Responsive Scrollable Menu

शेयर बाजार धड़ाम: 700 अंक लुढ़का सेंसेक्स, निफ्टी भी 24 हजार से नीचे फिसला; इन 5 वजहों से आई गिरावट

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सेशन में गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। निफ्टी 191 अंक यानी 0.79 फीसदी गिरकर 23996.25 और सेंसेक्स 715 अंक गिरकर 76755.05 पर क्लोज हुआ। 

बाजार में कमजोरी का असर व्यापक स्तर पर भी दिखाई दिया। निफ्टी के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। सिर्फ ऑटो इंडेक्स में मामूली बढ़त रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.02 फीसदी और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.79% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर्स के शेयरों में करीब 4 फीसदी और 3.5 फीसदी की तेजी रही। दोनों कंपनियों के तिमाही मुनाफे में बढ़ोतरी के बाद इनके शेयरों को सपोर्ट मिला।

बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें इस तरह समझिए

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4 फीसदी बढ़कर 94.72 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। यह 5 हफ्तों से ज्यादा का सबसे ऊंचा स्तर है। पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है। ऐसे में महंगा तेल, व्यापार घाटा बढ़ाने और कंपनियों की लागत पर दबाव डालने का जोखिम पैदा करता।

रुपये में कमजोरी जारी
कच्चे तेल की महंगाई और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच डॉलर की मांग बढ़ी। इसका असर रुपये पर पड़ा और भारतीय मुद्रा 11 पैसे कमजोर होकर 96.36 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गई।

पश्चिम एशिया का बढ़ता तनाव
लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग से जुड़ी घटनाओं ने बाजार की चिंता बढ़ाई। सऊदी क्रूड लेकर एशिया जा रहे 2 ऑयल टैंकरों ने अपना रास्ता बदला, जबकि एक अन्य टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के पास चपेट में आया। हूती विद्रोहियों की धमकियों और अमेरिका-ईरान तनाव ने भी बाजार में जोखिम बढ़ाया है।

अमेरिकी टैरिफ का बाजार पर असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जेनेरिक दवाओं पर फेज वाइज टैरिफ योजना की घोषणा के बाद निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा गिरा। सन फार्मा, सिप्ला और डॉ रेड्डीज लैब जैसे शेयर दबाव में रहे, क्योंकि भारतीय फार्मा कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
बैंक निफ्टी में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। बंधन बैंक करीब 10 फीसदी टूट गया। बेहतर तिमाही मुनाफे के बावजूद बैंक ने रिटर्न ऑन एसेट्स को लेकर कमजोर संकेत दिए। एचडीएफसी बैंक भी करीब 1 फीसदी गिरा और तीन कारोबारी सत्रों में इसकी गिरावट करीब 8 फीसदी हो गई।

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी 24220 के ऊपर जाने की कोशिश कमजोर रहा। जब तक Nifty 24099 के आसपास के स्तर से बहुत नीचे नहीं जाता, तब तक गिरावट में खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती। हालांकि, कमजोर मोमेंटम के कारण बाजार में फिलहाल सावधानी जरूरी है।

(प्रियंका कुमारी)

Continue reading on the app

Stock Market Crash Today: सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब फिसला; निवेशकों की बढ़ी चिंता

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भी कमजोरी का दौर जारी रहा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते बाजार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया।

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कमजोर शुरुआत की। कारोबार शुरू होते ही प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आ गए। निवेशकों की निगाहें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी हुई हैं, जिनका असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

सुबह के कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 599 अंकों से अधिक टूटकर 76,870 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 24,100 के नीचे फिसल गया और करीब 164 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार पर क्यों बढ़ा दबाव?
विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतें 92 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह स्थिति आर्थिक दबाव बढ़ाने वाली मानी जाती है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर नकारात्मक असर डाल रही है।

किन शेयरों में दिखी कमजोरी?
शुरुआती कारोबार में एविएशन और फार्मा सेक्टर के कुछ बड़े शेयरों में दबाव देखा गया। इंडिगो और सन फार्मा के शेयरों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई। कई अन्य सेक्टरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में कारोबार मिश्रित रहा। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग का हेंगसेंग इंडेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। चीन के शंघाई कंपोजिट में हल्की बढ़त दर्ज की गई। यूरोपीय बाजारों के वायदा संकेतों में भी सीमित मजबूती देखने को मिली।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर बनी रहेगी।

Continue reading on the app

  Sports

IND vs SL: कभी स्पिन खेलने में माहिर भारत अब स्पिनर्स के आगे ही क्यों बेबस, श्रीलंका में क्या बदलेगी कहानी?

IND vs SL: 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की सीरीज से पहले शुक्रवार को भारतीय टीम 'नॉनडिस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब' ग्राउंड पर तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी. श्रीलंका एकादश के खिलाफ खेले जाने वाले इस मैच में टीम इंडिया स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी तैयारियों को पुख्ता कोशिश करेगी. Thu, 6 Aug 2026 14:34:44 +0530

  Videos
See all

TMC MP बाबुल सुप्रियो ने संसद के बाहर BJP MP जगदंबिका पाल को सुनाया किशोर कुमार का गाना, VIDEO VIRAL #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-06T09:08:55+00:00

नेपाली हिंदुओं ने भरी हुंकार, आर-पार की दी चेतावनी | Balen Shah | Sunsari | Hindu Protest | Nepal #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-06T09:13:59+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers