एशियाड में 5 भारतीय खिलाड़ियों ने मेडल की हैट्रिक लगाई:23 ने 2-2 मेडल जीते; क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी में डबल गोल्ड
एशियन गेम्स में भारत का अभियान समाप्त हो चुका है। जापान में 16 दिन चले गेम्स में भारत चौथे स्थान पर रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज सहित 85 मेडल दिलाए। 5 खिलाड़ियों ने मेडल की हैट्रिक लगाई, जबकि 23 खिलाड़ियों ने 2-2 मेडल जीते। क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की पुरुष-महिला टीमों ने गोल्ड जीते। सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलीट्स ने जीते भारत को सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलेटिक्स में जीते। आर्चरी और शूटिंग के 5-5 खिलाड़ी ने दोहरे पदक जीते। स्क्वैश के चार और गोल्फ की प्रणवी उर्स को 2 मेडल मिले। क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की दोनों टीमों में एशियन चैंपियन सिंगल मेडल जीतने वाले खिलाड़ी ---------------------------------------------------- एशियन गेम्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 24 साल बाद लड़कों से आगे हुई भारत की लड़कियां, शूटिंग-एथलेटिक्स में इस बार 9 स्वर्ण का नुकसान एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं। पढ़ें पूरी खबर
24 साल बाद लड़कों से आगे भारत की लड़कियां:4 गोल्ड ज्यादा जीते; हॉकी का ओलिंपिक टिकट मिला, 5 पॉइंट में एशियन गेम्स का एनालिसिस
एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते। उज्बेकिस्तान ने भी भारत के बराबर ही गोल्ड जीते हैं लेकिन ज्यादा सिल्वर के आधार पर भारत चौथे स्थान पर रहा। आगे 5 पॉइंट्स में पढ़िए 2026 एशियन गेम्स का निचोड़ 2002 के बाद पहली बार भारत की लड़कियों को ज्यादा मेडल भारत ने इस बार लड़कियों के इवेंट में 11 तो लड़कों के इवेंट में 7 गोल्ड जीते। 3 गोल्ड मिक्स्ड इवेंट में आए। इससे पहले 2002 में बुसान में हुए एशियन गेम्स में भारत की लड़कियां आगे रही थीं। तब भारत ने लड़कियों के इवेंट में 6 और लड़कों के इवेंट में 5 गोल्ड जीते थे। बॉक्सिंग, रेसलिंग में बेहतर हुआ प्रदर्शन, शूटिंग-एथलेटिक्स में पिछड़े भारत ने 2023 में चीन के ग्वांगझू में हुए एशियन गेम्स में 28 गोल्ड के साथ 106 मेडल जीते थे। तब भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे। इस बार शूटिंग में 3 और एथलेटिक्स में 1 ही गोल्ड आया। यानी इन दो खेलों में ही भारत को 9 गोल्ड का नुकसान हो गया। भारत ने पिछली बार स्कॉश में 2 और टेनिस, बैडमिंटन और घुड़सवारी में 1-1 गोल्ड जीता था। इन खेलों में इस बार भारत को कोई गोल्ड नहीं मिला। बॉक्सिंग और रेसिलिंग में अच्छे प्रदर्शन ने कुछ हद तक गोल्ड में कमी की भरपाई की है। पिछली बार भारत को इन दोनों खेलों में एक भी गोल्ड नहीं मिला था। इस बार बॉक्सिंग में 3 और रेसलिंग में 2 गोल्ड आए हैं। आर्चरी में भारत ने पिछले प्रदर्शन को दोहराया है। टीम इवेंट्स में धाक कायम, हॉकी में गोल्ड के साथ 2 ओलिंपिक टिकट भी टीम इवेंट्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों के गोल्ड मेडल जीते हैं। हॉकी में एशियाड गोल्ड जीतने पर सीधे ओलिंपिक का टिकट मिलता है, लिहाजा भारत की दोनों हॉकी टीम लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई कर गई है। यह पहला मौका है जब भारत की दोनों वर्गों की हॉकी टीमों ने एक ही इवेंट में गोल्ड जीता है। मेडल टैली में 44 साल से चीन की चौधराहट कायम चीन ने इस बार 169 गोल्ड सहित 341 मेडल जीते हैं। नंबर-2 पर रहे जापान ने 83 गोल्ड जीते हैं। चीन से आधे से भी कम। चीन 1982 से अब तक हर एशियन गेम्स में टेबल टॉपर रहा है। भारत ने पोजीशन के लिहाज से पिछले एशियन गेम्स के प्रदर्शन की बराबरी की है। लेकिन, इस बार 7 गोल्ड सहित कुल 21 मेडल की कमी आई है। 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटे, भारतीय तीरंदाजी टीम ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की इस एशियन गेम्स में अलग-अलग इवेंट्स में कुल 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे हैं। साथ ही 166 नए गेम्स रिकॉर्ड भी बने। भारतीय विमेंस कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने फाइनल में चीन के खिलाफ 238 पॉइंट्स बनाए। यह वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी है। ---------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… तीसरी बार 350 रन बनाने के बावजूद हारा भारत:रोहित सबसे तेज 10 हजार वनडे रन बनाने वाले ओपनर; वेस्टइंडीज का सबसे बड़ा रनचेज वेस्टइंडीज ने भारत को तीसरे वनडे में 5 विकेट से हरा दिया। न्यू चंडीगढ़ में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 351 रन बनाए थे। इसके बावजूद उसे हार झेलनी पड़ी। यह तीसरा मौका है, जब टीम 350+ रन बनाकर भी हार गई। शनिवार को वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में टारगेट हासिल किया। यह टीम का वनडे में सबसे बड़ा सफल रनचेज भी है। पूरी खबर
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