क्रिकेटर बनना चाहते थे नाना पाटेकर, फिर क्यों छोड़ना पड़ा खेल? सुनील गावस्कर से था खास रिश्ता
Nana Patekar: दिग्गज कलाकार नाना पाटेकर का निधन हो गया है. 75 साल की उम्र में उनकी कार्डियक अरेस्ट की वजह से 8 अक्टूबर की सुबह मौत हो गई. नाना के निधन से पूरे देश में शोक का सन्नाटा पसर गया है. तमाम फैंस, साथी कलाकार और क्रिकेट बिरादरी के लोग उन्हें याद कर रहे हैं. नाना पाटेकर ने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों में एक खास पहचना बनाई थी. उनके किरदार और डॉयलॉग्स तो आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं. मगर, क्या आपको मालूम है कि नाना पाटेकर का क्रिकेट से गहरा रिश्ता रहा है. वो उस मैदान पर क्रिकेट खेला करते थे, जिसपर सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों ने भी क्रिकेट खेला. अब सवाल उठता है कि आखिर नाना ने क्रिकेट क्यों छोड़ दिया? इसका खुलासा खुद नाना पाटेकर ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान किया था...
नाना पाटेकर का सुनील गावस्कर से कनेक्शन
भारत में ऐसे तमाम बच्चे होते हैं, जो क्रिकेट खेलना शुरू करते हैं, उनका सपना टीम इंडिया में पहुंचना होता है. मगर, फिर कई खिलाड़ी पीछे हट जाते हैं और सपनों की दिशा बदल देते हैं. इसके पीछे कई बार उनकी फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स भी होती हैं. नाना पाटेकर भी ऐसे ही रहे, जिन्होंने क्रिकेट खेला, लेकिन फिर कुछ वजहों के कारण से उन्होंने क्रिकेट खेलना छोड़ दिया.
नाना पाटेकर ने बीबीसी को दिए अपने उस इंटरव्यू में बताया था कि जब वो खेलते थे तो संदीप पाटिल उनके सामने खेलते थे, जो कि उम्र में उनसे बहुत छोटे थे. नाना ने बताया था कि सुनील गावस्कर भी उसी ग्राउंड पर क्रिकेट खेलते थे, जहां वो खेलते थे.
नाना पाटेकर ने क्यों छोड़ा क्रिकेट?
सवाल उठता है कि आखिर नाना पाटेकर ने क्रिकेट खेलना क्यों छोड़ दिया? इस बात का खुलासा खुद नाना ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान की थी. उन्होंने कहा था कि उनकी उंगली में चोट लग गई थी, जिसके चलते उन्हें क्रिकेट छोड़नी पड़ी.
लेकिन, वजह सिर्फ यही नहीं थी. नाना पाटेकर को दरअसल नौकरी कर अपने माता-पिता की सेवा भी करनी थी, जिस वजह से भी उन्होंने क्रिकेट का त्याग करने का फैसला किया. क्रिकेट छोड़ने के बाद उन्होंने आगे चलकर आर्ट्स स्कूल में दाखिला लिया. उन्होंने 1978 में फिल्मी दुनिया में कदम रखा और कई हिट फिल्में दीं.
क्रिकेटर्स ने भी दी श्रृद्धांजलि
Indian cinema has lost a truly special talent today. Nana Patekar saab, your work will continue to inspire generations. Om Shanti. ???? pic.twitter.com/LNcJpnTVUB
— Shikhar Dhawan (@SDhawan25) October 8, 2026
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने भी नाना पाटेकर को श्रृद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा - आज भारतीय सिनेमा ने एक बेहद खास कलाकार को खो दिया है. नाना पाटेकर साहब, आपका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा. ओम शांति.
Nana Patekar ji was a truly remarkable actor whose work has inspired and entertained generations. Very sad to hear about his passing. May his soul rest in peace. ????????
— Ajinkya Rahane (@ajinkyarahane88) October 8, 2026
अजिंक्य रहाणे ने श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा- नाना पाटेकर जी सचमुच एक बेहतरीन अभिनेता थे, जिनके काम ने कई पीढ़ियों को प्रेरित और उनका मनोरंजन किया है. उनके निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. उनकी आत्मा को शांति मिले.
Deeply pained by the demise of veteran actor and an exceptionally compassionate human being, Shri Nana Patekar Ji.
— Rajeev Shukla (@ShuklaRajiv) October 8, 2026
His remarkable acting prowess, versatility and powerful screen presence have left an indelible mark on Indian cinema. Beyond the world of films, his selfless… pic.twitter.com/f15pr9xPKy
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भारत में अब 55 लाख से अधिक 5जी बेस स्टेशन, सुशासन का एक साधन बना मोबाइल फोन: प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया, और भारत के दूरसंचार विकास के अगले चरण, 5जी विस्तार और 6जी महत्वाकांक्षाओं पर प्रकाश डाला।
इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में अब 5जी नेटवर्क को सपोर्ट करने वाले 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशन हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मोबाइल इंटरनेट की स्पीड पिछले 2022 की तुलना में 10 गुना बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस ने पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में हुए बदलावों को देखा है, और उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में आईएमसी मंच से 5जी की शुरुआत की गई थी।
उन्होंने कहा, 2023 में, मैंने इस बात पर चर्चा की थी कि हम 5जी रोलआउट से आगे बढ़कर ग्राहकों तक पहुंचने की दिशा में कैसे बढ़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस देश के दूरसंचार क्षेत्र के तीव्र विकास की साक्षी रही है।
उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने 2022 में आईएमसी चरण से 5जी की शुरुआत की थी, जबकि 2023 संस्करण का ध्यान 5जी रोलआउट से पहुंच विस्तार पर केंद्रित था। मोदी ने कहा कि भारत में आज 55 लाख से अधिक बेस स्टेशन 5जी नेटवर्क संचालित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में दूरसंचार अब नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और इंटरनेट स्पीड से कहीं आगे तक फैला हुआ है।
मोदी ने कहा, भारतीयों के लिए दूरसंचार का महत्व इससे कहीं अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि मोबाइल कनेक्टिविटी नागरिकों को आवश्यक सरकारी सेवाओं से जोड़कर और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाकर डिजिटल शासन के एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरी है।
उन्होंने कहा, मोबाइल फोन सुशासन का एक उपकरण बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में मोबाइल फोन एक पारंपरिक संचार उपकरण से विकसित होकर शासन व्यवस्था को संचालित करने का एक प्रमुख माध्यम बन गया है।
मोदी ने कहा, एक दशक पहले, डिजिटल विभाजन एक चुनौती थी। नई तकनीक एक विशेषाधिकार बनती जा रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से इस स्थिति को बदलने का प्रयास किया है, जिसके तहत मोबाइल फोन को डिजिटल पहुंच और सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार के केंद्र में रखा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि इस वर्ष के इंडिया मोबाइल कांग्रेस का विषय, सीमाओं के बिना विस्तार, दूरसंचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार में भारत के अपने अनुभव को दर्शाता है।
मोदी ने कहा कि 2022 में 5जी की शुरुआत से लेकर 2024 में अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ की मेजबानी तक, भारत की दूरसंचार यात्रा में आईएमसी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि भारत की दूरसंचार कहानी को केवल नेटवर्क की गति और स्पेक्ट्रम के माध्यम से ही नहीं, बल्कि शासन और नागरिकों की पहुंच में इसकी व्यापक भूमिका के माध्यम से भी देखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने देश भर में शिक्षा, भुगतान, स्वास्थ्य सेवा और सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाए रखने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि दीक्षा ऑनलाइन शिक्षा मंच पर लगभग 500 करोड़ लर्निंग सेशन और 600 करोड़ लर्निंग मिनट दर्ज किए गए हैं, और सरकार का नया लक्ष्य इस मंच के माध्यम से 25 करोड़ छात्रों को जोड़ना है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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