ओडिशा में स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा पर फोकस, सीएम माझी ने मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश
भुवनेश्वर, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को जमीनी स्तर पर सामाजिक क्षेत्र के जटिल मुद्दों की पहचान करने, उनकी जांच करने और उनके तेजी से और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत और रचनात्मक मंच की जरूरत पर जोर दिया।
लोक सेवा भवन में प्रायस (प्रायस-परिणाम प्राप्त करने और सामाजिक क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय शासन प्रयास) की एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम माझी ने राज्य सरकार के तीन प्रमुख विभागों स्वास्थ्य और परिवार कल्याण (एचएंडएफडब्ल्यू), महिला और बाल विकास (डब्ल्यूएंडसीडी), और स्कूल और जन शिक्षा (एसएंडएमई) के कामकाज की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा, स्वास्थ्य, पोषण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा - इन तीन क्षेत्रों के माध्यम से ही एक मजबूत समाज का निर्माण किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री माझी ने संबंधित विभागों को इन क्षेत्रों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए और अधिक सक्रिय कदम उठाने का निर्देश दिया, क्योंकि ये क्षेत्र लोगों की बुनियादी जरूरतों से गहराई से जुड़े हुए हैं।
माझी ने बैठक के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को सलाह दी कि वे मातृ मृत्यु दर को जितना हो सके उतना कम करने के लिए कड़े कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री ने विभाग को शिशु मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर को कम करने के मकसद से मिशन मोड में काम करने का निर्देश भी दिया।
उन्होंने खास तौर पर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही बढ़ाने और चिकित्सा केंद्रों पर आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने बच्चों में कुपोषण (जिसमें स्टंटिंग और वेस्टिंग शामिल हैं) के मुद्दे की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन समस्याओं को खत्म करने और माताओं व बच्चों की सेहत सुधारने के लिए सुपोषित ओडिशा मिशन अभियान को और तेज करें।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को दिए जाने वाले खाने और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स की क्वालिटी और उनकी निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
सीएम माझी ने शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान स्कूल और जन शिक्षा विभाग को सलाह दी कि वे प्राइमरी लेवल से ही बुनियादी शिक्षा की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्टूडेंट्स के सीखने के नतीजों को बेहतर बनाने के लिए टीचर्स को पढ़ाने और शिक्षा के मुख्य कामों पर ध्यान देना चाहिए।
इस बैठक में मुख्य सचिव अनु गर्ग, विकास आयुक्त डीके सिंह और तीनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
--आईएएनएस
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NIA कोर्ट ने थाई हथियार तस्कर को सुनाई 6 साल की सजा, NSCN (IM) के अंतरराष्ट्रीय हथियार खरीद नेटवर्क का मामला
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने NSCN (IM) के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की खरीद की साजिश से जुड़े मामले में थाई नागरिक और हथियार तस्कर विली नारुएनार्टवानिच उर्फ मिस्टर वुथिकॉर्न नारुएनार्टवानिच उर्फ विली को 6 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
नई दिल्ली के राउज एवेन्यू जिला न्यायालय स्थित स्पेशल एक्सक्लूसिव कोर्ट-03 फॉर NIA केस ने बुधवार को यह सजा सुनाई. अदालत ने इससे पहले 24 सितंबर 2026 को नारुएनार्टवानिच को दोषी ठहराया था. उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी और 122 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 18 के तहत दोषी पाया गया था.
NSCN (IM) के लिए हथियार खरीद की साजिश
मामला नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (इसाक-मुइवा) यानी NSCN (IM) द्वारा विदेशी स्रोतों से बड़ी मात्रा में घातक हथियार और गोला-बारूद खरीदने की कथित साजिश से जुड़ा है.
जांच के मुताबिक, इन हथियारों का इस्तेमाल संगठन के सशस्त्र कैडरों को मजबूत करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाना था. एजेंसी ने इसे भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयारी से जुड़े कृत्यों का हिस्सा भी बताया था.
2010 में दर्ज हुआ था मामला
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद NIA ने 13 जनवरी 2010 को इस मामले की जांच शुरू की थी. जांच के दौरान सामने आया कि बैंकॉक में रहने वाला थाई कारोबारी और हथियार तस्कर विली नारुएनार्टवानिच इस अंतरराष्ट्रीय हथियार खरीद नेटवर्क में महत्वपूर्ण बिचौलिये और साजिशकर्ता के तौर पर काम कर रहा था.
NIA के अनुसार, वह NSCN (IM) के प्रमुख हथियार खरीदकर्ता एंथनी शिमरे के साथ समन्वय कर रहा था. उसने एक चीनी हथियार और गोला-बारूद कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ हथियारों की खरीद को लेकर बातचीत और सौदेबाजी में भी भूमिका निभाई थी.
करीब 12 लाख अमेरिकी डॉलर की डील
जांच में यह भी सामने आया कि हथियारों की प्रस्तावित खरीद और ट्रांस-शिपमेंट की पूरी व्यवस्था की कीमत करीब 12 लाख अमेरिकी डॉलर थी.
NIA की जांच के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए विदेशी स्रोतों से हथियार और गोला-बारूद हासिल कर उन्हें NSCN (IM) तक पहुंचाने की योजना थी.
अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क पर बड़ा फैसला
विली नारुएनार्टवानिच को मिली सजा NSCN (IM) से जुड़े इस अंतरराष्ट्रीय हथियार खरीद नेटवर्क की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है. मामले में सामने आए विवरण से विदेशी हथियार आपूर्तिकर्ताओं, बिचौलियों और NSCN (IM) के हथियार खरीद नेटवर्क के बीच कथित समन्वय का पता चला था.
NIA की कार्रवाई और अदालत के इस फैसले से विदेशी स्रोतों से हथियार जुटाकर आतंकी गतिविधियों और भारत सरकार के खिलाफ हिंसक गतिविधियों को मजबूत करने की कथित साजिश पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी है.
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