आजमगढ़ में पीपीपी मॉडल पर बने चौराहों के फव्वारे व ढांचे देखरेख के अभाव में बनें शोपीस, देखरेख करने वाली संस्था को दी जाएगी नोटिस
Azamgarh News: आजमगढ़ में पीपीपी मॉडल पर बने चौराहों के फव्वारे और सौंदर्यीकरण के ढांचे देखरेख के अभाव में शोपीस बन गए हैं. शहर के सबसे प्रमुख चौराहों में से एक बावली मोड़ की हालत देखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि देखरेख का क्या स्तर है. यहां पीपीपी मॉडल पर बना फव्वारा और ढांचा धूल की मोटी परतों से पटा पड़ा है. इसके चारों ओर प्रचार के पोस्टर और बैनर चिपका दिए गए हैं, जिससे यह सिर्फ एक विज्ञापन बोर्ड बनकर रह गया है. कुछ ऐसी ही दुर्दशा शहर के करतालपुर तिराहे की भी है. यहां सौंदर्यीकरण के लिए बनाए गए मॉडल और फव्वारे के गड्ढे में गंदा और बदबूदार पानी जमा है.
कचरे को बनाया जवाई की पहचान, तेंदुए के पंजों वाले मैग्नेट पर्यटकों को आ रहे पसंद, देशभर से मिल रहे ऑर्डर
Pali Single Palstic Use: पाली जिले के बिसलपुर गांव के कानाराम मेवाड़ा उर्फ कानजी ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल कर जवाई के तेंदुओं के पंजों के निशानों वाले मैग्नेटिक सिम्बल बनाए हैं. यह अनोखा नवाचार पर्यटकों को खूब पसंद आ रहा है और देश के कई राज्यों से इसके ऑर्डर्स मिल रहे हैं.
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