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नाना पाटेकर को क्यों कहा जाता था ‘एंग्री मैन’? जानें पर्दे पर गुस्से के पीछे की पूरी कहानी

Nana Patekar Angry Man: नाना पाटेकर के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है. फैंस और फिल्म इंडस्ट्री के लोग उन्हें याद कर रहे हैं. नाना पाटेकर ने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों में एक खास पहचना बनाई थी. उनके किरदार और डॉयलॉग्स तो आज भी लोगों की जुबां पर रहते थे. लेकिन क्या आपको पता है कि नाना पाटेकर को बॉलीवुड का ‘एंग्री मैन’कहा जाता था. तो चलिए जानते हैं, इसके पीछे की वजह.

क्यों कहा जाता था ‘एंग्री मैन’?

नाना पाटेकर ने फिल्मों से पहले थिएटर में काम किया था. उन्होंने खुद बताया था कि वो 50 साल से ज्यादा समय तक थिएटर से जुड़े रहे और स्कूल के दिनों से ही स्टेज पर एक्टिंग करते थे. यही वजह है कि वो अपने डॉयलॉग, आवाज और बॉडी लैंग्वेज को अपनी एक्टिंग पर बखूबी निभाते थे. नाना को फिल्मों में उनके गुस्से, तेज आवाज और दमदार डायलॉग के लिए खास तौर पर जाना जाता था. उनके कई किरदार ऐसे रहे, जो गलत चीजों के खिलाफ खुलकर खड़े होते थे. इसके अलावा उनका सामने वाले को घूरकर देखने का अंदाज भी लोगों के बीच काफी मशहूर था. 

‘परिंदा’ ने बदली स्क्रीन इमेज

नाना के करियर में ‘परिंदा’ एक बड़ा मोड़ साबित हुई थी. फिल्म में उन्होंने एक हिंसक और मानसिक रूप से अस्थिर गैंगस्टर का रोल प्ले किया था.  उनके चेहरे, बोलने के तरीके और अचानक हिंसक हो जाने वाले रोल को देखकर फैंस भी हैरान रह गए थ. इस फिल्म के बाद फिर उन्हें वॉइलेंट किरदार मिलने लगे थे. नाना ने एक बार बताया था कि वो ये रोल इस वजह से करते थे, क्योंकि उन्हें इसके पैसे मिलते थे.

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‘क्रांतिवीर’ ने गुस्से को बना दी पहचान 

‘परिंदा’ फिलम ने जहां नाना को खतरनाक एक्टर की पहचान दी थी, तो ‘क्रांतिवीर’ ने उनके गुस्से को दर्शाया था. फिल्म में उनका किरदार एक ऐसा आदमी का था जो समाज की हालत से परेशान था. उसका गुस्सा सिर्फ मारधाड़ वाला गुस्सा नहीं था, बल्कि विद्रोह और बगावत से भी जुड़ा था.  दिलचस्प बात ये है कि फिल्म का मशहूर डायलॉग पूरी तरह पहले से लिखा हुआ नहीं था. नाना ने बताया था कि उन्होंने उस सीन में काफी कुछ मौके पर ही बोल दिया था. यही अंदाज उनके एक्टिंग की बड़ी ताकत बना.

रियल लाइफ में भी थे गुस्सेल

नाना ने खुद कई इंटरव्यू में अपने गुस्से के बारे में खुलकर बात की थी. एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि दूसरे लोग गुस्सा होने पर उसे शब्दों में निकालते हैं, जबकि उनका गुस्सा कई बार हिंसक तरीके से बाहर आता था. उन्होंने ये भी कहा था कि अपने गुस्से की वजह से उन्होंने जिंदगी में कई चीजें खोईं. बाद में उन्होंने कहा कि उम्र के साथ उन्होंने अपने गुस्से पर काफी काबू पाया. साल 2024 में  नाना ने अपने गुस्से को लेकर बात करते हुए कहा था कि एक्टिंग ने उन्हें अपनी फ्रस्टेशन निकालने का एक रास्ता दिया.

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हर रोज करें उत्थित पार्श्वकोणासन, पैरों और पेट की मांसपेशियों को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली, 8अक्टूबर (आईएएनएस)। योग पद्धति में ऐसे कई आसन हैं, जो शरीर को मजबूत बनाने के साथ-साथ लचीलापन और संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। उत्थित पार्श्वकोणासन भी ऐसा ही एक योगासन है, जो शरीर के निचले हिस्से को मजबूत करने और पार्श्व अंगों में खिंचाव लाने के लिए किया जाता है।

उत्थित पार्श्वकोणासन को एक्सटेंडेड साइड एंगल पोज भी कहा जाता है। इस आसन में एक हाथ जमीन पर और दूसरा हाथ सिर के ऊपर तिरछा उठाकर शरीर को एक सीधी रेखा में खींचा जाता है। इसके अभ्यास से पैरों, जांघों, कूल्हों और पेट की मांसपेशियों को मजबूत रहती है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर रहती है और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है।

आयुष मंत्रालय ने इसको करने के फायदे पर अहम प्रकाश डाला है। उत्थित पार्श्वकोणासन एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ विस्तारित पार्श्व कोण मुद्रा है। यह खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है, जो पेट के अंगों की मालिश करता है, पाचन में सुधार लाता है और पैरों व रीढ़ को मजबूत करता है। इसके अलावा, शरीर में लचीलापन भी बढ़ता है और रीढ़ की हड्डी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं, इससे दिमाग को शांति भी मिलती है और मानसिक तनाव से भी दूरी बनी रहती है। नियमित अभ्यास से शरीर का संतुलन, ध्यान और सहनशक्ति भी बढ़ती है।

इसे करना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले योगा मैट पर दोनों पैरों को एक दूसरे से दूर फैला लें। अब दाहिने पैर के पंजे को बाहर की तरफ घुटने से धीरे-धीरे मोड़ें और उसी मुद्रा में नीचे की ओर बैठें। फिर अपने दाएं हाथ को दाएं पैर के पास जमीन पर रखें और बाएं हाथ को ऊपर की ओर सीधा 90 डिग्री के एंगल में रखने की कोशिश करें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहने की कोशिश करें, फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। हालांकि, शुरुआती अभ्यासकर्ताओं को इसको करने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है लेकिन धीरे-धीरे आदत हो जाएगी और शरीर खुलने लगेगा।

शुरुआती अभ्यासकर्ता इस आसन को किसी विशेषज्ञ की निगरानी में ही करें और अगर किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट, माइग्रेन, या हाल ही में कोई सर्जरी हुई है, तो करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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