गुरुवायूर मंदिर में परंपरा के मुताबिक होगी उदयास्तमना पूजा, SC ने वृश्चिकम एकादशी पर पूजा की अनुमति दी, अंतिम फैसला बाद में
केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर में होने वाली उदयास्तमना पूजा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा है कि इस साल 21 नवंबर को पड़ने वाली वृश्चिकम एकादशी के दिन यह पूजा मंदिर की पुरानी परंपरा के मुताबिक ही कराई जाए. सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश फिलहाल अंतरिम है और मामले का अंतिम फैसला अभी होना बाकी है.
व्यवस्थाओं से जुड़ी दिक्कतों की बात सामने आई
दरअसल, उदयास्तमना पूजा गुरुवायूर मंदिर की एक खास और लंबे समय से चली आ रही पूजा है. यह पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलती है. मंदिर की परंपरा में इसका खास महत्व माना जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पूजा से जुड़े हुए हैं. मामला तब सामने आया जब मंदिर प्रशासन की ओर से पूजा की तारीख में बदलाव करने का फैसला लिया गया. प्रशासन की ओर से इसकी वजह वृश्चिकम एकादशी के दिन मंदिर में आने वाली भारी भीड़ को बताया गया. इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में पूजा के दौरान मंदिर के गर्भगृह को बंद रखने और बाद में दर्शन के लिए खोलने को लेकर व्यवस्थाओं से जुड़ी दिक्कतों की बात सामने आई.
एकादशी के दिन कराने का विकल्प रखा
मंदिर प्रशासन ने पूजा को मलयालम महीने थुलम की एकादशी के दिन कराने का विकल्प रखा था. लेकिन कुछ श्रद्धालुओं ने इसका विरोध किया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. उनका कहना था कि जिस पूजा का लंबे समय से एक निश्चित परंपरा के तहत आयोजन होता आया है, उसे केवल भीड़ या प्रशासनिक परेशानी के कारण दूसरी तारीख पर नहीं किया जाना चाहिए.
मंदिर प्रशासन के सामने एक दूसरा विकल्प
इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की. कोर्ट ने पूरे मामले को देखते हुए कहा कि 21 नवंबर 2026 को वृश्चिकम एकादशी के दिन उदयास्तमना पूजा मंदिर की परंपरा के अनुसार कराई जाए. हालांकि कोर्ट ने मंदिर प्रशासन के सामने एक दूसरा विकल्प भी रखा है. देवस्वम बोर्ड और तंत्री चाहें तो 22 अक्टूबर को पड़ने वाली थुलम एकादशी के दिन भी यह पूजा करा सकते हैं. यानी सुप्रीम कोर्ट ने परंपरागत तारीख पर पूजा को रोकने की अनुमति नहीं दी है, लेकिन दूसरी तारीख पर पूजा कराने का विकल्प भी खुला रखा है.
श्रद्धालुओं की संख्या का मुद्दा भी सामने आया
सुनवाई के दौरान मंदिर में आने वाली श्रद्धालुओं की संख्या का मुद्दा भी सामने आया. बताया गया कि सामान्य दिनों में करीब 15 हजार श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, जबकि शनिवार और छुट्टी के दिनों में यह संख्या 25 से 30 हजार तक पहुंच सकती है. ऐसे में पूजा के दौरान मंदिर बंद रखने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दर्शन प्रभावित होने की आशंका जताई गई. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस पूरे विवाद पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है. अदालत ने इससे जुड़ी अपील की सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए मामले को दिसंबर के पहले सप्ताह में सुनवाई के लिए लगाने का निर्देश दिया है. यह मामला केरल हाईकोर्ट के दिसंबर 2024 के फैसले से जुड़ा हुआ है.
कोर्ट के ताजा आदेश के बाद फिलहाल इतना साफ है कि इस साल 21 नवंबर को वृश्चिकम एकादशी के दिन गुरुवायूर मंदिर में उदयास्तमना पूजा कराने का रास्ता खुल गया है. हालांकि पूजा की तारीख और इससे जुड़े पूरे विवाद पर अंतिम तस्वीर सुप्रीम कोर्ट के आगे आने वाले फैसले के बाद ही साफ होगी.
'अनुभव का कोई तोड़ नहीं...' कोच सितांशु कोटक ने खोला राज, बताया क्यों हुई टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार की वापसी
Bhuvneshwar Kumar: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद टीम इंडिया में हुई अचानक वापसी ने हर किसी को चौंका दिया था. भुवी की वापसी से फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स काफी खुश हैं. हालांकि, सभी के मन में लगातार यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर टीम इंडिया के सिलेक्टर्स ने क्या सोचकर भुवी को 36 साल की उम्र में दोबारा चुना? अब इस बड़े राज से पर्दा उठ गया है. वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच से पहले भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ-साफ बताया कि जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति, भुवी का लंबा अनुभव और आईपीएल का धमाकेदार फॉर्म ही उनकी वापसी की असली वजह बने हैं.
'अनुभव का कोई तोड़ नहीं होता'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब कोच सितांशु कोटक से भुवनेश्वर कुमार के चयन पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "इस समय जसप्रीत बुमराह टीम के साथ नहीं हैं और हमारे स्क्वाड में कई युवा तेज गेंदबाज खेल रहे हैं. ऐसे में आपको एक अनुभवी गेंदबाज की जरूरत होती है, क्योंकि मैदान पर अनुभव का कोई मुकाबला नहीं कर सकता." कोटक के मुताबिक, युवाओं को गाइड करने और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने के लिए भुवी सबसे सटीक विकल्प हैं.
भुवी ने आईपीएल के पिछले दो सीजनों में मचाया था तहलका
कोच कोटक ने भुवनेश्वर कुमार की वापसी के पीछे उनके हालिया प्रदर्शन को सबसे बड़ा कारण बताया. उन्होंने याद दिलाया कि भुवी ने पिछले दो सालों में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए कमाल की गेंदबाजी की है. भुवी ने आईपीएल 2025 और 2026 को मिलाकर कुल 45 विकेट चटकाए हैं. यह शानदार फॉर्म दिखाता है कि भुवी आज भी पूरी तरह फिट हैं और विरोधी बल्लेबाजों को तहस-नहस करने की ताकत रखते हैं.
SWING KA ASLI SULTAN WAPAS AA RAHA HAI! ????????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) October 8, 2026
After four long years, Bhuvneshwar Kumar is back in Blue, and we can’t wait to see him make the ball talk in New Zealand! ????
Watch #NZvIND, starting 22nd Oct, LIVE on Sony Sports Network TV channels & Sony LIV!#SonySportsNetwork… pic.twitter.com/dhS5Sxg4hM
कीवी पिचों और भुवी की जुगलबंदी
न्यूजीलैंड की पिचों पर तेज गेंदबाजों को अच्छी स्विंग और बाउंस मिलती है. सितांशु कोटक ने कहा, "चयनकर्ताओं को लगा होगा कि न्यूजीलैंड की हरी पिचें, भुवी का पुराना अनुभव और उनका मौजूदा आईपीएल फॉर्म मिलकर एक परफेक्ट कॉम्बिनेशन बनाते हैं." हालांकि, कोच ने यह भी साफ किया कि टीम में शामिल करने का यह आखिरी और अंतिम फैसला पूरी तरह से सिलेक्टर्स का ही था.
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