हिमाचल प्रदेश के 14 जिलों में तापमान 5° से नीचे:यूपी और एमपी में घना कोहरा; तीन दिन बाद पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार
हिमाचल प्रदेश के 14 शहरों में रात का तापमान 5° सेल्सियस या इससे नीचे रिकॉर्ड किया गया है। मैदानी इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी के निचले इलाकों में कोहरा रहेगा। वहीं, उत्तर प्रदेश के 11 और मध्य प्रदेश के 30 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। एमपी में बीते 24 घंटे में ग्वालियर समेत 8 शहरों में पारा 10° से नीचे रहा। उत्तराखंड में भी घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी राज्यों में 9 फरवरी से बर्फबारी हो सकती है। उत्तराखंड में 3000 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में बारिश या बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने से 10 और 11 फरवरी को ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश-बर्फबारी होगी। राज्यों में मौसम की 2 तस्वीरें… अगले 2 दिन का मौसम राज्यों में मौसम का हाल… मध्य प्रदेश: वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म, MP में फिर बढ़ी ठंड, 8 शहरों में पारा फिर 10°C से नीचे वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर खत्म होने से मध्य प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ा है। उत्तरी हवाओं की वजह से दिन में ठिठुरन बढ़ गई है, जबकि रात का टेम्परेचर भी 10 डिग्री से नीचे आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत 8 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं, 30 से ज्यादा जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा छाया रहा। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: फरवरी अंत तक ठंड से राहत नहीं, 10 डिग्री के साथ सीवान सबसे ठंडा बिहार में मौसम सामान्य बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना है, इसका बिहार में असर देखा जा सकता है। फरवरी के दूसरे हफ्ते से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 24 घंटे के दौरान 10.3 डिग्री के साथ सीवान सबसे ठंडा जिला रहा। जबकि मोतिहारी में 10.6 डिग्री, समस्तीपुर में 10.9 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। पटना में न्यूनतम तापमान सबसे अधिक 14 डिग्री रहा। पूरी खबर पढ़ें… उत्तराखंड: पहाड़ों में बर्फीली हवाओं से सर्दी बढ़ेगी, दो दिन बाद उत्तरकाशी समेत 5 जिलों में बारिश-बर्फबारी उत्तराखंड में आज दिनभर मौसम साफ रहेगा। हालांकि, सुबह के समय 5 जिलों में कोहरा दिख सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक सभी जिलों में मौसम साफ ही रहेगा और अच्छी धूप निकलेगी। इस दौरान कहीं भी बारिश या बर्फबारी का अनुमान नहीं है। IMD के अनुसार 9 फरवरी को मौसम में हल्का बदलाव हो सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में बारिश या बर्फबारी हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा: राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का दो दिन आंशिक असर रहेगा, अधिकतम तापमान 25 डिग्री के करीब पहुंचा हरियाणा में आज से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इसका आंशिक प्रभाव हरियाणा में देखने को मिलेगा। इसके कारण कुछ इलाकों में बादल हो सकते हैं। तेज हवा चलने के भी आसार हैं। बीते 24 घंटे में हरियाणा में सबसे ज्यादा तापमान फरीदाबाद में दर्ज किया गया, जहां पारा 24.1°C तक पहुंच गया। हिसार और भिवानी तापमान 23.0°C, अंबाला में 22.0°C, करनाल में 21.8°C और रोहतक में 21.6°C दर्ज किया गया है। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: मैदानी इलाकों में कोहरे का अलर्ट, 14 शहरों में तापमान 5॰C से नीचे गिरा, 10-11 फरवरी को फिर बारिश-बर्फबारी हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिले के निचले इलाकों में कोहरा रहेगा। 14 शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस या इससे भी नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग ने बताया कि 9 फरवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इससे चंबा, लाहौल स्पीति और किन्नौर के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। 10 और 11 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर भागों में अच्छी बारिश-बर्फबारी होगी। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: 11 जिलों में घना कोहरा, हरदोई रहा सबसे ठंडा, पारा 8°C, अगले 2 दिन में फिर बदलेगा मौसम यूपी के मौसम में उतार-चढ़ाव बरकरार है। अभी 11 जिलों में घना कोहरा छाया रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद मौसम साफ हो जाने से पिछले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। यहां हरदोई में तापमान 8°C रहा। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन में मौसम फिर बदलने के आसार हैं। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: आज से चलेगी शीत लहर, पांच दिन मौसम शुष्क रहेगा, फरीदकोट सबसे ठंडा पंजाब और चंडीगढ़ में कड़ाके की ठंड का दौर भले ही बीत चुका हो, लेकिन सर्दी का अहसास अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यहां दो दिनों तक ठंडी हवाएं चलेंगी। 24 घंटे में राज्य के अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। दिन में सबसे अधिक तापमान आनंदपुर साहिब में 24.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान फरीदकोट में 4.8° दर्ज किया गया। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़: रात में 2-3 डिग्री तक गिर सकता है तापमान, अगले सात दिन ऐसा ही बने रहेगा मौसम छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 48 घंटों के भीतर प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले 7 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा। दिन के तापमान स्थिर बने रहने के संकेत हैं, जबकि रातें ठंडी हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…
रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगा नहीं होगा:RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती
इस बार रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। यानी लोन महंगे नहीं होंगे और आपकी EMI भी नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 6 फरवरी को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में लिए फैसलों की जानकारी दी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी, RBI ने दिसंबर में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थीं। RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और वो इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती RBI गवर्नर ने तीन बड़ी बातें बताईं 1. धोखाधड़ी के शिकार ग्राहकों को ₹25,000 तक का मुआवजा रिजर्व बैंक ने एक नया फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत छोटे अमाउंट वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शन में नुकसान झेलने वाले ग्राहकों को ₹25 हजार तक का मुआवजा दिया जाएगा। गवर्नर मल्होत्रा ने कहा- आप सभी जानते हैं कि हाल के दिनों में कई धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन हुए हैं, जिन्हें रोकने के लिए रिजर्व बैंक ने कई कदम उठाए हैं। इसी सिलसिले में हम डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर एक डिस्कशन पेपर भी जारी करने वाले हैं। इन उपायों में क्रेडिट लिमिट की लेयरिंग और बुजुर्गों जैसे खास तरह के यूजर्स के लिए एक्स्ट्रा ऑथेंटिकेशन (सुरक्षा की अतिरिक्त जांच) शामिल हो सकते हैं।" 2. RBI ने GDP अनुमान बढ़ाया 3. FY26 में 2.1% रह सकती है महंगाई दर RBI के मुताबिक महंगाई को लेकर स्थिति फिलहाल राहत भरी है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के लिए रिटेल महंगाई दर 2.1% रहने का अनुमान है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि हालांकि थोड़े समय के लिए कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर महंगाई आरबीआई के तय दायरे के भीतर ही रहेगी। मल्होत्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि महंगाई का दबाव फिलहाल कम है। सिर्फ कीमती धातुओं के मामले में थोड़ा असर दिख रहा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर इनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बाकी ज्यादातर चीजों के लिए कीमतें काबू में है। आगे की योजना को लेकर उन्होंने कहा कि अप्रैल में आने वाले अगले पॉलिसी स्टेटमेंट में आरबीआई पूरे साल के लिए सीपीआई महंगाई दर का अनुमान पेश करेगा। तब तक नई सीरीज के तहत और अधिक डेटा भी उपलब्ध हो जाएगा। हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2025-26 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें हुई। पहली बैठक 7-9 अप्रैल 2025 को हुई थी। रेपो रेट क्या है, इससे लोन कैसे सस्ता होता है? RBI जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक को कम ब्याज पर लोन मिलेगा। बैंकों को लोन सस्ता मिलता है, तो वो अकसर इसका फायदा ग्राहकों को पास कर देते हैं। यानी, बैंक भी अपनी ब्याज दरें घटा देते हैं। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है।
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