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ब्राजील में राष्ट्रपति लूला हार सकते हैं चुनाव:ट्रम्प के करीबी फ्लाविया बोल्सेनारो पहले दौर में आगे, पिता 27 साल जेल की सजा काट रहे

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा चुनाव हार सकते हैं। 4 अक्टूबर को ब्राजील में पहले दौर की वोटिंग हुई। इसमें राष्ट्रपति लूला, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे से पिछड़ गए। किसी भी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले, इसलिए अब ब्राजील में 25 अक्टूबर को दूसरे दौर की वोटिंग होगी। बोल्सोनारो परिवार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का करीबी माना जाता है। 2022 का चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश के मामले में जायर बोल्सोनारो को करीब 27 साल की जेल की सजा मिली है। लूला को फ्लावियो से 2% कम वोट मिले ब्राजील में आम जनता सीधे राष्ट्रपति के लिए वोट करती है। राष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट मिलने जरूरी हैं। पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47% वोट मिले, जबकि लूला को करीब 45% वोट मिले। चुनाव से पहले आए ज्यादातर सर्वे लूला को बढ़त दिखा रहे थे, लेकिन नतीजों ने तस्वीर बदल दी। दूसरे दौर में बाकी उम्मीदवारों के वोट तय करेंगे किसकी जीत पहले दौर में लूला और फ्लावियो के अलावा 10 और उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। वे चुनाव से बाहर हो गए हैं, लेकिन उन्हें मिले वोट अब भी बहुत मायने रखते हैं। दूसरे दौर में इन्हीं वोटों से तय हो सकता है कि लूला या फ्लावियो में से कौन राष्ट्रपति बनेगा। इनमें रोनाल्डो काइआडो और रेनान सैंटोस के वोट सबसे ज्यादा अहम हैं। दोनों को मिलाकर करीब 53 लाख वोट मिले हैं। अभी दोनों ने यह नहीं बताया है कि वे लूला का साथ देंगे या फ्लावियो का। एक और बड़ी बात यह है कि पहले दौर में करीब 21% लोगों ने वोट ही नहीं डाला। अब दूसरे दौर में यह देखना होगा कि इनमें से कितने लोग वोट डालने आते हैं और किसे वोट देते हैं। पिता जेल में, बेटा राष्ट्रपति बनने की रेस में 45 साल के फ्लावियो बोल्सोनारो इस चुनाव में सिर्फ एक उम्मीदवार नहीं हैं, बल्कि ब्राजील के बोल्सोनारो परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। वे रियो डी जेनेरियो से सीनेटर हैं। उनके पिता जायर बोल्सोनारो जेल में होने की वजह से चुनाव नहीं लड़ सकते। ऐसे में जायर ने अपने बेटे फ्लावियो को 2026 के चुनाव में आगे किया। फ्लावियो 2002 से राजनीति में हैं, लेकिन राष्ट्रपति पद के लिए यह उनका पहला चुनाव है। उन्होंने पिता की कट्टर दक्षिणपंथी छवि को आगे बढ़ाते हुए अपराध पर सख्त कार्रवाई, टैक्स में कटौती और कारोबार को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों को अपने अभियान का हिस्सा बनाया है। चौथी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश में 80 साल के लूला 80 साल के लूला दा सिल्वा चौथी बार ब्राजील की सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका चुनावी दांव गरीबों के लिए किए गए काम और सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर है। वे लोगों को याद दिला रहे हैं कि उनकी सरकार ने गरीब परिवारों को राहत देने के लिए क्या किया। लेकिन इस बार सिर्फ पुरानी योजनाओं के भरोसे काम आसान नहीं है। महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ाई है, वहीं अपराध भी बड़ा चुनावी मुद्दा बना हुआ है। यही वे मुद्दे हैं, जिन पर विपक्ष लूला सरकार को घेर रहा है। संसद में भी मजबूत हुआ बोल्सोनारो खेमा ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के साथ संसद के लिए भी चुनाव हुए। यहां भी जायर बोल्सोनारो के समर्थक दक्षिणपंथी दलों को अच्छी पकड़ मिली है। फ्लावियो बोल्सोनारो की पार्टी लिबरल पार्टी निचले सदन में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टियों में आगे रही। बोल्सोनारो परिवार के दूसरे सदस्य भी चुनाव में जीते। जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो सीनेट पहुंच गई हैं, जबकि उनके बेटे कार्लोस बोल्सोनारो ने भी चुनाव जीत लिया है। यानी अगर लूला दोबारा राष्ट्रपति बनते भी हैं, तो हर फैसले को लागू करना उनके लिए आसान नहीं होगा। संसद में बोल्सोनारो समर्थक सांसदों की बड़ी मौजूदगी उन्हें चुनौती दे सकती है। ब्राजील में चुनाव पर अमेरिका और चीन की नजर ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और BRICS का संस्थापक सदस्य भी है। इसलिए यहां सरकार बदलने का असर सिर्फ देश की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। लूला की सरकार चीन और BRICS देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में उनकी वापसी से इन देशों के साथ मौजूदा रिश्ते और सहयोग जारी रहने की संभावना है। दूसरी तरफ फ्लावियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीब माना जाता है। ऐसे में उनकी जीत से अमेरिका के साथ ब्राजील के रिश्तों में नया बदलाव आ सकता है। यानी इस चुनाव में मुकाबला सिर्फ लूला बनाम फ्लावियो का नहीं है। ब्राजील आगे अमेरिका के करीब जाता है या चीन और BRICS के साथ अपने मौजूदा रिश्तों को और मजबूत करता है, यह इस 25 अक्टूबर को होने वाले चुनाव का नतीजा तय करेगा। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें… अल-कायदा ने फ्लाईदुबई हमले के आरोपी की तारीफ की: कहा- जंग अभी खत्म नहीं हुई, अमेरिकी-इजराइली विमानों पर 9/11 जैसे हमले करो आतंकी संगठन अल-कायदा ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की तारीफ की। पूरी खबर पढ़ें…

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रूस में अज्ञात बीमारी से लैब कर्मचारी की मौत:200 लोग क्वॉरेंटाइन, प्रयोगशाला में जिंदा प्लेग बैक्टीरिया वाली टेस्ट ट्यूब टूटी थी

रूस में 28 साल की महिला कर्मचारी की अज्ञात बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद उसके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है। महिला साइबेरिया के एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करती थी। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, 25 सितंबर को लैब में काम करते समय उससे जीवित जैविक नमूनों वाली एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी। 29 सितंबर को तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। इलाज के दौरान 1 अक्टूबर की रात उसकी मौत हो गई। टेस्ट ट्यूब में क्या था, अभी पता नहीं टेस्ट ट्यूब में किस तरह का जैविक नमूना था, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में इसे प्लेग से जुड़े नमूने से जोड़ा गया है, लेकिन रूसी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं, रूस की स्वास्थ्य एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर ने लैब में किसी टेस्ट ट्यूब के टूटने से साफ इनकार किया है। एजेंसी ने कहा कि महिला के सैंपल में उसके लैब के काम से जुड़े सूक्ष्मजीव नहीं मिले। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने इमरजेंसी मीटिंग की महिला की मौत के बाद सवाल उठ रहा है कि उसे आखिर कौन सा संक्रमण हुआ था। उसे गंभीर निमोनिया था, लेकिन बीमारी की वजह पता नहीं चल सकी। इसके बाद अधिकारियों ने इमरजेंसी मीटिंग की। फिलहाल इसे अज्ञात कारणों वाला निमोनिया माना जा रहा है। निमोनिया वायरस और बैक्टीरिया दोनों से हो सकता है। इसके अलावा कुछ मामलों में फंगस या दूसरे कारण भी हो सकते हैं। सावधानी के लिए लोगों को मास्क पहनने की अपील लैब के पास मौजूद एक एल्युमिनियम फैक्ट्री ने कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर मास्क पहनने को कहा है। फैक्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद इलाके में कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। रूस के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी गेन्नादी ओनिशेंको ने कहा कि फिलहाल यह बीमारी प्लेग लगने की संभावना कम है। उनका कहना है कि अगर प्लेग की पुष्टि भी होती है, तो इसके बड़े पैमाने पर फैलने का खतरा नहीं है। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… सर्वे- ट्रम्प के कामकाज से 70% अमेरिकी संतुष्ट नहीं: मिडटर्म में हार का खतरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी में बगावत के संकेत दिखने लगे हैं। ट्रम्प की लोकप्रियता घट रही है। पूरी खबर पढ़ें…

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  Sports

AFG vs BAN: कप्तान रहमत शाह ने क्रीज पर गाड़ा खूंटा, बांग्लादेश के खिलाफ अफगानिस्तान का पलटवार

Afghanistan Strong reply Bangladesh: अबू धाबी टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक अफगानिस्तान ने अपनी पहली पारी में चार विकेट पर 211 रन बना लिए थे. इससे पहले बांग्लादेश की पहली पारी 346 रन पर सिमट गई थी. अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही और 139 रन तक उसके चार प्रमुख बल्लेबाज आउट हो गए थे. इसके बाद रहमत शाह और इकराम अलीखिल ने मोर्चा संभाला. स्टंप्स के समय रहमत 84 रन बनाकर नाबाद हैं और टीम अभी भी 135 रन पीछे है. Sat, 10 Oct 2026 23:03:13 +0530

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