स्मृति शेष : 'गंगा मइया' से 'उमरिया कइली तोहरे नाम' तक, जब लता मंगेशकर की आवाज में घुली भोजपुरी की मिठास
मुंबई, 6 फरवरी (आईएएनएस)। स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, मगर हिंदी, मराठी समेत कई अन्य भाषाओं में गाए उनके गाने आज भी उनके खालीपन को भरने की कोशिश करते हैं। स्वर कोकिला की आज पुण्यतिथि है। लता जी ने हिंदी और मराठी के अलावा भोजपुरी सिनेमा को भी अपनी मधुर आवाज से सजाया।
स्मृति शेष : 'गंगा मइया' से 'उमरिया कइली तोहरे नाम' तक, जब लता मंगेशकर की आवाज में घुली भोजपुरी की मिठास
मुंबई, 6 फरवरी (आईएएनएस)। स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, मगर हिंदी, मराठी समेत कई अन्य भाषाओं में गाए उनके गाने आज भी उनके खालीपन को भरने की कोशिश करते हैं। स्वर कोकिला की आज पुण्यतिथि है। लता जी ने हिंदी और मराठी के अलावा भोजपुरी सिनेमा को भी अपनी मधुर आवाज से सजाया।
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