Assam की नगांव Lok Sabha सीट पर उपचुनाव की मतगणना शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गुवाहाटी, नौ अक्टूबर असम की नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए शुक्रवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतों की गिनती शुरू हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मतगणना की प्रक्रिया सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती के साथ शुरू हुई, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में दर्ज मतों की गिनती की जाएगी।
मतगणना दो केंद्रों डॉसन उच्चतर माध्यमिक स्कूल और राजकीय बाल विद्यालय में की जा रही है, जहां प्रत्येक केंद्र पर 14-14 मेज लगाई गई हैं। दोनों केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, और सभी उम्मीदवारों तथा राजनीतिक दलों को किसी भी प्रकार का जुलूस निकालने से पहले जिला प्रशासन से अनुमति लेने के निर्देश दिए गए हैं। इस उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी देवाशीष शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक शिवमोनी बोरा तथा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच है।
यह सीट कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई है। बोरदोलोई ने इस वर्ष के अंत में इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर दिसपुर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी।
बजरंग दल के 42 साल पूरे, VHP प्रवक्ता Vinod Bansal बोले- सेवा और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध
नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बृहस्पतिवार को कहा कि बजरंग दल के 42 वर्ष पूरे होने के साथ ही संगठन अपने ‘‘सेवा, सुरक्षा और संस्कार’’ के मूलमंत्र को लेकर प्रतिबद्ध रहा है। बंसल ने एक लेख में कहा कि बजरंग दल का गठन 1984 में विहिप के युवा संगठन के रूप में किया गया था और शुरुआत में इसका उद्देश्य अयोध्या में राम-जानकी रथ यात्रा को सुरक्षा प्रदान करना था। उन्होंने कहा कि बाद में संगठन ने राम मंदिर आंदोलन के लिए हिंदू युवाओं को लामबंद करना शुरू किया और विभिन्न अन्य अभियानों में भी शामिल रहा।
बंसल के अनुसार बजरंग दल रक्तदान, पौधारोपण, एंबुलेंस सेवाएं तथा दुर्घटनाओं, आपदाओं और महामारी के दौरान आपातकालीन राहत कार्य करता है। उन्होंने कहा कि संगठन अमरनाथ और बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्राओं तथा राम सेतु अभियान समेत धार्मिक यात्राओं और सामाजिक लामबंदी कार्यक्रमों में भी शामिल रहा है। बंसल ने कहा कि बजरंग दल ने हिंदू धार्मिक स्थलों, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी काम किया है।
उन्होंने कहा कि संगठन के सामने धर्मांतरण, गोहत्या, ‘‘लव जिहाद’’, आतंकवाद, जनसांख्यिकीय असंतुलन तथा संस्कृति और मूल्यों के क्षरण जैसी चुनौतियां हैं। बंसल ने कहा कि ‘‘सेवा, सुरक्षा और संस्कार’’ संगठन के मार्गदर्शक सिद्धांत बने हुए हैं।
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