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भारतीय ज्ञान परंपरा पर व्याख्यान: 'जो शिक्षा और शिक्षा नीति संस्कारों को विस्तार ना दे सके, वो व्यर्थ है'; बोले डॉ. हिमांशु द्विवेदी

वाराणसी, 25 जुलाई। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि मनुष्य को संवेदनशील बनाने और उसके संस्कारों को विस्तार देने की प्रक्रिया भी है। भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हुए विमर्श में वक्ताओं ने शिक्षा में संस्कार, समान अवसर और स्वायत्तता जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया।

हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शिक्षा में किए जा रहे नए नीतिगत बदलावों के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि इनका लक्ष्य मनुष्य को संवेदनशील बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा, “जो शिक्षा और शिक्षा नीति संस्कारों को विस्तार ना दे सके वो व्यर्थ है।” डॉ. द्विवेदी ने पौराणिक और धार्मिक कथाओं के उदाहरणों के जरिए अपने तर्कों को विस्तार देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों के महत्व को रेखांकित किया।

बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने शिक्षा की प्रशासनिक और आर्थिक स्वायत्तता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कैंपस में सभी को समान रूप से शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने आजादी के बाद से वर्तमान समय तक की शिक्षा नीतियों की समीक्षा करते हुए उनके विभिन्न पहलुओं की विवेचना भी की।

भारतीय ज्ञान परंपरा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ विषय पर आयोजित व्याख्यान का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते अतिथि।
भारतीय ज्ञान परंपरा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित व्याख्यान के दौरान डॉ. हिमांशु द्विवेदी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
वाराणसी में आयोजित व्याख्यान के दौरान शब्दन फाउंडेशन की ओर से स्मृति चिह्न भेंट करते डॉ. हिमांशु द्विवेदी।

प्रो. गुरुप्रसाद सिंह ने स्वागत वक्तव्य और विषय प्रवेश के दौरान शिक्षा में सहकार के अर्थ पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि “जिस शिक्षा की अवधारणा को हम आत्मसात करना चाहते हैं वो संस्कारों के बगैर अधूरी है।”

अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र ने शब्दन फाउंडेशन के सहयोग से ‘भारतीय ज्ञान परंपरा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ विषय पर यह व्याख्यान आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने की। संचालन डॉ. शिवेंद्र राणा ने किया, जबकि अश्विनी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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NEET PG 2026: नीट पीजी करेक्शन विंडो आज से हुई शुरू, 28 जुलाई तक फॉर्म में कर सकेंगे सुधार; जानें पूरी डिटेल्स

NEET PG 2026 correction window open: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, नीट पीजी 2026 के लिए आवेदन सुधार प्रक्रिया आज यानी 25 जुलाई 2026 से शुरू हो गई है। जिन उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक अपना आवेदन सबमिट किया था, वे अब अपने फॉर्म में जरूरी बदलाव कर सकते हैं।

इस करेक्शन फैसिलिटी का लाभ उठाने की अंतिम तारीख 28 जुलाई 2026 तय की गई है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन मोड के जरिए मिलने वाले किसी भी करेक्शन रिक्वेस्ट पर विचार नहीं किया जाएगा।

फॉर्म में क्या-क्या सुधारा जा सकता है?
इस करेक्शन पीरियड के दौरान उम्मीदवारों को कुछ चुनिंदा फील्ड्स में बदलाव करने की अनुमति दी गई है। आवेदक अपनी जन्मतिथि (Date of birth), लिंग (Gender), श्रेणी यानी कैटेगरी (SC/ST/OBC/General), पीडब्ल्यूडी (PwD) स्टेटस, ईडब्ल्यूएस (EWS) स्टेटस और अपनी शैक्षणिक योग्यता (Academic qualifications) से जुड़ी जानकारी को अपडेट कर सकते हैं।

किन जानकारियों में बदलाव नहीं किया जा सकता?
बोर्ड (NBEMS) ने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि कुछ खास डिटेल्स को नॉन-इडीटेबल रखा गया है, यानी उनमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। इनमें उम्मीदवार का नाम, कैटेगरी (नोट: संभवतः री-इटरेशन अनुसार जो डिटेल्स लॉक हैं), ईमेल आईडी, राष्ट्रीयता (Nationality), परीक्षा शहर (Exam city) और मोबाइल नंबर शामिल हैं। इन विवरणों को बदला नहीं जा सकेगा, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अन्य पात्र क्षेत्रों को ही सावधानी से सुधारें।

एप्लीकेशन फॉर्म में सुधार करने का आसान तरीका
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपने आवेदन फॉर्म में संशोधन कर सकते हैं:

  • सबसे पहले आधिकारिक एनबीईएमएस वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं।
  • इसके बाद "Examinations" सेक्शन में जाकर "NEET PG" का चयन करें।
  • अब "Applicant Login" पर क्लिक करें और अपने क्रेडेंशियल्स दर्ज करके साइन इन करें।
  • इसके बाद जरूरी बदलाव करें और हर अपडेट के बाद "Save and Next" पर क्लिक करें।
  • अपने संशोधित किए गए एप्लीकेशन फॉर्म की पूरी जानकारी को ध्यानपूर्वक दोबारा जांच लें।
  • अंत में अपडेटेड फॉर्म को सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए उसकी एक कॉपी डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।

किसी समस्या पर कहां करें संपर्क?
करेक्शन प्रक्रिया के दौरान यदि किसी उम्मीदवार को कोई परेशानी आती है, तो वे एनबीईएमएस के हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवार रविवार और राजपत्रित छुट्टियों (gazetted holidays) को छोड़कर बाकी सभी दिन सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे के बीच फोन नंबर +91 7996165333 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा आवेदक लॉगइन करने के बाद मिलने वाले 'Helpdesk' टैब के जरिए भी अपनीquery या समस्या दर्ज करा सकते हैं।

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  Sports

भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच स्टेडियम में देखना है? टिकट में पैसे नहीं करने होंगे खर्च, फैंस को मिला खास तोहफा

IND vs SL Tests Free Entry in Stadium: भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज को लेकर श्रीलंका क्रिकेट ने क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है. बोर्ड ने ऐलान किया है कि गॉल और कोलंबो में खेले जाने वाले दोनों टेस्ट मैचों में दर्शकों की एंट्री पूरी तरह मुफ्त होगी. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा इस सीरीज में बड़ी संख्या में फैंस स्टेडियम पहुंचें, इसी मकसद से श्रीलंका क्रिकेट ने यह फैसला लिया है. 15 अगस्त से गॉल में पहला टेस्ट और 23 अगस्त से कोलंबो में दूसरा टेस्ट खेला जाएगा. Fri, 7 Aug 2026 19:51:56 +0530

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