मैट्रेस-कारपेट बनाने वाली सर्वा फोम IPO लाएगी:सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए, यह PU फोम बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी
देश की सबसे बड़ी रीबॉन्डेड पॉलीयूरेथेन फोम मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर कंपनी सर्वा फोम इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने IPO के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) यानी ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए हैं। कंपनी अपने इस इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के तहत ₹5 फेस वैल्यू वाले शेयर जारी करेगी। इसमें 54,00,000 इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर कुणाल ज्ञानी के 13,50,000 इक्विटी शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। कंपनी बुक-रनिंग लीड मैनेजर के साथ चर्चा करके रेड हरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) फाइल करने से पहले प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकती है। अगर प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पूरा होता है, तो उससे जुटाई गई राशि को फ्रेश इश्यू में से घटा दिया जाएगा। IPO और फंड के इस्तेमाल से जुड़ी बड़ी बातें रीबॉन्डेड पीयू फोम में 33% मार्केट शेयर, ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया तक एक्सपोर्ट साल 2018 में शुरू हुई भोपाल बेस्ड सर्वा फोम इंडस्ट्रीज रीबॉन्डेड पॉलीयूरेथेन फोम की स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरर और ट्रेडर है। कंपनी सर्कुलर-इकोनॉमी बिजनेस मॉडल पर काम करती है, जो पीयू फोम के ट्रिम्स और ऑफ-कट्स को वैल्यू-एडेड रीबॉन्डेड फोम प्रोडक्ट्स में बदलती है। डीएंडबी (DB) रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में करीब 33% अनुमानित मार्केट शेयर के साथ यह भारत में रीबॉन्डेड पॉलीयूरेथेन (PU) फोम की सबसे बड़ी प्लेयर और सबसे बड़ी एक्सपोर्टर कंपनी है। भारत के बाहर कंपनी अपने प्रोडक्ट्स ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कतर और आयरलैंड जैसे देशों में सप्लाई करती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 15,500 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। कंपनी के पास दो विदेशी सब्सिडियरीज भी हैं- सर्वा ग्लोबल वेंचर्स लिमिटेड और इसकी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी सर्वा फोम यूके लिमिटेड, जो इंग्लैंड और वेल्स के कंपनी अधिनियम- 2006 के तहत रजिस्टर्ड हैं। कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे और प्रोडक्ट्स की रेंज कंपनी मेमरी फोम, हाई रेजिलिएंस (HR) रीबॉन्डेड फोम और फायर-रिटार्डेंट फोम जैसे स्पेशलाइज्ड फोम ग्रेड्स बनाती है। इसके रीबॉन्डेड फोम शीट्स 60 kg/m³ से 120 kg/m³ की डेंसिटी रेंज में आते हैं। वहीं रीबॉन्डेड कारपेट अंडरलेज 3.5 मिमी से 11 मिमी की मोटाई (थिकनेस) में अवेलेबल हैं। कंपनी के पास कस्टमर्स की मांग के अनुसार कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स डिलीवर करने की इन-हाउस कैपेसिटी भी हैं। फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू बढ़कर ₹206.12 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹174.84 करोड़ था। NSE और BSE पर लिस्ट होंगे कंपनी के शेयर्स शेयर बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू का बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इश्यू का रजिस्ट्रार है। कंपनी के इक्विटी शेयरों को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और बीएसई लिमिटेड (BSE) पर लिस्ट कराने का प्रस्ताव है। क्या होता है रीबॉन्डेड पीयू फोम और DRHP?
सीएम डॉ मोहन यादव की अपील, SIR को लेकर भ्रम-अफवाहों पर ध्यान ना दें, मतदाता सूची में अपना नाम जरुर जांचें
देश में जारी SIR यानि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन पर चुनाव योग सख्ती दिखा रहा है लेकिन विपक्षी पार्टियाँ इसे अपने हिसाब से देख रही हैं , कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों को लगता है कि चुनाव आयोग एसआईआर के माध्यम से मतदाताओं के नाम काट रहा है और भाजपा को लाभ पहुंचा रहा है इसलिए ये प्रक्रिया बंद होनी चाहिए, हालाँकि चुनाव आयोग इसे कई बार स्पष्ट कर चुका है ये एक सामान्य प्रक्रिया है जो पहले भी हो चुकी है इसमें नया कुछ नहीं है लेकिन विपक्ष का विरोध जारी है उधर इस बीच एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक अपील की है
एसआईआर का मुद्दा चुनाव आयोग से निकल सियासी गलियारों में पहुंचा, राहुल गांधी ने इसे वोट चोरी का हथियार कहा, उनके साथ कई विपक्षी पार्टियाँ खड़ी हो गई, आरोप लगाये जा रहे हैं कि चुनाव आयोग चुन चुन कर विपक्षी पार्टियों के वोट काट रहा है उसने 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम काट दिए हैं ये अब कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के लिए किया जा रहा है मामला सर्वोच्च अदालत भी पहुंचा लेकिन वहां भी विपक्षी पार्टियों को कोइओ बड़ी राहत नहीं मिली लेकिन उनका विरोध लगातार जारी है।
मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदाता सूची अपडेट, पारदर्शी होना जरूरी
इधर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एसआईआर को लेकर एक अपील X पर पोस्ट की है , उन्होंने लिखा – लोकतंत्र की मजबूती में हर जागरूक मतदाता की भागीदारी जरूरी है, लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि मतदाता सूची भी अपडेट, पारदर्शी और विश्वसनीय हो। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है।
पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है
सीएम ने कहा SIR को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। Form 6 और Declaration सहित पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित है। सही जानकारी के लिए सिर्फ निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया पर ही विश्वास करें।
18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं के लिए ये संदेश
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा- मेरा आग्रह है कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी युवा अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं और प्रत्येक नागरिक अपने नाम की भी पुष्टि करे। आइए, अपनी जिम्मेदारी निभाएं और एक विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
Mp Breaking News










