सिद्धू बोले- मैं श्मशान घाट से सिक्के चुराता था:जलेबी के लिए पैसे कम पड़े तो दोस्तों संग गया; कपिल शर्मा शो में किस्सा सुनाया
पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कपिल शर्मा के शो में अपने बचपन का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि यह बात करीब 1973-74 की है, जब उनके पिता उन्हें दूध-जलेबी खाने के लिए 25 पैसे यानी चवन्नी दिया करते थे। उन्होंने कहा कि कई बार ज्यादा जलेबी खाने का मन करता था। हमें पता चला कि श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के समय लोग चवन्नी, अठन्नी और दूसरे सिक्के छोड़ जाते हैं। इसके बाद मैं दोस्तों के साथ रात में श्मशान घाट जाता था और वहां पड़े सिक्के इकट्ठे करके उन पैसों से दूध-जलेबी खाता था। सिद्धू ने कहा कि कुछ समय बाद पंडित को इसकी जानकारी हो गई और उन्होंने हमें सिक्के उठाने से रोक दिया। बाद में पंडित खुद ही वहां पड़े सिक्के इकट्ठे करने लगे। कपिल के शो में सिद्धू ने किस्सा सुनाया नेटफ्लिक्स पर शनिवार को प्रसारित हुए एपिसोड में फिल्म ‘द वावन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की स्टारकास्ट कपिल शर्मा के शो में पहुंची। इस दौरान सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया समेत फिल्म की पूरी स्टारकास्ट मौजूद रही। शो के दौरान कपिल शर्मा ने नवजोत सिंह सिद्धू से पूछा कि क्या वह भूत-प्रेत में विश्वास करते हैं। इस सवाल के जवाब में सिद्धू ने अपने बचपन का एक किस्सा सुनाया। सिद्धू ने पोती का वीडियो शेयर किया 5 अक्टूबर को पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पोती आर्या सिद्धू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू पहली बार पोती से बात करती नजर आ रही हैं। वहीं, सिद्धू अपने मजाकिया अंदाज में नजर आए। वीडियो में नवजोत कौर नन्हीं आर्या से आंखें खोलने के लिए कहती हैं। इस पर नवजोत सिंह सिद्धू मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “ये कोई नवजोत सिद्धू थोड़ी है, जो तुम्हारी बात मानेगा।” उनके इस अंदाज से माहौल खुशनुमा हो जाता है। 1 अक्टूबर को दादा बने सिद्धू सिद्धू के बेटे करण सिद्धू और बहू इनायत रंधावा 1 अक्टूबर को बेटी आर्या के माता-पिता बने थे। पोती के जन्म के बाद सिद्धू ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की थी। इससे पहले भी सिद्धू ने पोती का एक वीडियो शेयर किया था। इसमें वह आर्या के पैरों को चूमते नजर आए थे। उन्होंने इस पल को माता पार्वती का आशीर्वाद बताया था। सिद्धू को बचपन से क्रिकेट के प्रति जुनून 20 अक्टूबर 1963 को पटियाला, पंजाब में जन्मे नवजोत सिंह सिद्धू का बचपन क्रिकेट के जुनून में बीता। उनके पिता भगवंत सिंह खुद एक मशहूर क्रिकेटर थे, जिनसे सिद्धू ने क्रिकेट का पहला पाठ सीखा। सिद्धू ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पटियाला के यदविंद्र पब्लिक स्कूल से की। पढ़ाई के साथ-साथ उनका मन हमेशा क्रिकेट के मैदान में रमता रहा। कॉलेज पहुंचने तक सिद्धू की पहचान एक होनहार बल्लेबाज के रूप में हो चुकी थी। आगे चलकर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाकर देश का नाम रोशन किया। कॉलेज की मोहब्बत- नवजोत कौर सिद्धू की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। कॉलेज के दिनों में वह नवजोत कौर से पहली नजर में ही प्यार करने लगे थे। वे घंटों कॉलेज के बाहर धूप में सिर्फ उन्हें देखने खड़े रहते थे। नवजोत कौर उस समय एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं। दोनों के बीच धीरे-धीरे दोस्ती हुई और वक्त के साथ रिश्ता गहराता चला गया। लंबे इंतजार और समर्पण के बाद सिद्धू ने उन्हें प्रपोज किया। शादी से पहले सिद्धू ने नवजोत कौर की जन्मपत्री मिलवाई और जब 36 में से पूरे 36 गुण मिले तो दोनों ने शादी कर ली। चुनाव हारने के बाद राजनीति से दूरी बनाई नवजोत सिंह सिद्धू साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में अमृतसर पूर्व सीट से अपनी हार और कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद से ही सक्रिय राजनीति से दूर हैं। उनकी इस दूरी का मुख्य कारण चुनाव के बाद पंजाब कांग्रेस में उनकी सांगठनिक उपेक्षा, शीर्ष राज्य नेतृत्व के साथ मतभेद और दिसंबर 1988 के रोड रेज मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिली एक साल की जेल की सजा (मई 2022 से अप्रैल 2023) रही है। जेल से रिहा होने के बाद उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के स्टेज-4 कैंसर के इलाज और देखभाल के चलते उन्होंने अपना पूरा ध्यान परिवार पर केंद्रित कर लिया। फरवरी 2026 में उनकी पत्नी को कांग्रेस विरोधी बयानों के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने 'भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी' बना ली, लेकिन सिद्धू खुद कांग्रेस और सक्रिय राजनीति दोनों से दूर बने हुए हैं। श्राद्ध के बाद राजनीति में सक्रिय होने की चर्चा नवजोत सिंह सिद्धू फिलहाल राजनीति से दूर हैं। हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चा है कि श्राद्ध खत्म होने के बाद वह फिर राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। कुछ जगहों पर उनके पार्टी बदलने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। ************ ये खबर भी पढ़ें… नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घर बांटे: अमृतसर वाला बेटी को, पटियाला वाला पुश्तैनी मकान बेटे को दिया; गृह प्रवेश के फोटो पोस्ट किए पंजाब कांग्रेस के नेता व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घरों का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने अमृतसर स्थित मकान को अपनी बेटी राबिया और पटियाला स्थित पुश्तैनी मकान को बेटे करन को दिया है। इस संबंध में उन्होंने एक पोस्ट भी शेयर की। (पढ़ें पूरी खबर)
इनकम टैक्स रेड की खबरों पर भड़कीं रकुल प्रीत सिंह:बोलीं- मेरे ठिकानों पर नहीं हुई छापेमारी; 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स
बॉलीवुड एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर सख्त आपत्ति जताई है, जिनमें उनके ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी का दावा किया जा रहा था। रकुल ने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान जारी कर इन रिपोर्टों को 'झूठा, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण' बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आयकर विभाग की यह जांच या छापेमारी उनसे संबंधित नहीं थी। रकुल प्रीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नोट शेयर कर मीडिया पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि बिना तथ्यों की जांच किए बिना खबरों को सनसनीखेज बनाने का चलन दुखद है। उन्होंने कहा कि वे सभी के सामने सच रखना चाहती हैं कि जिस रेड का जिक्र किया जा रहा है, उसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है। 'आर्म्ड फोर्सेस बैकग्राउंड से हूं, 20 की उम्र से दे रही हूं टैक्स' अपनी सफाई में रकुल ने कहा कि वे एक आर्म्ड फोर्सेस (सशस्त्र बल) बैकग्राउंड से आती हैं और फिल्म इंडस्ट्री में उनका कोई गॉडफादर नहीं रहा है। उन्होंने कड़ी मेहनत से अपना नाम बनाया है और एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर 20 साल की उम्र से ही नियमित रूप से टैक्स जमा कर रही हैं। रकुल ने आगे लिखा कि वे व्यक्तिगत रूप से या किसी भी प्रोडक्शन हाउस के जरिए किसी भी तरह के अवैध विदेशी लेन-देन में शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि देश या विदेश में कहीं भी उनके पास कोई बेनामी संपत्ति नहीं है और न ही वे ऐसे महंगे उपहार स्वीकार करती हैं। 'कमाई के दबाव में किसी की साख न बिगाड़ें' फिल्म फाइनेंसिंग के नाम पर गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए रकुल ने झूठी खबरें छापने वाले मीडिया संस्थानों से अपनी रिपोर्ट्स वापस लेने और सच सामने लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया हाउस चलाने के अपने व्यावसायिक दबाव हो सकते हैं, लेकिन यह किसी के सम्मान, आजीविका और तथ्यों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। 12 ठिकानों पर छापेमारी की खबर थी हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि आयकर विभाग ने रकुल प्रीत सिंह और उनके ससुर व प्रसिद्ध फिल्म निर्माता वासु भगनानी से जुड़े 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। TV9 की रिपोर्ट में कहा गया था कि 28 सितंबर को संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं और फिल्मों के नाम पर विदेश में धन भेजने के आरोपों की जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई थी। हालांकि, इन छापों की खबरों पर वासु भगनानी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। ड्रग्स केस में आया था रकुल के भाई का नाम रकुल प्रीत सिंह का परिवार पहले भी कानूनी विवादों में रह चुका है। दिसंबर 2025 में मुंबई पुलिस ने ड्रग्स केस में रकुल के भाई अमन प्रीत सिंह की तलाश शुरू की थी। ड्रग लॉ एनफोर्समेंट फोर्स और वेस्ट जोन पुलिस ने दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 43 ग्राम कोकीन और 11.5 ग्राम MDMA जब्त किया था। जांच के दौरान आरोप लगा था कि अमन प्रीत सिंह ने उन तस्करों से पांच बार नशीले पदार्थ खरीदे थे। इस मामले में अमन की गिरफ्तारी भी हुई थी। रकुल प्रीत का नाम भी ड्रग्स केस में आ चुका इससे पहले रकुल का नाम भी ड्रग्स केस में आ चुका है। सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस की जांच के दौरान ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर रिया चक्रवर्ती ने पूछताछ में सारा अली खान और रकुल प्रीत का नाम लिया था। रकुल ने उनके नाम का मीडिया कवरेज रोकने के लिए हाईकोर्ट का रुख भी किया था। रकुल के साथ दूसरा विवाद तब जुड़ा था, जब 2022 में ED ने टॉलीवुड ड्रग मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनसे पूछताछ की थी। रामायण में नजर आएंगी रकुल प्रीत सिंह एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह की शादी वाशु भगनानी के बेटे और प्रोड्यूसर जैकी भगनानी से हुई है। रकुल इन दिनों नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण पार्ट 1' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वे शूर्पणखा का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, रवि दुबे लक्ष्मण और यश रावण के रोल में नजर आएंगे। यह फिल्म इस साल दिवाली पर 6 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होना तय है। वाशु भागनानी भी हाल ही विवाद में रहे वाशु भगनानी पूजा फिल्म्स नाम से प्रोडक्शन कंपनी चलाते हैं और वे पैनोरमा स्टूडियोज से भी जुड़े रहे हैं, जिसके बैनर तले 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी जैसी सुपरहिट फिल्में बनी हैं। वाशु भगनानी ने 'कुली नंबर 1' (1995), 'बड़े मियां छोटे मियां' (1998), 'रहना है तेरे दिल में' और 'मिशन रानीगंज' जैसी कई चर्चित फिल्में प्रोड्यूस की हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से वे विवादों में रहे हैं। फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' (2024) के डायरेक्टर अली अब्बास जफर के साथ उनका पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसके अलावा फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के गानों और सीन्स के राइट्स को लेकर भी उनका टिप्स फिल्म्स के साथ कॉपीराइट विवाद हुआ था। ये खबर भी पढ़ें पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। पूरी खबर पढ़ें
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