श्रीगंगानगर में नवविवाहित युवक की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा, प्रेमी संग पत्नी ने ऐसे रची थी साजिश
Rajasthan Crime: राजस्थान के श्री गंगानगर में शाम की सैर के दौरान हुए हादसे में नवविवाहित युवक की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है. पहले इस घटना को हिट-एंड-रन माना जा रहा था, लेकिन अब पुलिस ने खुलासा किया है कि ये घटना कोई हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी. जिसे कथित तौर पर महिला ने ही अपने प्रेमी के साथ अंजाम दिया था.
प्रेमी के साथ रची खौफनाक साजिश
पुलिस ने बताया कि अंजलि कुमार (23) ने अपने पति आशीष कुमार (27) की हत्या इसलिए करा दी क्योंकि उसकी शादी उसकी मर्जी के खिलाफ उसके परिवार ने तय की थी. इस शादी से वह खुश नहीं थी. उसका अफेयर पिछले सात साल से किसी दूसरे युवक से चल रहा था. इस मामले में पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है. बता दें कि आशीष की मौत पिछले शुक्रवार शाम श्री गंगानगर जिले में एक सड़क हादसे में हो गई. शुरुआत में अंजलि ने पुलिस को बताया कि दंपति शाम की सैर पर निकले थे, तभी एक तेज रफ्तार बाइक ने आशीष को पीछे से टक्कर मार दी.
पोस्टमार्टम में सामने आई सच्चाई
सब कुछ उनकी योजना के मुताबिक चल रहा था. हालांकि, पोस्टमार्टम में सच्चाई सामने आई. जिसमें पाया गया कि चोटें सड़क दुर्घटना से मेल नहीं खाती थीं. इसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू हुई और आखिर में अंजलि ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
लंबे समय से चल रहा प्रेम संबंध
पुलिस के मुताबिक, अंजलि और आशीष की शादी पिछले साल अक्टूबर में हुई थी. अंजलि का अफेयर संजय (25) के साथ पिछले सात साल से चल रहा था. श्री गंगानगर की पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान ने बताया, "अंजलि के परिवार को उनके रिश्ते की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने उसकी शादी आशीष कुमार से करवा दी. वह शादी से खुश नहीं थी और इसीलिए उसने हत्या की साजिश रची." पुलिस ने बताया कि चूरू जिले के सादुलशहर के रहने वाले अंजलि और संजय की मुलाकात श्री गंगानगर के रावला स्थित एक कॉलेज में ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान हुई थी और शादी के बाद भी उनका रिश्ता जारी रहा.
हत्या से 16 दिन पहले रची गई साजिश
जांच में पता चला कि हत्या अचानक नहीं की गई थी, बल्कि इसकी अच्छी तरह से योजना बनाई गई थी. पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, अंजलि घटना से 16 दिन पहले सादुलशहर स्थित अपने मायके गई थी, जहां उसने और संजय ने कथित तौर पर आशीष को खत्म करने की योजना को अंतिम रूप दिया था. दोनों ने रोहित और सिद्धार्थ नाम के दो लोगों को भी अपने साथ शामिल किया, जिन्होंने कथित तौर पर हमले से कुछ दिन पहले हत्या स्थल की रेकी की.
पुलिस के मुताबिक, अंजलि अपनी शादीशुदा जिंदगी से नाखुश थी, लेकिन हालात तब बिगड़े जब उसने उच्च शिक्षा के लिए रावला स्थित अपने पुराने कॉलेज में वापस जाने के लिए अपने पति से इजाज़त मांगी. जांच में पता चला है कि अंजलि संजय के साथ रिश्ता रखने के लिए एडमिशन लेना चाहती थी. लेकिन आशीष ने उसे एडमिशन लेने से इनकार कर दिया. आशीष ने अपनी मौत से सिर्फ तीन दिन पहले एक निजी स्कूल में शिक्षक के तौर पर काम शुरू किया था.
कैसे हुई आशीष की हत्या?
हत्या वाले दिन अंजलि कथित तौर पर आशीष को शाम की सैर के बहाने एक सुनसान जगह पर लेकर पहुंची. पुलिस अधिकारी ने बताया कि, "अंजलि ने अपने पति के साथ घर से निकलने से पहले ही संजय को सूचना दे दी थी. जैसे ही वे मौके पर पहुंचे, संजय और उसके साथियों ने आशीष पर लाठियों और डंडों से हमला किया और उसे तब तक पीटा जब तक वह गिर नहीं गया. बेहोश होते ही संजय ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. पोस्टमार्टम में बाद में सिर में गहरी चोट और गला घोंटने के निशान मिले.
हत्या के बाद, अंजलि ने कथित तौर पर हत्या को लूटपाट का रूप देने की कोशिश की. पुलिस ने बताया, "अपराध को लूटपाट का रूप देने के लिए, अंजलि ने आशीष का मोबाइल फोन और अपनी बालियां आरोपियों को सौंप दीं." पुलिस ने आगे बताया कि उसने घटनास्थल के पास बेहोश होने का नाटक किया. अंजलि की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया और कथित बाइकर की तलाश शुरू कर दी, जबकि आशीष के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. लेकिन पोस्टमार्टम में हिट-एंड-रन की थ्योरी गलत साबित हुई. जिससे पूरे मामले की कलई खुल गई.
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कोविड-19 वैक्सीन सुरक्षित, फर्टिलिटी पर नकारात्मक असर नहीं: रिसर्च
नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। क्या कोविड वैक्सीनेशन और प्रजनन क्षमता का आपस में कोई संबंध है? क्या ऐसे किसी टीके से इनफर्टिलिटी की समस्या आती है? हाल ही में इसे लेकर तमाम तरह के दावे किए गए। इस बीच लगभग 60,000 महिलाओं पर की गई एक स्टडी से पता चला है कि कोविड वैक्सीन का प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता है।
कोविड-19 महामारी की शुरुआत से ही, खासकर सोशल मीडिया पर, बिना किसी आधार के अफवाहें फैलीं कि वैक्सीनेशन से गर्भाधान की संभावना कम हो जाती है।
दरअसल, महामारी के बाद के चरणों में, स्वीडन सहित कुछ देशों में पैदा होने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई। इससे यह सवाल उठा कि क्या यह नई वैक्सीन की वजह से हुआ है?
स्वीडन की लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी में सोशल मेडिसिन के प्रोफेसर टॉमस टिम्पका ने कहा, हमारा नतीजा यह है कि इस बात की बहुत कम संभावना है कि कोविड-19 के खिलाफ एमआरएनए वैक्सीन जन्म दर में आई कमी का कारण थी।
कम्युनिकेशंस मेडिसिन जर्नल में ये अध्ययन प्रकाशित किया गया। जिसमें, बच्चों के जन्म और गर्भपात के मामलों में वैक्सीनेटेड और बिना वैक्सीनेटेड महिलाओं के बीच कोई खास अंतर नहीं पाया गया।
टिम्पका ने कहा, हमें जन्म दर में कोई अंतर नहीं दिखा। हमने उन सभी रजिस्टर्ड मिसकैरेज को भी देखा है जो प्रेग्नेंट हुई महिलाओं में हुए, और हमें उन ग्रुप्स के बीच भी कोई अंतर नहीं दिखता।
उनका विश्लेषण स्वीडन में 18 से 45 साल की लगभग 60,000 महिलाओं पर की गई स्टडी पर आधारित है।
इन महिलाओं में से 75 प्रतिशत को 2021 से 2024 तक एक या दो बार कोविड वैक्सीन लगाई गई थी। शोधार्थियों ने हेल्थ केयर रिकॉर्ड से शिशु जन्म, टीकाकरण, गर्भपात और मौतों का डेटा इस्तेमाल किया।
ये नतीजे उन पिछले अध्ययनों पर मुहर लगाते हैं जिनमें कोविड वैक्सीन और फर्टिलिटी के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया था।
खास बात यह है कि इस स्टडी में गर्भाधान और गर्भावस्था की जांच की गई, जबकि ज्यादातर पिछली रिसर्च इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट करवा रहे जोड़ों पर केंद्रित थीं।
शोधकर्ताओं ने कोविड के अलावा दूसरे कारकों को भी ध्यान में रखा जो गर्भाधान को प्रभावित कर सकते थे, जैसे कि उम्र और पहले से मौजूद बीमारी।
कई स्टडीज से पता चला है कि कोविड संक्रमण गर्भवती के लिए खतरनाक हो सकता है, लेकिन वैक्सीनेशन उस जोखिम को काफी कम कर सकता है।
टिम्पका ने कहा, मौजूदा वैज्ञानिक सबूत साफ हैं कि कोविड-19 टीके जो गंभीर बीमारी से सुरक्षा देते हैं, वह संभावित जोखिमों से कहीं ज्यादा है।
टिम्पका ने आगे कहा, जो महिलाएं परिवार शुरू करना चाहती हैं और जो इस बारे में सोच रही हैं कि कोविड-19 शॉट लगवाएं या नहीं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हिचकिचाना नहीं चाहिए।
--आईएएनएस
केआर/
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