सीमापुरी हादसा: मलबे में तब्दील चार मंजिला इमारत, मौतों का आंकड़ा 4 पहुंचा, पास के क्षतिग्रस्त ढांचों को गिराएगा MCD
देश की राजधानी के उत्तर-पूर्वी दिल्ली स्थित सीमापुरी इलाके में एक चार मंजिला इमारत ढहने की दर्दनाक घटना के बाद बृहस्पतिवार को भी मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी रहा। इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पास के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए ढांचों को भी अब सावधानीपूर्वक गिराया जाएगा।
शाहदरा उत्तरी क्षेत्र के उपायुक्त अमित कुमार ने बताया, इमारत ढहने के कारण आसपास की इमारतों को भी आंशिक नुकसान हुआ है। हम फिलहाल मलबा हटा रहे हैं और इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों को गिराएंगे। आसपास की इमारतों पर असर न पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए ढांचों को धीरे-धीरे गिराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाके के कारण काम सावधानीपूर्वक किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सफाई कार्य शुक्रवार तक पूरा होने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि चार मंजिला इमारत सड़क पर गिर गई थी, जिससे स्थानीय निवासी और राहगीर दोनों प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, पास की इमारत को पिछले तीन-चार दिनों से वाइब्रेटिंग मशीनों का इस्तेमाल कर गिराया जा रहा था।
इलाके में छोटे प्लॉट और पतली दीवारें होने के कारण इमारतें अक्सर एक-दूसरे को सहारा देती हैं।” उन्होंने कहा कि इमारत ढहने के सटीक कारण का पता मजिस्ट्रेट जांच में चलेगा। इलाके के आम आदमी पार्टी (आप) विधायक वीर सिंह धींगान ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने सात से आठ लोगों की मौत होने की बात कही है।
Jaipur Literature Festival 2026: 20वें संस्करण में Nobel विजेताओं समेत जुटेंगे दिग्गज
नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर नोबेल पुरस्कार विजेता ओल्गा टोकार्जुक और एस्तेर डुफ्लो, लेखिका अवनी दोशी, अनामिका, गीतांजलि श्री और लेखक दामोदर मौजो, पत्रकार संजय हजारिका और उमर अल अक्कड़, वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह तथा उद्यमी किरण मजूमदार-शॉ 14 से 18 जनवरी तक चलने वाले 20वें जयपुर साहित्य महोत्सव (जेएलएफ) में भाग लेने वाले वक्ताओं में शामिल हैं। आयोजकों ने यह घोषणा की। जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होने वाले 20वें संस्करण में साहित्य, विज्ञान, पत्रकारिता, इतिहास, अर्थशास्त्र, कानून, प्रौद्योगिकी, खान-पान, फैशन, संस्कृति और कला जैसे क्षेत्रों के कई जाने-माने लोग शामिल होंगे।
लेखक, इतिहासकार और जेएलएफ के उत्सव सह-निदेशक विलियम डेलरिम्पल ने कहा, ‘‘जेएलएफ के 20 साल पूरे होना एक शानदार उपलब्धि है। यह महोत्सव एक छोटी सी साहित्यिक सभा के तौर पर शुरू हुआ था और अब साहित्य एवं विचारों के दुनिया के सबसे बड़े उत्सवों में से एक बन गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जयपुर महोत्सव की खासियत यह है कि यह अलग-अलग तरह के लोगों को एक साथ लाता है। इसमें जाने-माने साहित्यकारों से लेकर नए लेखक, वैज्ञानिक, इतिहासकार, कलाकार और विचारक शामिल होते हैं, जो भारत तथा दुनिया भर से आते हैं।
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