INDIA गठबंधन के मार्च से पहले Delhi में 20000 सुरक्षाकर्मी तैनात
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्तक्षेप की मांग के संबंध में इंडिया गठबंधन के शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन तक प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्य दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 20,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने भी शनिवार को कुमार के खिलाफ एक और विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। संसद, कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और अन्य संवेदनशील स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।
पुलिस टीमें संभावित भीड़ जमा होने वाले स्थानों और राष्ट्रपति भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर कड़ी नजर रख रही हैं। प्रमुख सड़कों पर तैनात करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को बुलाया गया है। रणनीतिक बिंदुओं पर नाके और बैरिकेड लगाए गए हैं।
पुलिस ने लोगों से अपनी यात्रा की योजना बनाते समय यातायात परामर्शों का पालन करने का आग्रह किया है, क्योंकि मध्य दिल्ली में कई सड़कों पर प्रतिबंध या उन पर मार्ग परिवर्तन लागू किए गए हैं।
Delhi Police ने 2 अक्टूबर से दर्ज कीं 25 FIR, Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi पर केस
सूत्रों ने पुष्टि की है कि 2 अक्टूबर से राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी लगभग 25 FIR दर्ज की गई हैं। इन मामलों में सार्वजनिक संपत्ति में तोड़-फोड़, मारपीट, पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप शामिल हैं। ये मामले नई दिल्ली ज़िले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन से संबंधित हैं। शिकायतों में कई नेताओं के नाम शामिल हैं, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी हैं।
इसे भी पढ़ें: Delhi Police की पत्रकारों को नसीहत: Protest Coverage के दौरान बनाकर रखें सुरक्षित Distance
बुधवार को दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA ब्लॉक के अन्य सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की। आरोप है कि मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान वे बिना इजाज़त आकाशवाणी भवन परिसर में घुस गए थे। INDIA ब्लॉक ने संसद भवन से निर्वाचन सदन (निर्वाचन आयोग का मुख्यालय) तक एक मार्च का आयोजन किया था, जिसके लिए कोई आधिकारिक मंज़ूरी नहीं ली गई थी और न ही मिली थी।
पुलिस ने निर्वाचन आयोग कार्यालय के पास मार्च को रोक दिया, जहाँ कई विपक्षी नेताओं और सांसदों ने धरना दिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन में दाखिल हुए और वहाँ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इसके अलावा, अधिकारियों ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर चेतावनी जारी की है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस सृष्टि पांडे ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में धारा 163 लागू है और किसी भी तरह का जमावड़ा गैर-कानूनी माना जाएगा।
इसे भी पढ़ें: Goa में 27 लाख देकर फर्जी अफसर बना शख्स, Excise Department की कुर्सी पर बैठते ही धराया
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन पाबंदियों के लागू रहने के दौरान जंतर-मंतर या किसी भी अन्य जगह पर विरोध प्रदर्शन की इजाज़त नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना इजाज़त जमा होने वाले लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








