ उन्होंने क्रमशः 5, 20, 5 और 3 छक्के लगाए हैं। उनके कुल 51 छक्कों में से 36 छक्के भारतीय मैदानों पर आए हैं। इससे घरेलू परिस्थितियों में उनके आक्रामक खेल का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ईशान किशन ने 2026 के टी20 विश्व कप में भी भारत के लिए अहम योगदान दिया था। उन्होंने टूर्नामेंट के सभी 9 मुकाबले खेले और कुल 317 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 33 चौके और 18 छक्के निकले। विश्व कप में उनके प्रदर्शन ने भारतीय टीम की बल्लेबाजी को मजबूती दी और बड़े मुकाबलों में तेजी से रन बनाने की उनकी क्षमता को दिखाया।

गौरतलब है कि टी20 क्रिकेट में छक्के लगाना केवल ताकत का खेल नहीं है, बल्कि सही समय पर गेंद को समझना और जोखिम का आकलन करना भी जरूरी होता है। ईशान किशन की लगातार बड़ी हिट लगाने की क्षमता उन्हें भारतीय टीम के लिए उपयोगी बल्लेबाज बनाती है। साल 2026 में 51 छक्के पूरे करने के बाद अब उनकी नजर अपने इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और सूर्यकुमार यादव तथा अभिषेक शर्मा के आंकड़ों के करीब पहुंचने पर होगी।

Fri, 09 Oct 2026 21:54:00 +0530

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