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‘मेरे खिलाफ बहुत नेगेटिविटी चल रही थी:‘दस का दम’ का नहीं करना चाहते थे सलमान , पिता सलीम खान की सलाह से बदला फैसला

सलमान खान ने बताया कि नेगेटिविटी के दौर में वह ‘दस का दम’ होस्ट करने को लेकर झिझक रहे थे। जिसके बाद उनके पिता सलीम खान ने उन्हें खुद पर भरोसा रखने की सलाह दी थी। सलमान ने यह बात शनिवार को टीवी शो ‘बिग बॉस’ में कही। उन्होंने कंटेस्टेंट्स को अपनी असली पर्सनैलिटी छिपाने और टकराव से बचने पर फटकार लगाई। सलमान ने कहा कि कंटेस्टेंट्स इसलिए खुलकर नहीं खेल रहे थे, क्योंकि उन्हें डर था कि वह वीकेंड पर डांटेंगे। उन्होंने कहा कि अगर गेम में कंटेंट नहीं होगा, तो वह क्या कहेंगे। सलमान खान ने कंटेस्टेंट्स से बिना डरे अपनी बात रखने और खुलकर खेलने को कहा। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते कई कंटेस्टेंट्स काफी दबकर खेलते दिखे। इसके बाद सलमान ने अपनी जिंदगी का उदाहरण दिया। सलमान ने बताया कि उस वक्त उनके खिलाफ कोर्ट केस, रिलेशनशिप और फिल्मों से जुड़ी कई खबरें मीडिया में चल रही थीं। उन्होंने कहा कि अखबारों से लेकर टीवी चैनलों तक हर जगह उनके बारे में नकारात्मक बातें हो रही थीं। ऐसे में जब उन्हें ‘दस का दम’ ऑफर हुआ, तो उन्होंने पहले इसे करने से इनकार करने का मन बना लिया था। सलमान ने पिता से शो को लेकर सलाह ली थी सलमान के मुताबिक, उन्होंने अपने पिता सलीम खान से पूछा कि उन्हें यह शो करना चाहिए या नहीं। सलीम खान ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें अपनी पर्सनैलिटी, सोच, दिल और परवरिश पर भरोसा है। सलमान के ‘हां’ कहने पर उनके पिता ने उन्हें शो करने और खुद को उसी तरह पेश करने की सलाह दी। सलमान ने कहा कि उन्होंने ‘दस का दम’ में किसी किरदार को निभाने के बजाय खुद को वास्तविक रूप में पेश किया। उनके मुताबिक, इस शो के जरिए दर्शकों ने पहली बार उन्हें सिर्फ एक एक्टर के तौर पर नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में जाना। उन्होंने कहा कि लोग ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘हम दिल दे चुके सनम’ और ‘करण अर्जुन’ जैसी फिल्मों को भूलकर ‘दस का दम’ के जरिए उन्हें एक अलग नजरिए से देखने लगे। सलमान ने कहा कि शो में दर्शकों ने एक्टर नहीं, बल्कि ‘एक इंसान’ देखा और यही उनके लिए सबसे अहम बदलाव था। ऐसा था ‘दस का दम’ का फॉर्मेट ‘दस का दम’ पहली बार 2008 में सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर प्रसारित हुआ था। इसी साल सलमान ने शो के होस्ट की जिम्मेदारी संभाली थी। शो का फॉर्मेट मुश्किल था। इसमें दो कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे के सामने होते थे। सही अनुमान लगाने वाला कंटेस्टेंट जीतता था। यह शो अमेरिका के गेम शो ‘पावर ऑफ 10’ से प्रेरित था। अब तक इसके कुल तीन सीजन (2008, 2009 और 2018) प्रसारित हो चुके हैं और इन तीनों ही सीजन को सलमान खान ने होस्ट किया है। ‘दस का दम’ के बाद साल 2010 (सीजन 4) में सलमान ने रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ की कमान संभाली। तब से लेकर आज (2026 में सीजन 20) तक, वह इस शो के चेहरा बने हुए हैं। बिग बॉस 20 में मिड-वीक एविक्शन इस बीच, पिछले हफ्ते बिग बॉस 20 में गेम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। सलमान कंटेस्टेंट्स को फटकारते और किसी एक को घर से बाहर करते, उससे पहले ही बिग बॉस ने मिड-वीक एविक्शन की घोषणा कर दी। इसके बाद मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी को घर से बाहर कर दिया गया। …………….. सलमान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ को सरकार से NOC मिल गई है। अब फिल्म को CBFC की मंजूरी का इंतजार है। भारत-चीन के बीच 2020 में हुए टकराव पर बनी इस फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी देश के सम्मान को ठेस न पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (IB Ministry) को मेकर्स के दिए ‘मातृभूमि’ के नए वर्जन से कोई आपत्ति नहीं है।इसके बाद इस वॉर-ड्रामा फिल्म को NOC दे दी गई है। NOC मिलने के बाद फिल्म इस साल के आखिर में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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‘आप दुनिया के हीरो हैं’, नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर को किया फोन, इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर शामिल होने का दिया न्योता

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से बात कर उनकी बहादुरी की तारीफ की है। दरअसल नेतन्याहू ने उन्हें भारत, इजराइल और पूरी दुनिया का हीरो बताया है। उन्होंने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने और मशाल जलाने का न्योता भी दिया है। वहीं बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने फ्लाइट के कॉकपिट में हुई घटना के बारे में स्मित से सीधे जानकारी ली।

दरअसल 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके को-पायलट ने हमला कर दिया था। हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हुए लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। घटना में विमान में सवार सभी 174 लोग सुरक्षित रहे।

कैप्टन स्मित ने बताया कॉकपिट में क्या हुआ

वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित से पूछा कि आखिर फ्लाइट में हमला कैसे शुरू हुआ। स्मित ने बताया कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने इसे सामान्य बात समझा और अपनी तरफ से कोई शक नहीं किया। स्मित के मुताबिक को-पायलट उनके पीछे बैठकर प्रार्थना करने लगा। कुछ मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। स्मित ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान में कोई बड़ी तकनीकी समस्या आई है। इसके बाद लगातार कई वार हुए और तब उन्हें समझ आया कि हमला विमान पर नहीं बल्कि उन्हीं पर किया जा रहा है। उस वक्त उनकी नजर भी ठीक से काम नहीं कर रही थी और सब कुछ धुंधला दिखाई दे रहा था। इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है।

हमले के बीच स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन पहली कोशिश में वह सफल नहीं हो पाए। बाद में उन्होंने दरवाजे के नॉब तक अपना हाथ पहुंचाया और उसे घुमाकर दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिला और हमलावर को काबू किया गया। दो अन्य पायलटों ने विमान को संभालने में मदद की और इसे तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया।

स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का न्योता

वहीं बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की हिम्मत और मुश्किल हालात में लिए गए फैसले की तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्मित ने भारत और इजराइल के लोगों के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए बहादुरी दिखाई है। इसके बाद नेतन्याहू ने उन्हें इजराइल आने का न्योता दिया। नेतन्याहू ने कहा कि वह कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। इजराइल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाला मशाल जलाने का समारोह खास माना जाता है।

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  Sports

AFG vs BAN, Day-1 अफगानिस्तान के तेज गेंदबाजों ने बपराया कहर, पहले दिन बांग्लादेश ने 8 विकेट पर बनाए 317 रन

अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन बांग्लादेश की टीम ने 8 विकेट के नुकसान पर 317 रन का स्कोर खड़ा किया. दूसरे सेशन के बाद अफगानिस्तान के तेज गेंदबाजों ने जबरदस्त वापसी की, जिससे बांग्लादेश के बल्लेबाज मुश्किल में नजर आए. दिन की समाप्ति तक बांग्लादेश के लिए नईम हसन और तैजुल इस्लाम क्रीज पर खड़े थे. Fri, 9 Oct 2026 23:08:48 +0530

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