Home Hygiene: घर में जूते पहनकर क्यों नहीं जाना चाहिए? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
घर में घुसते समय जूते बाहर उतारने की सलाह अक्सर दी जाती है। इसकी वजह सिर्फ घर में मिट्टी और गंदगी आने से बचाना नहीं है। जूतों के तलवों पर बैक्टीरिया के साथ-साथ कई दूसरी हानिकारक चीजें भी चिपकी हो सकती हैं, जो जूतों के जरिए घर के अंदर पहुंच जाती हैं। कुछ शोधों में जूतों के तलवों पर ऐसे बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो बीमारियों का कारण बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि जूतों को घर के बाहर उतारना क्यों जरूरी माना जाता है।
जूतों के तलवों पर चिपके हो सकते हैं बैक्टीरिया
2008 में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि लगभग 80 प्रतिशत जूतों के निचले हिस्से में फीकल बैक्टीरिया यानी मल में पाए जाने वाले बैक्टीरिया मौजूद थे। ये बैक्टीरिया अक्सर सार्वजनिक शौचालयों की फर्श से जूतों पर चिपक सकते हैं और फिर हमारे साथ घर तक पहुंच सकते हैं।
इसके अलावा, बाहर कुत्तों और पक्षियों की बीट में मौजूद बैक्टीरिया भी जूतों के तलवों पर चिपक सकते हैं। अस्पताल जैसी जगहों पर मौजूद कीटाणुओं के जूतों पर पहुंचने की संभावना भी रहती है।
एक दूसरी रिसर्च में पाया गया कि 65 प्रतिशत डॉक्टरों के जूतों पर एंटीबायोटिक के असर को मात देने वाले एमआरएसए या आंतों में पाए जाने वाले एंटरोकोकस फेकेलिस जैसे बैक्टीरिया मौजूद थे।
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कार्पेट वाले फर्श पर ज्यादा फैल सकते हैं बैक्टीरिया
2023 में न्यूयॉर्क सिटी की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में हुई एक स्टडी में फुटपाथ के बारिश के पानी, जूतों के तलवों और विश्वविद्यालय के फर्श से नमूने लिए गए।
इस स्टडी में पाया गया कि छात्रों और शिक्षकों के जूतों के तलवों पर वही बैक्टीरिया मौजूद थे, जो बाहर फुटपाथ पर पाए गए थे। इस वजह से विश्वविद्यालय के अंदर के हिस्से में भी बैक्टीरिया पाए गए। खासतौर पर कार्पेट वाली जगहों पर बैक्टीरिया का संक्रमण सबसे ज्यादा पाया गया।
जूतों के साथ घर आ सकते हैं हानिकारक केमिकल्स
जूते सिर्फ बैक्टीरिया ही नहीं, बल्कि कई दूसरे हानिकारक पदार्थ भी घर के अंदर ला सकते हैं। पीएफएएस ऐसे केमिकल्स हैं, जो पर्यावरण और हमारे शरीर में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। इसी वजह से इन्हें ‘फॉरएवर केमिकल्स’ भी कहा जाता है। ये केमिकल्स भी जूतों के साथ घर के अंदर पहुंच सकते हैं।
इसके अलावा, घर की मरम्मत या निर्माण के दौरान निकलने वाली सीसे की धूल भी जूतों पर चिपक सकती है। खेतों और घर के बगीचों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक भी जूतों के जरिए घर में आ सकते हैं।
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घर में घुसने से पहले जूते उतारना क्यों बेहतर?
2023 के एक सर्वे के मुताबिक, करीब 63 प्रतिशत अमेरिकी लोग घर पहुंचते ही नियमित रूप से अपने जूते बाहर उतार देते हैं। वहीं, 24 प्रतिशत लोग अपने घर आने वाले मेहमानों से भी जूते बाहर उतारने के लिए कहते हैं।
जूतों के तलवों के जरिए घर में मिट्टी, बैक्टीरिया और कई तरह के हानिकारक पदार्थ पहुंच सकते हैं। ऐसे में घर के बाहर जूते उतारना घर के अंदर इन चीजों के आने को कम करने का एक आसान तरीका हो सकता है।
Health Tips: सीने में जलन दिल का रोग नहीं बल्कि Digestion की गड़बड़ी, ऐसे पहचानें Heartburn
खानपान में गड़बड़ी होना पाचन स्वास्थ्य की समस्याओं की सबसे बड़ी वजह माना जाता है। क्योंकि आप जो भी खाते हैं, उसका सीधा असर सेहत पर देखने को मिलता है। अधिक तलाभुना, मसालेदार खाना और जंक फूड्स आदि को खाने से पाचन संबंधी दिक्कतें होती हैं। क्या आपको भी खाना खाने के बाद अचानक से छाती में भारीपन, सीने में जलन या फिर अंदर से जलन होने जैसा अनुभव होता है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो यह हार्ट बर्न की समस्या की ओर संकेत हो सकता है।
सीने में जलन की समस्या होने पर अधिकतर लोगों के मन में सबसे पहले दिल की बीमारी का ख्याल आता है। कई लोग मान लेते हैं कि हार्ट बर्न की समस्या का सीधा संबंध हृदय से है। लेकिन ऐसा होना जरूरी नहीं है। दरअसल, सीने में होने वाली जलन दिल की नहीं बल्कि पाचन से जुड़ी समस्या का संकेत होती है।
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हार्ट बर्न का हो सकते हैं शिकार
सीने में जलन में शरीर में क्या होता है
सीने में जलन की समस्या होने पर पेट का अम्ल ऊपर की तरफ भोजन की नली में पहुंच जाता है। भोजन की नली में यह अम्ल जल पैदा करता है। जिसकी वजह से सीने या फिर छाती की हड्डी के पीछे जलन जैसा एहसास होता है। वहीं कई बार यह जलन गले तक पहुंच जाती है।
वहीं कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि खट्टा तरल पदार्थ या भोजन वापस गले की ओर आ रहा है। मुंह में कड़वा या खट्टा स्वाद महसूस होता है। इसलिए सीने में जलन की समस्या को सिर्फ दिल से जोड़ना सही नहीं है।
सीने में जलन की समस्या और इसके खतरे
खाना खाने के बाद पेट में खाने को पचाने के लिए अम्ल बनता है। यह अम्ल सामान्य स्थिति में पेट के भीतर रहता है।
जब पेट और भोजन की नली के बीच मौजूद मांसपेशी ठीक से बंद नहीं हो पाती हैं या फिर गलत समय पर ढीली पड़ जाती हैं। तो भोजन की नली में पेट का अम्ल वापस ऊपर आ सकता है।
वहीं भोजन की नली की अंदरूनी परत तेज अम्ल को सहन करने के लिए तैयार नहीं होती है, जिस कारण जलन और दर्द महसूस होने लगता है।
इस स्थिति में खट्टी डकार, सीने में जलन, मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद और कई बार गले में जलन की समस्या हो सकती है।
हालांकि कभी-कभी सीने में जलन होना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो इसको गैस या अपच की समस्या समझकर टालना नहीं चाहिए।
क्यों होती है सीने में जलन
खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या सीने में जलन को बढ़ा सकती हैं। अधिक तला-भुना, ज्यादा खाने खाने, मसालेदार खाना खाने और खाने के फौरन बाद लेट जाने से इसका खतरा अधिक बढ़ जाता है।
खट्टे खाद्य पदार्थ, चाय-कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय और शराब भी सीने में जलन की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
धूम्रपान, वेट ज्यादा होने और प्रेग्नेंसी के दौरान पेट का अम्ल ऊपर आने से यह समस्या बढ़ सकती है।
वहीं अगर आप खाना खाने के फौरन बाद लेट जाते हैं, तो पेट का अम्ल और सामग्री ऊपर आने की संभावना हो सकती है।
सीने की जलन से राहत पाने के तरीके
ज्यादा भोजन करने से बचें।
खाना खाने के फौरन बाद लेटने से बचें।
रात में सोने से कुछ घंटे पहले खाना खाएं।
ज्यादा वेट होने पर वजन कंट्रोल करें।
धूम्रपान न करें।
हल्की जलन से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह पर दवा ले सकते हैं।
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