Amit Shah का Masterstroke! Delhi से शुरू हुई 'Bharat Taxi', 3 साल में Kashmir तक विस्तार का प्लान
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को देश के पहले सहकारी-संचालित ऑनलाइन कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत की। अभी दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में शुरू होने वाली इस सेवा का अगले तीन साल में देशभर में विस्तार किया जाएगा। शाह ने इस अवसर पर कहा कि अमूल सहित देश की आठ शीर्ष सहकारी संस्थाओं द्वारा स्थापित भारत टैक्सी से चालकों (ड्राइवर) की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और उन्हें इस मंच पर स्वामित्व भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पायलट परीक्षण की सफलता के बाद प्रतिस्पर्धी टैक्सी सेवा प्रदाताओं ने अपने कमीशन घटा दिए हैं और मुफ्त सवारी जैसे प्रोत्साहन भी दिए हैंलेकिन भारत टैक्सी जैसा ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल कोई दूसरा ऑनलाइन कैब सेवा प्रदाता नहीं देता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में भारत टैक्सी सेवा की वाणिज्यिक शुरुआत हो गई है। अगले तीन वर्षों में यह सेवा सभी राज्यों में पहुंच जाएगी।” उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद करीब 1,000 ड्राइवरों को संबोधित करते हुए कहा, “आप ड्राइवर होने के साथ भारत टैक्सी मंच के मालिक भी होंगे।” उन्होंने कहा कि इस मंच पर हर 100 रुपये की कमाई में से 80 रुपये सीधे ड्राइवरों के बैंक खातों में जाएंगे, जबकि 20 रुपये मंच के संचालन के लिए रखे जाएंगे और उस 20 रुपये का स्वामित्व भी ड्राइवरों के पास ही रहेगा। लाभ को ड्राइवरों के साथ साझा भी किया जाएगा।
भारत टैक्सी के माध्यम से कार, तिपहिया और दोपहिया वाहन बुक किए जा सकेंगे। यह मंच बिना किसी कमीशन और व्यस्त समय में भी किराया स्थिर रखने जैसे मूल्य निर्धारण मॉडल पर काम करेगा। इसे विदेशी निवेश-आधारित मंचों का स्वदेशी विकल्प माना जा रहा है। देश में ऑनलाइन टैक्सी बाजार पर फिलहाल उबर, ओला और रैपिडो जैसी गिनी-चुनी कंपनियों का दबदबा है। शाह ने कहा कि तीन वर्षों में भारत टैक्सी सेवा कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक टैक्सी चालकों के लिए एक बड़ा कल्याणकारी माध्यम बनेगी। उन्होंने संकेत दिया कि इस आवाजाही मंच की शुरुआत के बाद सहकारी संस्थाएं आने वाले वर्षों में नए व्यवसायों में भी प्रवेश करेंगी। टैक्सी सेवा से जुड़े ड्राइवरों को इफको-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस के माध्यम से व्यक्तिगत दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। भारत टैक्सी का संचालन ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड करेगी’ जिसका पंजीकरण छह जून, 2025 को बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत हुआ था। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव का गठन एनसीडीसी, इफको, जीसीएमएमएफ (अमूल), कृभको, नैफेड, नाबार्ड, एनडीडीबी और एनसीईएल जैसी सहकारी संस्थाओं ने मिलकर किया है। इस सहकारी संस्था का उद्देश्य ड्राइवर-स्वामित्व और सहकारी सिद्धांतों पर आधारित टिकाऊ एवं लोकतांत्रिक टैक्सी सेवा स्थापित करना है।
यात्रियों को किफायती, सुरक्षित एवं दक्ष सेवा मुहैया कराने और ड्राइवरों को उचित आय, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित करने के लिए यह काम करेगी। पायलट चरण के बाद से अब तक तीन लाख से अधिक ड्राइवर इस मंच से जुड़ चुके हैं, जबकि एक लाख से ज्यादा उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया है। दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में प्रतिदिन 10,000 से अधिक यात्राएं पूरी की जा रही हैं और अब तक करीब 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों को वितरित किए जा चुके हैं। इस मंच से जुड़े ड्राइवरों को ‘सारथी’ कहा जाता है। यह उनके लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और समर्पित सहायता प्रणाली जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को भी प्राथमिकता देता है। दिल्ली में भारत टैक्सी सेवा के लिए सात सहायता केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।
India-US Deal पर बोले Shivraj Singh, यह PM Modi की सफल कूटनीति, किसानों से खिलवाड़ नहीं
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जोरदार तरीके से बचाव करते हुए भारतीय किसानों पर इसके असर को लेकर विपक्ष की चिंताओं को खारिज कर दिया। साथ ही संसद में अपने आचरण के लिए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के इस आरोप का जवाब देते हुए कि व्यापार समझौता भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाएगा, चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुआ यह समझौता ‘‘कूटनीति, विकास और गरिमा का एक नया उदाहरण’’ है। चौहान ने पीटीआई-से कहा, ‘‘किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है। किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हमारे मुख्य खाद्यान्न, फल, हमारी सभी मुख्य फसलें, हमारा बाजरा, सब कुछ सुरक्षित है। डेयरी उत्पाद सुरक्षित हैं।’’ मंत्री ने विपक्षी आलोचना को चुनावी हार से उपजी निराशा बताया। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और विपक्ष निराश हैं, मानसिक रूप से परेशान हैं। वे मैदान में मुकाबला नहीं कर सकते। एक के बाद एक हार ने उन्हें निराशा, हताशा और आक्रोश से भर दिया है।’’
उन्होंने कहा कि वे ‘‘झूठ की मशीन, अफवाहों का बाजार’’ बन गए हैं। चौहान ने तर्क दिया कि यह समझौता वास्तव में कम शुल्क के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देकर भारतीय किसानों को फायदा पहुंचाएगा। उन्होंने अमेरिका को 63,000 करोड़ रुपये के चावल निर्यात का हवाला दिया और कहा कि कम शुल्क से चावल, मसालों और वस्त्रों का निर्यात बढ़ेगा, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से कपास किसानों को फायदा होगा। इस चिंता को दूर करते हुए कि खेती में लगे 50 प्रतिशत से अधिक भारतीय अमेरिकी आयात में वृद्धि से प्रभावित हो सकते हैं, चौहान ने जोर देकर कहा, ‘‘बड़ी मात्रा में सामान आना शुरू नहीं होगा। जैसा कि मैंने पहले कहा, हमारी सभी मुख्य फसलें सुरक्षित हैं। कोई बाजार नहीं खोला गया है। चाहे वह मुख्य अनाज हो, प्रमुख फल हों, या डेयरी उत्पाद हों, सब कुछ सुरक्षित है।’’
वह अमेरिकी वित्त मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट में यह कहने के बाद जताई गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे कि अधिक अमेरिकी कृषि उत्पाद भारत आएंगे। चौहान ने कहा कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी है।
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