PM Modi के खिलाफ वैश्विक साजिश का दावा, Serbia के पूर्व राष्ट्रपति के बयान पर बोली BJP
सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है और उसे वैश्विक मंच पर एक बड़ी ताकत बनाया है, फिर भी उन्हें कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। बुधवार को वुसिक के एक पॉडकास्ट का क्लिप वायरल हुआ, ठीक उसी समय जब पीएम मोदी सरकार के प्रमुख के तौर पर अपने 25 साल पूरे कर रहे थे। वुसिक, जिन्होंने पिछले महीने संसदीय चुनाव लड़ने के लिए सर्बिया के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था, ने नेताओं को कमजोर करने की वैश्विक प्रवृत्ति की ओर इशारा किया। पीएम मोदी का खास तौर पर जिक्र करते हुए वुसिक ने कहा कि उन्होंने भारत को एक बड़ी वैश्विक ताकत बनाया है और बहुत बड़े काम किए हैं।
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पीएम मोदी को कमज़ोर करने की कोशिश
वुसिक ने कहा कि आपके पास नरेंद्र मोदी जैसा नेता है। और अब उन्हें कमज़ोर करने की कोशिश की जा रही है। पीएम मोदी ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। वे महात्मा गांधी की सीख का पालन करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आगे कहा उन्हीं की वजह से भारत दुनिया के मंच पर इतना अहम बन गया है। एक बड़ी ताकत बन गया है। उन्होंने बहुत शानदार काम किए हैं, फिर भी लोग यह कहकर उन्हें गिराने की कोशिश करते हैं कि वे नाकाम रहे या न जाने क्या-क्या। यह एक पैटर्न बन गया है। हालांकि, वुसिक ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि उन्हें गिराने की कोशिशों के पीछे कौन था या पीएम मोदी को कथित तौर पर कैसे कमजोर किया जा रहा था। बीजेपी ने सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति की बातों को तुरंत लपक लिया और उन्हें पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ़ के तौर पर पेश किया। बीजेपी ने ट्वीट किया जब दुनिया के नेता हमारे प्रधानमंत्री के बारे में ऐसी बातें कहते हैं, तो सब कुछ साफ़ हो जाता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है और दुनिया इस पर ध्यान दे रही है। बीजेपी नेताओं और प्रवक्ताओं ने भी इस बात को आगे बढ़ाया। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता संजू वर्मा ने ट्वीट किया सर्बिया के राष्ट्रपति ने अस्थिरता पैदा करने और भारत के मतदाताओं द्वारा पीएम मोदी को दिए गए जनादेश को कमजोर करने की कोशिशों के बारे में बात की है।
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इससे पहले दिन में वुसिक ने जिन्होंने पहले भी सर्बिया के साथ भारत के संबंधों और मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा बहुत कम लोग ही यह कह सकते हैं कि उन्होंने अपने देश की सेवा में पच्चीस साल (एक चौथाई सदी) समर्पित किए हैं - पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर और फिर प्रधानमंत्री के तौर पर। वुसिक ने आगे कहा मैं जानता हूं कि आप भारत और उसके भविष्य की कितनी गहराई से परवाह करते हैं, और दुनिया देख सकती है कि आपने भारत का मान कितना ऊंचा किया है। जून में सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति उन शुरुआती नेताओं में शामिल थे जिन्होंने मोदी को सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी।
इजराइली सेना के हमलों में Gaza Strip का राफा शहर पूरी तरह तबाह, सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आई बर्बादी
दीर अल-बला (गाजा पट्टी), सात अक्टूबर (एपी) इजराइल के संभवतः तीन वर्षों के सैन्य अभियान से गाजा पट्टी को लगी सबसे गंभीर चोटों में से एक राफा शहर का पूरी तरह तबाह होना है। कभी करीब ढाई लाख लोगों का घर रहा यह शहर अब लगभग पूरी तरह मिट चुका है। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों से पता चलता है कि इजराइली सेना ने दक्षिणी शहर और अन्य कस्बों तथा इलाकों को व्यवस्थित तरीके से जमींदोज कर दिया है और कुछ स्थानों पर मलबे को भी हटा दिया गया है।
बुलडोजरों और विस्फोटकों के इस्तेमाल से की जा रही यह तोड़फोड़ एक साल पहले हुए इजराइल-हमास संघर्षविराम समझौते के बाद भी लगातार जारी है। इस दौरान सेना उस क्षेत्र के 60 प्रतिशत से कुछ अधिक हिस्से पर अपना नियंत्रण मजबूत कर रही है, जिस पर उसका अब भी नियंत्रण है। गाजा में बर्बादी का मंजर उन अनेक त्रासदियों में से एक है, जिनका सामना 20 लाख फलस्तीनियों को करना पड़ा है।
ये त्रासदियां तब शुरू हुईं जब हमास के लड़ाकों ने सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल पर हमला किया और उसके बाद इजराइल ने हमास को नष्ट करने के लिए सैन्य अभियान शुरू किया। गाजा में लगभग हर परिवार या तो किसी अपने की मौत का शोक मना रहा है या घायलों की देखभाल कर रहा है। अधिकांश लोगों को लड़ाई और इजराइली सेना के निकासी आदेशों से बचने के लिए कई बार अपना स्थान बदलना पड़ा है।
लगभग पूरी आबादी के बेघर होने के कारण तटीय क्षेत्र अब प्रभावी रूप से दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले तंबू-शिविरों में तब्दील हो गया है। समुद्र तटों, पूर्व कृषि भूमि और खाली भूखंडों पर मोटे कपड़े तथा नायलॉन के तंबू और अस्थायी आश्रय फैले हुए हैं। निकट भविष्य में स्थिति में बहुत बदलाव होने की संभावना नहीं है।
संघर्षविराम समझौते से सैन्य अभियान और भारी बमबारी तो रुक गई, लेकिन इजराइल लगभग रोजाना तंबुओं, कारों और इमारतों पर हमले करता है। उसका कहना है कि इन हमलों में हमास के सदस्यों को निशाना बनाया जाता है, लेकिन इनमें अक्सर महिलाएं, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी मारे जाते हैं। लोगों को अब बार-बार एक जगह से दूसरी जगह भागना नहीं पड़ रहा है, लेकिन बहुत कम लोग अपने घर दोबारा बना पा रहे हैं, क्योंकि इजराइल गाजा में अधिकांश निर्माण सामग्री के प्रवेश पर रोक लगाए हुए है।
फलस्तीनी लोग त्रासदी से जूझ रहे हैं। नजवा अबू एइता ने सितंबर 2024 में अपनी सात वर्षीय बेटी को खो दिया, जब इजराइली बलों ने मध्य गाजा के नुसेरात शरणार्थी शिविर में उनके घर पर हमला किया। हमले में उनके तीन अन्य बच्चे घायल हो गए।
अबू एइता की एक आंख चली गई और उनका चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि उनका चार साल का बेटा उनसे कहता है, ‘‘मां, मैं तुम्हें अपनी एक आंख दे दूंगा।’’ लेकिन यह सुनकर वह अंदर ही अंदर रोती हैं।
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