Houthi Ballistic Missile Attack | हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना, एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र की दी चेतावनी
मध्य पूर्व में गहराते तनाव के बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। बीते कुछ ही घंटों के भीतर यह दूसरा बड़ा हमला था। इससे पहले हुए हमले में एक विदेशी नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि मरने वाला व्यक्ति सूडान का नागरिक था। हमले में आठ अन्य लोग भी घायल हुए, जिनमें पांच सऊदी नागरिक, दो मिस्र के निवासी और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल था।
ईरान समर्थित इस मिलिशिया ने आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और 28 अन्य घायल हो गए थे। मरने वाले अल्जीरिया और मोरक्को के नागरिक थे।
सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ़ सिविल एविएशन (GACA) ने एक बयान में कहा, "GACA संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर नुकसान का आकलन करने, सुविधाओं की सुरक्षा की जांच करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा देश के नागरिक उड्डयन प्रणाली के संचालन की सुरक्षा बनाए रखने के लिए ज़रूरी कदम उठाने का काम कर रहा है।"
हूती विद्रोहियों ने सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर एयरलाइंस को चेतावनी दी
इन नए हमलों से हवाई अड्डे पर सेवाएं बाधित हुईं और हूती विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र में उड़ानें न भरने की चेतावनी दी।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने X (पहले ट्विटर) पर कहा, "हम सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस से सऊदी हवाई क्षेत्र में उड़ानें जारी न रखने की अपनी अपील और चेतावनी को आखिरी बार दोहरा रहे हैं, क्योंकि अब यह हमारे सैन्य अभियानों का क्षेत्र बन गया है - सिवाय मक्का और मदीना के पवित्र इलाकों के ऊपर के हवाई क्षेत्र के।"
यमन स्थित समूह हूती विद्रोही जुलाई से ही सऊदी अरब को निशाना बना रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) का कहना है कि इस लड़ाई के कारण देश के भीतर 2,00,000 से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। पिछले महीने, इस समूह ने लाल सागर के किनारे पूरे पश्चिमी तट पर कब्ज़ा कर लिया था, जिसे कई लोगों ने पिछले कुछ वर्षों की सबसे घातक लड़ाई बताया था।
यमन ने कहा है कि वह हूती विद्रोहियों से अपना खोया हुआ सारा इलाका वापस ले लेगा, जबकि सऊदी अरब ने मदद के लिए अपने सहयोगियों का रुख किया है। सऊदी अरब ने अमेरिका से दखल देने की भी अपील की थी, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों पर हमला करने से इनकार कर दिया, क्योंकि हूतियों ने भरोसा दिलाया था कि वे इलाके में अमेरिकी संपत्तियों को निशाना नहीं बनाएंगे। हालांकि, ट्रंप ने सऊदी अरब को 24.3 अरब डॉलर में 48 F-35 फाइटर जेट बेचने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है।
IAF प्रमुख Amar Preet Singh ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को किया याद! कहा- दुनिया ने देखी भारत की 'विध्वंसक ताकत', वायु सेना हर चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार
94वें भारतीय वायु सेना दिवस के अवसर पर वायु सेना प्रमुख (CAS) एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने देश की सामरिक तैयारियों और परिचालन क्षमता पर बड़ा बयान दिया है। उत्तर प्रदेश के हिंडन एयर बेस पर आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक और भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) हालात भले ही अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण हों, लेकिन भारतीय वायु सेना (IAF) किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए "सतर्क, प्रतिबद्ध और पूरी तरह तैयार" है।
भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गुरुवार को माना कि जियोपॉलिटिकल हालात अनिश्चित बने हुए हैं और दुनिया भर में नए टकराव सामने आए हैं, लेकिन उन्होंने फिर कहा कि उनकी फोर्स किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए "सतर्क, प्रतिबद्ध और तैयार" है।
इसके अलावा, 28वें चीफ ऑफ एयर स्टाफ (CAS) ने पिछले साल के 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान IAF की सफलता को याद किया और कहा कि पाकिस्तान के साथ सैन्य टकराव के दौरान पूरी दुनिया ने देश की "विध्वंसक ताकत" और "एयर डिफेंस ऑपरेशन" को "खुद देखा"। उन्होंने कहा कि "अचूक, अभेद्य और सटीक" (infallible, impervious and precise) सिर्फ एक टैगलाइन नहीं है, बल्कि यह वायु सेना की ताकत और संकल्प का प्रदर्शन है।
उत्तर प्रदेश के हिंडन एयर बेस पर 94वें वायु सेना दिवस समारोह के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, "वायु शक्ति के संरक्षक के तौर पर भारतीय वायु सेना अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को समझती है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हमेशा सतर्क, प्रतिबद्ध और तैयार रहती है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारा मानना है कि किसी भी वायु सेना के पास दुनिया के सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट या सबसे एडवांस्ड सिस्टम हो सकते हैं, लेकिन उसकी असली ताकत उसकी ऑपरेशनल तैयारी से मापी जाती है। यानी, जब भी जरूरत हो, वह कितनी जल्दी और भरोसे के साथ कार्रवाई कर सकती है।"
सिंह ने जोर देकर कहा कि भारतीय वायु सेना की ऑपरेशनल क्षमता और तैयारी सही दिशा में आगे बढ़ रही है और पूरी फोर्स में जिम्मेदारी और जवाबदेही की संस्कृति है। उन्होंने वायु सेना की असली ताकत के तौर पर 'एयर वॉरियर्स' (वायु सैनिकों) को श्रेय भी दिया।
उन्होंने कहा कि कमांडर जिम्मेदारियां सौंपकर प्रभावी निर्णय लेने की प्रक्रिया को बढ़ावा दे रहे हैं और सभी एयर वॉरियर्स में नेतृत्व के गुण विकसित कर रहे हैं, और उन्हें संगठन की एक अहम कड़ी बताया।
उन्होंने कहा, "हम सभी को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर गर्व करना चाहिए और यह संकल्प लेना चाहिए कि हालात चाहे कितने भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, हम कभी भी ऐसी कमजोर कड़ी नहीं बनेंगे जो वायु सेना की चेन की ताकत से समझौता करे।" गुरुवार को हिंडन एयर बेस पर 94वें वायु सेना दिवस का जश्न मनाया गया, जिसमें भारतीय वायु सेना के कई पूर्व प्रमुख शामिल हुए। भारतीय वायु सेना ने टरमैक पर राफेल, Su-30 MKI और जगुआर जैसे फाइटर जेट; LCH प्रचंड और ALH ध्रुव जैसे हेलीकॉप्टर; और अहम हथियार व एयर डिफेंस सिस्टम का स्टैटिक डिस्प्ले (स्थिर प्रदर्शन) किया।
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