लहर-लहर:सही नजरिया... इंसान हो या समुदाय, खुले मन से देखिए, किसी धारणा से नहीं
अक्सर लोग पूछते हैं कि नैतिकता के क्या मायने हैं? जबकि असली सवाल यह है कि नैतिकता को लेकर आपका नजरिया क्या है और उसका आधार क्या है? क्या आप किसी बात को इसलिए सही मानते हैं, क्योंकि उसमें आपका फायदा, तरक्की और भला है? या आप यह भी देख सकते हैं कि असल में सही क्या है? मान लीजिए, दो लोगों के बीच कोई विवाद है। ऐसे में अगर आप अपने आपको दोनों से थोड़ा अलग करके, एक तीसरे व्यक्ति की तरह उस स्थिति को देख सकें- न अपने पक्ष में, न सामने वाले के पक्ष में- और केवल यह तय करने की कोशिश करें कि सही क्या है, तो वहीं से नैतिकता की शुरुआत होती है। फिर वह बात आपके फायदे में हो या नुकसान में, अगर आपको लगता है कि यही सही और सच्ची बात है, तो उसे कहना और उसके साथ खड़ा होना जरूरी है। आज हम इसे बहुत बड़ा नैतिक काम मानने लगे हैं। जबकि हर व्यक्ति में इतनी क्षमता होनी चाहिए कि वह अपने हित से ऊपर उठकर सही और गलत को देख सके। स्त्री-पुरुष के संबंधों में नैतिकता की बात भी इसी संदर्भ में समझनी चाहिए। अगर आप पुरुष हैं, तो सबसे पहले यह समझिए कि स्त्री भी उतनी ही इंसान है, जितने आप हैं। ज़िंदगी पर उसका उतना ही अधिकार है, जितना आपका। आप दोनों साथ हैं तो बहुत कुछ ‘हमारा’ है- उसका भी और आपका भी। लेकिन कुछ चीजें आपकी अपनी हैं, जिन्हें आप अपने तक रखते हैं। उतना ही अधिकार उसे भी है कि कुछ चीजें उसकी अपनी हों, जिन्हें वह अपने तक रखे। आप सपने देखते हैं, अपने बारे में सोचते हैं कि मुझे क्या करना है, कहां पहुंचना है। अपने जीवन को लेकर निर्णय लेने का उतना ही अधिकार उसे भी है। देखिए, एक सूर्य है, जिसके चारों तरफ सारे ग्रह घूमते हैं- आठ या नौ प्लैनेट। कभी आठ हो जाते हैं, कभी नौ। बेचारा प्लूटो है, जिसे कभी ग्रहों में शामिल किया जाता है, कभी बाहर कर दिया जाता है। लेकिन अगर हम यह मान लें कि हम सूर्य हैं और हमारी जिंदगी में स्त्री, बच्चा, भाई या कोई भी दूसरा व्यक्ति हमारे चारों तरफ घूमने वाला प्लैनेट है, तो यह गलत सोच है। यह इंसाफ, सच्चाई और नेकी की सोच नहीं है। हमारा फर्ज है कि हम हरेक को प्लैनेट समझें और अपने को भी प्लैनेट समझें। या हरेक को सूर्य समझें और अपने को भी सूर्य समझें। यानी किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी ज़िंदगी का सिर्फ एक हिस्सा या अपने इर्द-गिर्द घूमने वाला व्यक्ति मानने के बजाय, उसके स्वतंत्र अस्तित्व और अधिकार को भी उतना ही महत्व दें। सामाजिक नैतिकता भी यही है कि आप जो अपने बारे में सोचते हैं, वही दूसरे के बारे में भी सोचें। जो आपको दूसरों से चाहिए, उसे दूसरों को देने के लिए भी तैयार रहें। एक चीज है साम्प्रदायिकता, जिससे बड़ी विचारहीनता की बात कोई नहीं हो सकती। यह ऐसा है, जैसे कोई कहे कि पुणे में रहने वाले लोग ताश बहुत खेलते हैं, जबलपुर में रहने वाले लोग गन्ना नहीं खाते, इलाहाबाद के लोग बहुत कंजूस होते हैं और कानपुर के लोगों को पैसे का होश नहीं रहता; वे उसे गलत आदतों में खर्च कर देते हैं। यह धारणा ठीक नहीं है, क्योंकि हर शहर में हर तरह के लोग रहते हैं। किसी शहर के सभी लोगों को एक ही आदत या स्वभाव से जोड़ देना ठीक नहीं हो सकता। हर शहर में हर तरह के लोग मौजूद हैं। यही बात हर कम्युनिटी पर भी लागू होती है। जैसे किसी शहर के सभी लोगों को एक ही रंग में नहीं देखा जा सकता, वैसे ही किसी कम्युनिटी के हर व्यक्ति को भी एक ही धारणा में नहीं बांधा जा सकता। व्यक्ति को पसंद कीजिए या नापसंद कीजिए, लेकिन किसी पूरी कम्युनिटी के प्रति सामूहिक रूप से नफरत या नापसंदगी रखना उचित नहीं है। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
नुसरत भरूचा की सर्जरी होगी:अनु अग्रवाल हादसे के बाद 29 दिन कोमा में थीं, महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए थे कांच के टुकड़े
एक्ट्रेस नुसरत भरूचा हाल ही में बाली में एक हादसे का शिकार हो गईं। वह काम और छुट्टियों से जुड़े दौरे पर बाली गई थीं। हादसे के बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। जिसके बाद आगे की सर्जरी के लिए उन्हें मुंबई लाने का फैसला किया गया। इसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। 2 अक्टूबर को वह एयर एंबुलेंस से मुंबई पहुंचीं। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई एक्ट्रेस हादसों में घायल हो चुकी हैं। हादसे के बाद एक्ट्रेस अन्नू अग्रवाल की याददाश्त चली गई थी। तो वहीं महिमा चौधरी के चेहरे से 67 कांच के टुकड़े निकाले गए थे। अनु अग्रवाल का गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था 1990 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'आशिकी' से मशहूर हुईं एक्ट्रेस अनु अग्रवाल के साथ साल 1999 में दर्दनाक हादसा हुआ था। मुंबई में एक लेट-नाइट पार्टी से लौटते समय अनु की कार का गंभीर एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे में उनके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हुए, उनका चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ और सिर व दिमाग में अंदरूनी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद वह 29 दिनों तक कोमा में रहीं। होश में आने के बाद उनका आधा शरीर पैरालिसिस (लकवा) का शिकार हो चुका था और याददाश्त चले जाने के कारण वह अपनी पुरानी जिंदगी और पहचान तक भूल चुकी थीं। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में एक्सीडेंट पर अनु अग्रवाल ने बताया था, मेरा सीधा हाथ पूरा पैरालाइज्ड था, मैं खुद खाना भी नहीं खा पाती थी। एक्सीडेंट के 7 साल बाद तक ये हुआ। मेरे कई एक्सीडेंट हुए थे। मेरा उल्टा हाथ, पैसिव था। राइट हैंड काम करता था। जब सीधा हाथ पैरालाइज हुआ, तो मैं चेक भी साइन नहीं कर पाती थी। मेरे कई चेक बाउंस हो गए। खाना उल्टे हाथ से कैसे खाना है, चम्मच इधर-उधर जाता। सुबह नाइट सूट का नाड़ा खोलने के लिए आपको दो हाथ चाहिए, एक हाथ से नाड़ा नहीं खुलता था। किस तरह मैं टूथब्रश पकड़ती। पेस्ट बार-बार फिसलता। एक हाथ से ये सब करती थी। हालांकि, अनु अग्रवाल ने हार नहीं मानी और योग, ध्यान तथा आत्मबल के सहारे न सिर्फ दोबारा चलना सीखा, बल्कि अपनी याददाश्त भी वापस पाई। महिमा चौधरी का कार एक्सीडेंट हुआ था फिल्म 'परदेस' से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस महिमा चौधरी का 1999 में बेंगलुरु में गंभीर कार एक्सीडेंट हुआ था। उस वक्त वह अजय देवगन और काजोल की फिल्म 'दिल क्या करे' की शूटिंग कर रही थीं। स्टूडियो जाते समय उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसा इतना गंभीर था कि कार का कांच टूटकर महिमा के चेहरे में जा धंसा। महिमा ने साल 2020 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में बताया था कि मुझे लगा कि मैं मर रही हूं। मैं अस्पताल पहुंची, लेकिन उस समय किसी ने मुझे उठाया तक नहीं और अस्पताल नहीं ले गया। उन्होंने कहा था कि अस्पताल पहुंचने के काफी देर बाद मेरी मां आईं और अजय देवगन भी वहां पहुंचे। जब वे किसी से बात करने गए, तब मैं उठी और मैंने शीशे में अपना चेहरा देखा। मुझे लगा कि वे इतना हंगामा क्यों कर रहे हैं। मैंने कहा, चलो। कुछ नहीं हुआ, मैं ठीक हूं। उन्होंने कहा, 'नहीं, आराम करो। हम वापस आएंगे और शेड्यूल पूरा करेंगे।' मैंने कहा, 'नहीं, नहीं। मेरे पास सिर्फ एक दिन है, तो मुझे इसे खत्म करने दो।' जब मेरी सर्जरी हुई और डॉक्टरों ने मेरे चेहरे से शीशे के 67 टुकड़े निकाले, तब मुझे उस हादसे की गंभीरता का एहसास हुआ। मैं आज भी इस बारे में बात करते हुए रो पड़ती हूं, क्योंकि यह सिर्फ मेरे करियर के बारे में नहीं था। यह जिंदगी में किसी भी चीज को लेकर आपके नजरिए को बदल देने वाला अनुभव था। मुझे स्टेपल जैसे टांकों के साथ रहना पड़ा और बिना धूप के घर के अंदर रहना पड़ा। मेरे घर की खिड़कियों को काला कर दिया गया था। मैंने खुद को शीशे में देखना बंद कर दिया था। घर में कोई शीशा नहीं था और धूप भी अंदर नहीं आती थी। यहां तक कि जिन लाइटों में यूवी किरणें होती हैं, उन्हें भी मैं घर में नहीं रख सकती थी, ताकि चेहरे पर निशान न रह जाएं। उस दौरान मेरे पास कई फिल्में लाइन में थीं, जिनका मुझे हिस्सा बनना था, लेकिन हादसे के कारण मुझे उनमें से कई फिल्में छोड़नी पड़ीं।' हेमा मालिनी भी हुई थीं भीषण सड़क हादसे का शिकार बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी भी साल 2015 में एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हुई थीं। यह दुर्घटना 2 जुलाई 2015 को राजस्थान के दौसा के पास आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे-11 पर हुई थी। हादसे में हेमा मालिनी घायल हुई थीं, जबकि दूसरी कार में सवार मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। हेमा मालिनी अपनी मर्सिडीज कार से मथुरा से जयपुर जा रही थीं। इसी दौरान उनकी कार की सामने से आ रही ऑल्टो कार से टक्कर हो गई। ऑल्टो में एक परिवार सवार था। हादसे में ऑल्टो कार में सवार 2 साल की बच्ची चिन्नी की मौत हो गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए थे। वहीं हेमा मालिनी को भी गंभीर चोटें आई थीं। इस दुर्घटना में हेमा मालिनी के चेहरे पर गहरी चोटें आईं। उनके माथे और दाईं आंख के ऊपर भी चोट लगी थी। उन्हें इलाज के लिए जयपुर के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे की सर्जरी की गई थी। हादसे के बाद इस बात को लेकर विवाद भी हुआ था कि दुर्घटना के बाद घायलों को कितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिली। मृत बच्ची के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि बच्ची कुछ समय तक घटनास्थल पर ही पड़ी रही। दूसरी ओर, हेमा मालिनी को एक स्थानीय डॉक्टर अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए थे। घटना के बाद पुलिस ने हेमा मालिनी की कार के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में कार्रवाई की थी। शूटिंग के दौरान तनीषा मुखर्जी की कार खाई में गिरी थी एक्ट्रेस तनीषा मुखर्जी की पहली हिंदी फिल्म 'Sssshhh...' की शूटिंग के दौरान 2003 में हादसा हुआ था। विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में तनीषा ने बताया था कि वह फिल्म की शूटिंग के लिए मनाली में थीं। उनके साथ अभिनेता डिनो मोरिया, गौरव कपूर और फिल्म के निर्देशक पवन एस. कौल भी कार में मौजूद थे। रास्ते में कार बर्फ की वजह से फिसली और खाई में जा गिरी। इस हादसे में तनीषा को सिर में गंभीर चोट लगी और उन्हें कंसशन हुआ। उन्होंने बताया था कि हादसे के बाद उनकी याददाश्त भी चली गई थी और उन्हें ठीक होने में एक साल से ज्यादा समय लगा। इलाज के लिए उन्हें दिल्ली भी लाया गया था। तनीषा ने इस घटना को याद करते हुए बताया था कि फिल्मों में अक्सर दिखाया जाता है कि किसी हादसे के बाद व्यक्ति उठकर पूछता है कि 'आप कौन हैं', लेकिन उनके मामले में वास्तव में ऐसा हुआ था। हादसे के बावजूद उन्हें फिल्म पूरी करनी पड़ी। मलाइका अरोड़ा कार हादसे में घायल हुई थीं अप्रैल 2022 में मलाइका अरोड़ा एक कार एक्सीडेंट में घायल हो गई थीं। यह हादसा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कार कई वाहनों की टक्कर में फंस गई थी। हादसे के बाद मलाइका को अस्पताल ले जाया गया। उन्हें आंख के पास चोट लगी और चेहरे पर टांके भी आए। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली। कनाडा में रंभा की कार को दूसरी गाड़ी ने टक्कर मारी थी 'जुड़वा' और कई फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस रंभा भी गंभीर सड़क हादसे का सामना कर चुकी हैं। 2022 में कनाडा में उनकी कार को दूसरी गाड़ी ने टक्कर मार दी थी। हादसे के समय रंभा के साथ उनकी बेटी और नैनी भी कार में थीं। रंभा ने सोशल मीडिया पर एक्सीडेंट की जानकारी शेयर की थी। उनकी बेटी को हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। शूटिंग के दौरान घोड़ा-गाड़ी से गिरी थीं मनीषा कोइराला मनीषा कोइराला शूटिंग के दौरान घायल हो गई थीं। अक्टूबर 2002 में फिल्म 'पैसा वसूल' की शूटिंग के दौरान वह घोड़ा-गाड़ी से गिर गई थीं। उन्हें पैर में चोट लगी और अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में डॉक्टरों ने उनके दाहिने पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर की पुष्टि की। उन्हें कुछ दिनों तक अस्पताल में रखा गया और आराम की सलाह दी गई। ऐश्वर्या राय को शूटिंग के दौरान चोट लगी थी ऐश्वर्या राय भी शूटिंग के दौरान गंभीर चोट का सामना कर चुकी हैं। साल 2003 में फिल्म 'खाकी' की शूटिंग के दौरान एक सीन फिल्माया जा रहा था। इस सीन में एक वाहन को ऐश्वर्या से कुछ दूरी पर रुकना था, लेकिन ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और गाड़ी ऐश्वर्या से जा टकराई। हादसे के बाद ऐश्वर्या गिर गईं और उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उनके को-स्टार अक्षय कुमार उन्हें अस्पताल लेकर गए थे। सोनम कपूर 'प्रेम रतन धन पायो' के सेट पर लगी थी चोट सोनम कपूर भी फिल्म के सेट पर हादसे का सामना कर चुकी हैं। साल 2015 में 'प्रेम रतन धन पायो' की शूटिंग के दौरान एक डांस सीक्वेंस फिल्माया जा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनम को एक डांस सीक्वेंस में जमीन से ऊपर उठाया जाना था। लैंडिंग के दौरान वह गिर गईं और उनके पैर में चोट लगी। उनके टखने से खून निकलने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
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