Gold Silver Price Today: सोने-चांदी में तेजी जारी, सोना ₹1.46 लाख और चांदी ₹2.26 लाख के पार; जानें आज के ताजा रेट
Gold Silver Price Today (23 july 2026): सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। आज यानी 23 जुलाई को बुलियन मार्केट में दोनों प्रमुख कीमती धातुओं के दाम बढ़ गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी ₹360 महंगी होकर ₹2.26 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है, जबकि 24 कैरेट सोना ₹274 की तेजी के साथ ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत की बात करें तो 14 कैरेट सोने का भाव ₹85,151 प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट सोने का भाव ₹1,09,168 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,33,330 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। आइए अब देश के प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव जानें।
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (रुपये/10 ग्राम)
| शहर | कीमत |
| मुंबई | ₹1,47,280 |
| दिल्ली | ₹1,47,420 |
| जयपुर | ₹1,47,420 |
| कोलकाता | ₹1,47,280 |
| अहमदाबाद | ₹1,47,320 |
| भोपाल | ₹1,47,320 |
| रायपुर | ₹1,47,280 |
| पटना | ₹1,47,320 |
| लखनऊ | ₹1,47,420 |
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों होते हैं अलग? जानें 4 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में फर्क देखने को मिलता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर खर्च आता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह लागत भी बढ़ती जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा (डिमांड फैक्टर)
दक्षिण भारत में सोने की खपत देश में सबसे ज्यादा होती है। यहां कुल मांग का लगभग 40% हिस्सा है। बड़ी खरीदारी के बावजूद स्थानीय बाजार में छूट सीमित रहती है, जिससे कीमतों में फर्क आता है।
3. ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर रेट तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग हो जाते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पुराना स्टॉक महंगा या सस्ता खरीदा गया हो तो उसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
8th Pay Commission: 1.92 रहा फिटमेंट फैक्टर तो कितनी बढ़ेगी सैलरी? ₹18,000 Basic का देखें पूरा कैलकुलेशन
8th Pay Commission Salary Calculation: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सबसे बड़ा सवाल सैलरी बढ़ोतरी का है। कर्मचारी जानना चाहते हैं कि नया वेतन आयोग लागू होने पर उनकी बेसिक सैलरी कितनी हो सकती है और उन्हें वास्तविक रूप से कितना फायदा मिलेगा।
8वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आते रहे हैं। इसी बीच 1.92 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर भी सैलरी कैलकुलेशन की चर्चा हो रही है। अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.92 रहता है, तो मौजूदा ₹18,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर ₹34,560 हो सकती है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 8वें वेतन आयोग की ओर से अभी 1.92 या किसी अन्य फिटमेंट फैक्टर की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए नीचे दिया गया कैलकुलेशन केवल 1.92 फिटमेंट फैक्टर मानकर समझाया गया है।
1.92 फिटमेंट फैक्टर पर ₹18,000 की सैलरी कितनी होगी?
7वें वेतन आयोग के तहत पे मैट्रिक्स के लेवल-1 में न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। अगर 8वें वेतन आयोग में 1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो इसका कैलकुलेशन इस तरह होगा-
₹18,000 × 1.92 = ₹34,560
यानी मौजूदा ₹18,000 की बेसिक सैलरी नए वेतन ढांचे में करीब ₹34,560 हो सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इसका अर्थ कर्मचारी की कुल यानी ग्रॉस सैलरी में सीधे 92 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं है। मौजूदा वेतन में बेसिक पे के अलावा DA, HRA, TA और अन्य भत्ते भी शामिल होते हैं। नया वेतन आयोग लागू होने पर इन भत्तों की गणना के नियम भी महत्वपूर्ण होंगे।
₹25,500 से ₹56,100 Basic वालों की कितनी हो सकती है सैलरी?
अगर 1.92 फिटमेंट फैक्टर मानकर कैलकुलेशन किया जाए तो अलग-अलग पे लेवल पर बेसिक सैलरी कुछ इस तरह बदल सकती है-
| मौजूदा बेसिक सैलरी | 1.92 पर संभावित नई बेसिक सैलरी |
| ₹18,000 | ₹34,560 |
| ₹25,500 | ₹48,960 |
| ₹35,400 | ₹67,968 |
| ₹44,900 | ₹86,208 |
| ₹56,100 | ₹1,07,712 |
इस हिसाब से लेवल-10 में ₹56,100 बेसिक पाने वाले कर्मचारी की बेसिक सैलरी 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर करीब ₹1.07 लाख पहुंच सकती है।
आखिर क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वेतन आयोग में कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण गुणक है। मौजूदा बेसिक पे को तय फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके संशोधित बेसिक पे निकाला जाता है।
उदाहरण के लिए अगर किसी कर्मचारी का मौजूदा बेसिक पे ₹35,400 है और फिटमेंट फैक्टर 1.92 तय होता है तो-
₹35,400 × 1.92 = ₹67,968
इस स्थिति में कर्मचारी का संशोधित बेसिक पे ₹67,968 हो सकता है।
1.92 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा क्यों?
8वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर को लेकर अभी अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। अलग-अलग रिपोर्ट और विश्लेषणों में विभिन्न फिटमेंट फैक्टर के आधार पर संभावित सैलरी का आकलन किया जा रहा है।
कर्मचारियों के वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी का आकलन करते समय मौजूदा बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ते यानी DA को भी ध्यान में रखना जरूरी है। 1 जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए DA की दर 60 प्रतिशत हो चुकी है।
इसी वजह से केवल नए बेसिक पे और पुराने बेसिक पे की तुलना करके वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी नहीं निकाली जा सकती। नया वेतन आयोग लागू होने पर DA और अन्य भत्तों को किस तरह समायोजित किया जाएगा, इससे वास्तविक फायदा तय होगा।
1.92 पर कितनी हो सकती है वास्तविक बढ़ोतरी?
इसे ₹18,000 की बेसिक सैलरी के उदाहरण से समझा जा सकता है। मौजूदा बेसिक पे ₹18,000 है। 60 प्रतिशत DA जोड़ने पर Basic + DA की रकम ₹28,800 होती है।
- मौजूदा Basic: ₹18,000
- 60% DA: ₹10,800
- Basic + DA: ₹28,800
वहीं 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर नया बेसिक पे ₹34,560 बनता है। इस तरह केवल Basic + DA और संभावित नए Basic की तुलना करें तो अंतर ₹5,760 यानी करीब 20 प्रतिशत बैठता है।
हालांकि इसे सीधे ग्रॉस सैलरी में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं माना जा सकता। HRA, TA और अन्य भत्तों के नियम तय होने के बाद ही वास्तविक ग्रॉस और इन-हैंड सैलरी की सही तस्वीर सामने आएगी।
7वें वेतन आयोग में कितना था फिटमेंट फैक्टर?
7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी। अब 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि नया फिटमेंट फैक्टर कितना तय किया जाता है। यही आंकड़ा नई पे मैट्रिक्स और बेसिक सैलरी निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
क्या 1.92 फिटमेंट फैक्टर तय हो चुका है?
नहीं। अभी 1.92 फिटमेंट फैक्टर को 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर नहीं माना जा सकता। यह संभावित सैलरी को समझने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एक अनुमानित आंकड़ा है। आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों के लिए कौन सा फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाएगा और नई बेसिक, ग्रॉस तथा इन-हैंड सैलरी कितनी होगी।
Disclaimer: ऊपर दिया गया सैलरी कैलकुलेशन 1.92 फिटमेंट फैक्टर मानकर किया गया है। इसे 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिश या सरकार की घोषणा न माना जाए।
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