इजराइल में दक्षिणपंथ मजबूत,फिर भी नेतन्याहू पर हार का खतरा:हमास हमले ने बदली देश की राजनीति; वामपंथ कमजोर, अरब पार्टियां अछूत बनीं
7 अक्टूबर 2023 को हमास के करीब 6 हजार लड़ाकों ने इजराइल पर हमला किया। लड़ाके सीमा पार कर शहरों और रिहायशी इलाकों में घुसे। लोगों को घरों और बंकरों में मारा गया, कई लोगों को जिंदा जला दिया गया और 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया। करीब 1,200 लोग मारे गए। इसके जवाब में इजराइल ने गाजा पर हमला शुरू कर दिया। तीन साल बाद भी 7 अक्टूबर का असर सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं है। इस हमले ने इजराइल की राजनीति का एजेंडा भी बदल दिया। इजराइल में 27 अक्टूबर को आम चुनाव होने हैं। पहले महंगाई, घरों की कीमत और नेतन्याहू के खिलाफ मुकदमे जैसे मुद्दे चुनावी बहस में प्रमुख थे। अब सुरक्षा, हमास, सेना और फिलिस्तीन का सवाल सबसे ऊपर है। इसका फायदा पहले से मजबूत दक्षिणपंथी राजनीति को मिला है। वहीं लेफ्ट कमजोर हुआ है और अरब पार्टियों के लिए सरकार बनाने में पहले जैसी किंगमेकर भूमिका निभाना मुश्किल हो गया है। गाजा जंग के बाद देश में पहला चुनाव, नेतन्याहू हार सकते हैं हमास हमले के बाद यह देश का पहला राष्ट्रीय चुनाव है। इस चुनाव में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि नेतन्याहू फिर प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं। तीन साल पहले जिस हमले ने इजराइल की राजनीति बदल दी थी, अब उसी हमले के लिए नेतन्याहू की सरकार से जवाब भी मांगा जा रहा है। हमले के समय नेतन्याहू ही प्रधानमंत्री थे और उन पर सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी लेने का दबाव है। उनकी मुश्किल यह है कि इस बार उन्हें पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट से सीधी चुनौती मिल रही है। आइजेनकोट की पार्टी कई हालिया सर्वे में नेतन्याहू की लिकुड के बराबर या उससे आगे दिखाई दे रही है। एक ताजा सर्वे में लिकुड को करीब 22-23 और आइजेनकोट की पार्टी को करीब 22 सीटें मिल रही हैं। दूसरी तरफ नेतन्याहू के साथ मौजूद दक्षिणपंथी दलों का पूरा गठबंधन भी बहुमत से पीछे है। हालिया सर्वे के औसत में उनके गठबंधन को करीब 52-55 सीटें मिल रही हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए 61 सीटें चाहिए। दक्षिणपंथ पहले से मजबूत था, 7 अक्टूबर के बाद और मजबूत हुआ इजराइल में दक्षिणपंथ 7 अक्टूबर से पहले ही मजबूत था। नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और धार्मिक-राष्ट्रवादी दल पहले से सरकार में थे। लेकिन हमास के हमले के बाद सुरक्षा का मुद्दा सबसे बड़ा हो गया। दक्षिणपंथी नेता लगातार कहने लगे कि इजराइल को हमास और फिलिस्तीनियों के खिलाफ सख्त रुख रखना चाहिए। इतमार बेन-ग्विर और बेजेलेल स्मोट्रिच जैसे नेताओं को इसी मुद्दे पर अपनी बात रखने की ज्यादा जगह मिली। फिलिस्तीनी राज्य का विरोध, वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों का समर्थन और फिलिस्तीनियों के खिलाफ सख्त नीति जैसे मुद्दे अब इजराइली राजनीति में ज्यादा खुलकर उठाए जाने लगे। लेफ्ट पहले शांति की बात करता था, अब सुरक्षा-आतंकवाद की 3 साल पहले इजराइल की लेफ्ट राजनीति में लेबर पार्टी और मेरेत्ज सबसे प्रमुख नाम थे। दोनों पार्टियां फिलिस्तीन को मान्यता देने और शांति की बात करती थीं। मेरेत्ज तो वेस्ट बैंक के कब्जे वाले इलाकों से इजराइल की वापसी की भी वकालत करती थी। लेकिन 7 अक्टूबर के हमले के बाद यह राजनीति मुश्किल में आ गई। हमास के हमले ने इजराइली समाज में सुरक्षा और आतंकवाद का मुद्दा सबसे ऊपर ला दिया। इसी बदलाव के बीच लेबर और मेरेत्ज ने 2024 में मिलकर ‘द डेमोक्रेट्स’ पार्टी बनाई। इसका नेतृत्व पूर्व सैन्य अधिकारी याइर गोलान कर रहे हैं। वामपंथी पार्टी अब भी फिलिस्तीनियों के साथ राजनीतिक समाधान और वेस्ट बैंक के विलय को रोकने की बात करती है, लेकिन साथ ही हमास के शासन को खत्म करने और इजराइल की सुरक्षा मजबूत करने पर भी जोर देती है। यही इजराइली राजनीति में आया सबसे बड़ा बदलाव है। सुरक्षा का मुद्दा सिर्फ दक्षिणपंथ की पहचान नहीं रहा; नेतन्याहू का विरोध करने वाली पार्टियां भी अब इसी सवाल का जवाब दिए बिना चुनाव नहीं लड़ सकतीं। अरब पार्टी पहले किंगमेकर हुआ करती थीं, अब अछूत बनीं इजराइल की राजनीति में अरब पार्टियों की ताकत का सबसे बड़ा उदाहरण 2021 में देखने को मिला। उस चुनाव में किसी भी खेमे को सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटें नहीं मिलीं। नेतन्याहू सबसे बड़े नेता जरूर रहे, लेकिन बहुमत नहीं जुटा पाए। इसके बाद उनके विरोध में खड़े अलग-अलग दलों ने हाथ मिला लिया। दक्षिणपंथी नेता नफ्ताली बेनेट और सेंटर के नेता याइर लैपिड ने गठबंधन बनाया। इसमें वामपंथी और दक्षिणपंथी दलों के साथ मंसूर अब्बास की अरब पार्टी राअम भी शामिल हुई। राअम की 4 सीटों के समर्थन से सरकार बनी। इस तरह करीब 12 साल से प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू सत्ता से बाहर हो गए। इजराइल में पहली बार कोई अरब पार्टी सरकार बनाने वाले गठबंधन का हिस्सा बनी। 2026 में तस्वीर अलग है। मौजूदा सर्वेक्षणों में अरब पार्टियों को करीब 13 सीटें मिलती दिख रही हैं। अरब पार्टी को सरकार में शामिल करना राजनीतिक रूप से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है। ऐसा करने पर पार्टी को यहूदी वोटर्स के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। यानी 2021 में अरब पार्टियां नेतन्याहू को सत्ता से बाहर करने की ‘किंगमेकर’ बनी थीं। 2026 में उनके पास फिर सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटें हो सकती हैं, लेकिन 7 अक्टूबर के बाद बदले राजनीतिक माहौल में उन्हें साथ लेना कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है।
Dangal with Sahil Joshi: ज्ञानेश कुमार और फॉर्म-6 पर TMC का हमला | INDIA Bloc Protest | Rahul Gandhi
पश्चिम बंगाल में SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दे के बीच फॉर्म-6 को लेकर सियासत तेज है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया, फॉर्म-6 और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर TMC प्रवक्ता स्वयं प्रकाश पुरोहित ने अपनी बात रखी। उन्होंने पश्चिम बंगाल और चुनाव आयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का रुख सामने रखा। जानिए TMC प्रवक्ता ने क्या कहा। #dangal #sahiljoshi #congressprotest #rahulgandhi #congress #electioncommission #gyaneshkumar #cec #indiabloc #priyankagandhi #delhipolice #bjp #atwebvideos #aajtak #aajtakdigital #tvchunks election commission, election commission of india, cec, chief election commissioner, cec protest, cec resignation, cec resignation demand, election commission protest, election commission controversy, opposition protest, opposition unity, opposition parties, opposition alliance, india bloc, india alliance, india bloc protest, india bloc latest news, rahul gandhi, rahul gandhi news, rahul gandhi latest news, rahul gandhi protest, rahul gandhi statement, rahul gandhi election commission, rahul gandhi cec, rahul gandhi jantar mantar, congress, congress news, congress protest, congress latest news, आजतक के साथ देखिये देश-विदेश की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news Live on the World's Most Subscribed News Channel on YouTube. #LatestNews #Aajtak #HindiNews Aaj Tak News Channel: आज तक भारत का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज चैनल है । आज तक न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। आज तक न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें । #hindinews #newsinhindi #hindisamachar #breakingnews #aajtak #samachar #news अधिक समाचारों के लिए यहां क्लिक करें: https://www.youtube.com/@aajtak?sub_confirmation=1 About Channel: Aaj Tak is India's Best Hindi News Channel. Aaj Tak News Channel Covers The Latest News, Breaking News, Politics, Entertainment News, Business News and Sports News. Stay tuned for all the News in Hindi. Join Aaj Tak Whatsapp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Va7Rxc32ER6hBAuIL222 Watch Our Prime Shows on Aaj Tak: Vardaat — Real-life crime stories that shook the nation https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_WLJqwFuJlwfhAepqcOd3I&si=tJXqsrKVHOvxy4BJ Black & White with Anjana Om Kashyap - Big debates, sharp opinions, and political analysis https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_aLomcIgk-c_dRhuYOBphp&si=1wAaQfSUIfZ0OrIy Halla Bol — The nation’s most powerful debate on today’s top issues https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa-ZT2YKfqzI-ayeZV0n8qAh&si=nnRN8_9u02p8QlG_ DasTak 2025: https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa9q68r5rws67UxSUdhcHupG&si=QMiiUiKyXUP76DUk ताज़ा खबरों और LIVE अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Aaj Tak के साथ - https://youtube.com/live/Nq2wYlWFucg?feature=share https://youtube.com/live/gH6ftEJDLGo?feature=share Download Aaj Tak APP, India’s No.1 Hindi News App: https://play.google.com/store/apps/details?id=in.AajTak.headlines&hl=hi Subscribe to Aaj Tak YouTube Channel: https://www.youtube.com/c/aajtak Visit Aaj Tak website: https://www.aajtak.in/ Follow us on Facebook: https://www.facebook.com/aajtak Follow us on Twitter: https://twitter.com/aajtak Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/aajtak/ Subscribe our other Popular YouTube Channels: India Today: https://www.youtube.com/c/indiatoday SoSorry: https://www.youtube.com/c/sosorrypolitoons Good News Today: https://www.youtube.com/c/GoodNewsTodayOfficial AajTak AI: https://www.youtube.com/channel/UClZU5ouD9LkfgrelmL2auTg
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