Tamil Nadu Bypolls: Dharapuram में AIADMK आगे, Madurantakam में TVK को बढ़त
चेन्नई, नौ अक्टूबर तमिलनाडु में छह अक्टूबर को हुए उपचुनाव की मतगणना शुक्रवार को जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शुरुआती दौर में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) से पिछड़ रही अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने धारापुरम सीट पर बढ़त बना ली, जबकि मदुरांतकम सीट पर वह द्रमुक को पछाड़कर दूसरे स्थान पर आ गई। पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सत्तारूढ़ ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) लगातार कांग्रेस और द्रमुक प्रत्याशियों से आगे है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, तमिलनाडु में ईवीएम में दर्ज मतों की शुरुआती गिनती में दोनों सुरक्षित सीट पर सत्तारूढ़ टीवीके को शुरुआती बढ़त मिलने के संकेत मिले थे।
हालांकि, तीन दौर की मतगणना के बाद धारापुरम सीट पर अन्नाद्रमुक की के. भानुमति 8,244 वोट हासिल कर शीर्ष पर पहुंच गईं, जबकि टीवीके उम्मीदवार पी. सत्यभामा 7,434 मत के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गईं। द्रमुक की एस. सुगन्या 6,158 मत के साथ तीसरे स्थान पर पिछड़ रही थीं। वहीं, मदुरांतकम सीट पर टीवीके उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल लगातार अपनी बढ़त बनाए हुए हैं।
दूसरे स्थान पर अन्नाद्रमुक की कनिथा संपत आ गई हैं, जबकि द्रमुक के आई. परंथामन तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। मदुरांतकम में दूसरे दौर की गिनती तकनीकी खराबी के कारण थोड़ी देर के लिए रुक गई थी, जिसे बाद में फिर शुरू कराया गया। पुडुचेरी के थट्टानचावाडी क्षेत्र में दो दौर की मतगणना के बाद सत्तारूढ़ एआईएनआरसी प्रत्याशी अशोक आनंद 6,950 वोट लेकर बढ़त बनाए हुए हैं।
यहां कांग्रेस के ई. विनायगम 2,392 मत और द्रमुक के के. सेथु सेल्वम 1,534 वोट के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी के उपचुनाव न केवल सत्तारूढ़ टीवीके और एआईएनआरसी सरकारों के लिए, बल्कि विपक्षी दलों के लिए भी बेहद अहम माने जा रहे हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों के मौजूदा विधायकों के इस्तीफे के कारण उपचुनाव कराने पड़े।
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने मण्गलम सीट बरकरार रखते हुए थट्टानचावाडी सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा।
Kerala High Court ने CMRL रिश्वत मामले में Pinarayi Vijayan पर FIR दर्ज करने का दिया आदेश
(फाइल फोटो के साथ जारी) कोच्चि, नौ अक्टूबर केरल उच्च न्यायालय ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित रिश्वत मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का शुक्रवार को आदेश दिया। न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने अधिवक्ता के. एम. शाहजहां की याचिका स्वीकार कर ली। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि पुलिस को प्रवर्तन निदेशालय की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों पर प्रारंभिक जांच करने के बजाय प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए।
अदालत का विस्तृत फैसला अभी नहीं मिल सका है। ईडी ने अदालत में दावा किया था कि राज्य पुलिस को सौंपी गई उसकी रिपोर्ट के आधार पर विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और वीणा के पति पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है। ईडी ने दलील दी थी कि उसकी रिपोर्ट को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट माना जा सकता है और इसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।
हालांकि, राज्य सरकार ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा था कि एजेंसी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पर्याप्त नहीं है और इसके लिए प्रारंभिक जांच जरूरी है। केरलम में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने हाल में ईडी के उस पत्र के आधार पर पुलिस जांच का आदेश दिया था जिसमें राज्य पुलिस प्रमुख से विजयन, वीणा और रियास के खिलाफ जांच कराने को कहा गया था। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपनी जांच और छापेमारी के दौरान जुटाए गए ‘‘सबूतों’’ के आधार पर मामला दर्ज करने की मांग की है।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि सीएमआरएल ने ‘‘सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) परामर्श सेवाओं’’ की आड़ में वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को फर्जीवाड़ा करके 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
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