सेवा संकल्प यात्रा के लिए खाली कराई मंडी, किसान हुए परेशान, सोयाबीन की नीलामी के इंतजार में किला मैदान में गुजारी रात
धार में सेवा संकल्प यात्रा और विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन हो चुका है लेकिन आयोजन से पहले कृषि उपज मंडी खाली कराने का मुद्दा सामने आया है। दरअसल सोयाबीन की फसल लेकर मंडी पहुंचे किसानों को रात में बाहर कर दिया गया था। इसके बाद किसानों को अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किला मैदान में रात गुजारनी पड़ी। किसान अपनी उपज की नीलामी शुरू होने का इंतजार करते रहे।
दरअसल धार में इन दिनों सोयाबीन की कटाई चल रही है। किसान खेत से फसल काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में उपज भरकर कृषि उपज मंडी पहुंचे थे। इसी दौरान मंडी को आयोजन के लिए खाली कराया गया। किसानों को मंडी परिसर में रुकने की अनुमति नहीं मिली जिसके बाद उन्हें अपनी सोयाबीन की उपज लेकर किला मैदान में खड़ा होना पड़ा।
किसानों ने क्या कहा?
वहीं किसानों का कहना है कि मंडी से बाहर किए जाने के बाद उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिली कि उनकी सोयाबीन की नीलामी कब शुरू होगी। ऐसे में किसान रात से अपनी उपज के साथ किला मैदान में मौजूद रहे। किसानों के लिए यह परेशानी इसलिए भी रही क्योंकि वे फसल लेकर सीधे मंडी पहुंचे थे और उन्हें बिक्री के लिए नीलामी का इंतजार करना पड़ा।
किला मैदान में खड़ी रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
दरअसल कृषि उपज मंडी से बाहर किए जाने के बाद बड़ी संख्या में किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किला मैदान में खड़े रहे। किसानों का कहना है कि वे खेत से सोयाबीन की फसल काटकर बिक्री के लिए मंडी लेकर आए थे। मंडी में रुकने की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें वैकल्पिक जगह पर जाना पड़ा। किसानों के मुताबिक किला मैदान में बाथरूम समेत दूसरी जरूरी सुविधाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। रातभर उपज और ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ बाहर रहने के बाद किसान नीलामी शुरू होने का इंतजार करते रहे। किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता यही रही कि उनकी उपज की बिक्री कब शुरू होगी और उन्हें मंडी की सामान्य व्यवस्था कब मिलेगी।
किसानों का कहना है कि सेवा संकल्प अभियान का कार्यक्रम पहले से तय था और उसी समय मंडी में सोयाबीन की आवक भी जारी थी। ऐसे में किसानों के अनुसार आयोजन को देखते हुए मंडी में आने वाली उपज की नीलामी और किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तय की जा सकती थी।
अतिथि शिक्षक चयन में फर्जीवाड़ा, प्रभारी प्राचार्य निलंबित, DEO की जाँच रिपोर्ट के बाद एक्शन
सिंगरौली जिले में अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों में गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, रीवा संभाग ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माड़ा के प्रभारी प्राचार्य रामलल्लू शाह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
प्राचार्य ने की दस्तावेजों में गड़बड़ी
जांच में सामने आया कि माड़ा विद्यालय में अतिथि शिक्षक चयन के दौरान अभ्यर्थी सत्या जायसवाल के दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई। उनकी बीएड प्रथम वर्ष की अंकसूची जून 2025 में जारी होना दर्ज थी। बाद में दस्तावेज अपलोड कर स्कोर में कथित तौर पर 100 अंक बढ़ा दिए गए, जिससे कुल स्कोर 178.75 हो गया। जांच के अनुसार प्रभारी प्राचार्य ने दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन नहीं किया और चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया।
एक अन्य मामले में भी आरोपी
जांच में बरौहा विद्यालय से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया। मन्नू प्रसाद शर्मा ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी अमिता शर्मा का स्कोर 170.53 था, इसके बावजूद 156.46 अंक वाली सरोजवती कुशवाहा का चयन कर लिया गया। मामले में प्रभारी प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसे जांच के दौरान असंतोषजनक पाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद प्रभारी प्राचार्य के निलंबन की अनुशंसा की गई।
संयुक्त संचालक ने किया निलंबित
संयुक्त संचालक ने मामले को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत गंभीर कदाचरण मानते हुए नियम 9 के अंतर्गत रामलल्लू शाह को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, देवसर कार्यालय निर्धारित किया गया है ।इस कार्रवाई के बाद अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। विभागीय कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।
राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट
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