Polavaram Project पर रोक का आदेश स्थायी तौर पर हटे, Chandrababu Naidu ने केंद्र से की मांग
नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को पोलावरम परियोजना के संबंध में जारी ‘काम रोकने’ के आदेश को स्थायी रूप से वापस लेने की मांग की और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ के साथ समन्वय कर लंबित जनसुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नायडू ने तीनों राज्यों के व्यापक हित में मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की अध्यक्षता में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने का भी सुझाव दिया। बयान में कहा गया कि हालांकि ‘काम रोकने’ का आदेश फिलहाल स्थगित है, नायडू ने इसे स्थायी रूप से वापस लेने और तीनों मुख्यमंत्रियों से जनसुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
नायडू ने यहां केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात के दौरान ये सुझाव दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने पोलावरम परियोजना की प्रगति और हाल में 30,000 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किए गए जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा के कार्यों का ब्योरा साझा किया। बयान के अनुसार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पोलावरम परियोजना के तहत ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बनाए जाने वाले सुरक्षात्मक तटबंधों के लिए लंबित जनसुनवाई के संबंध में ‘काम रोकने’ का आदेश जारी किया था।
नायडू ने कहा कि तीनों राज्यों के व्यापक हित में आपसी सहयोग, समन्वय और देने-लेने की भावना से इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि पोलावरम का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और लक्ष्य है कि परियोजना को पूरा कर 2027 के मध्य में होने वाले अगले गोदावरी पुष्करम तक इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से परियोजना के लिए धनराशि समय पर जारी करना सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
बयान के अनुसार, नायडू ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पोलावरम में 41.15 मीटर के स्तर तक पानी रोकने के लिए जरूरी पुनर्वास और पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विस्थापित परिवारों की समस्याओं के समाधान और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को पूरा करने को परियोजना के निर्माण के समान प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से पोलावरम परियोजना के लिए धन की कमी नहीं होने देने का आग्रह किया।
दोनों नेताओं ने परियोजना में 45.72 मीटर के स्तर तक पानी रोकने के लिए आवश्यक उपायों और कार्यों पर भी चर्चा की। नायडू ने कहा कि गोदावरी का हजारों टीएमसी बाढ़ का पानी व्यर्थ बहकर समुद्र में चला जाता है और उन्होंने पट्टीसीमा परियोजना के जरिए इस पानी को मोड़ने तथा उसका उपयोग करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पोलावरम को एक प्रमुख पर्यटन और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रोद्दतूर में हाल में शुरू किए गए जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा के कार्यों का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में करीब 95 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से 62 लाख परिवारों को पहले ही नल से जल की सुविधा मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि हाल में 27 लाख और ग्रामीण परिवारों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के कार्यों का शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और केंद्रीय मंत्री से कार्यों की प्रगति के अनुरूप धनराशि जल्द जारी करने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान नायडू ने दक्षिणी राज्यों में नदियों को आपस में जोड़ने से होने वाले लाभों पर भी चर्चा की।
INDIA गठबंधन ने President Droupadi Murmu से मांगा मिलने का समय, जवाब का इंतजार
कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा कि INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है और वे राष्ट्रपति भवन से जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहला अनुरोध पत्र 2 अक्टूबर को भेजा गया था। इसके बाद, राष्ट्रपति भवन कार्यालय ने उन नेताओं के नाम मांगे जो बैठक में शामिल होंगे। वेणुगोपाल ने कहा कि इसके बाद, हमने 5 अक्टूबर को नामों के साथ फिर से अनुरोध भेजा और 7, 8 या 9 अक्टूबर को मिलने का समय मांगा। उन्होंने कहा कि अब तक हमें कोई जवाब नहीं मिला है। हम शुक्रवार तक इंतज़ार करेंगे।
इसे भी पढ़ें: वोट चोरी के विरोध में Rajghat पर INDIA का धरना, Rahul Gandhi बोले- साजिश की मिलेगी सजा
पिछले हफ़्ते, INDIA गठबंधन ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (मतदाता सूची में विशेष गहन संशोधन) के मुद्दे पर रैलियां करने और लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालने समेत एक संयुक्त कार्य योजना को अंतिम रूप दिया था। विपक्षी गठबंधन ने अपने नेताओं की साढ़े तीन घंटे चली बैठक के बाद यह बात कही। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, TMC प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, RJD के तेजस्वी यादव और NCP(SP) सांसद सुप्रिया सुले शामिल थे।
पत्रकारों को जानकारी देते हुए खड़गे ने कहा था कि INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगने और "वोट चोरी करने वाली सरकार" के ख़िलाफ़ अपनी बात रखने का फ़ैसला किया है। विपक्ष के नेताओं का राष्ट्रपति से मिलने का फ़ैसला 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद आया। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी। ये आपत्तियां ज़्यादातर वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) से जुड़े फ़ैसलों और आदेशों को लेकर थीं।
इसे भी पढ़ें: मोदी के समर्थन में नारेबाजी पर भड़के कांग्रेस कार्यकर्ता, कश्मीरी युवक की कर दी पिटाई, बीजेपी आग बबूला
SIR प्रक्रिया को लेकर अपने दो आयुक्तों की आपत्तियों के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे चुनाव आयोग ने कहा था कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य बात है। साथ ही, आयोग के सभी आदेशों को पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार ही जारी किए जाते हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







