लंच के बाद जंतर-मंतर जा रहे विपक्षी सांसद, राहुल गांधी बोले- अब वहीं देंगे धरना, हर FIR मेरे लिए मेडल
जनपथ स्थित सागर रत्ना में लंच करने के बाद, विपक्षी सांसद CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने के लिए बस से जंतर-मंतर की ओर बढ़े। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि जैसा कि मैंने कल कहा था, लगभग 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें बताया गया कि हम वहां विरोध-प्रदर्शन नहीं कर सकते। इसलिए, आज हमारा प्लान है कि हम विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह, जंतर-मंतर जाएं और वहां एक साथ बैठकर देश को बताएं कि हमारे लिए ज्ञानेश कुमार देश के वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं।
इसे भी पढ़ें: EVM पर बार-बार सवाल उठाने वालों ने Ballot Paper के जरिये हुए चुनावों के एक दिन पहले आये परिणाम देखे क्या?
उन्होंने कहा कि मोदी जी, अमित शाह जी, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश के लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है। जैसा कि मैंने कल कहा था, जिन्होंने ऐसा किया है, वे देश के साथ गद्दारी करने वाले हैं और हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। मैं आपको अभी बता रहा हूं: ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा। जब उनसे उनके खिलाफ दर्ज FIR के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ 45 FIR दर्ज हैं। मेरा लक्ष्य 100 FIR का है। मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाफ 100 FIR दर्ज हों। हर FIR मेरे लिए एक मेडल की तरह है।
सागर रत्न में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा आयोजित लंच में शामिल होने के बाद, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि देखिए, हम अभी लंच के लिए आए हैं, हमारी लड़ाई जारी है। हमें उस FIR के बारे में पता चला है जिसमें मेरा नाम भी शामिल था। हम FIR से डरने वाले नहीं हैं, उन्हें अब तक यह समझ जाना चाहिए था। पवन खेड़ा ने कहा कि हम FIR से डरते नहीं हैं, यह सम्मान की बात है... हम दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करेंगे, चुनाव आयोग सभी के हस्ताक्षर चाहता है, वे बड़े लोग हैं, वे हमारे साथ औपचारिक हो गए हैं... ये सांसद 64% लोगों के प्रतिनिधि हैं।
इसे भी पढ़ें: 2 महीने, 3 सरप्राइज एलीमेंट: बीजेपी हैरान, पुलिस परेशान, क्या है राहुल गांधी की 'धप्पा' पॉलिटिक्स!
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सेंट्रल दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में विपक्षी पार्टियों के सांसदों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस बैठक का मकसद एक पत्र तैयार करना है, जिसे CEC को भेजा जाएगा। इसमें विपक्षी नेताओं के साथ SIR के मुद्दों पर तत्काल बैठक की मांग की जाएगी। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलाई गई बैठक के लिए आज राजधानी में जुटे प्रमुख विपक्षी सांसदों ने पुष्टि की कि इस अहम बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ Delhi में बड़े आंदोलन का कॉजपा ने किया आह्वान
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) एवं छात्र संगठनों ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक चुनावी व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किया जाता। यहां आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इन संगठनों ने निर्वाचन आयोग (ईसी) के खिलाफ अपने अभियान को व्यापक राजनीतिक आधार देने की कोशिश की।
उन्होंने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों द्वारा छह अक्टूबर को निकाले गए विरोध मार्च का समर्थन किया और इस टकराव को लोकतंत्र की रक्षा करने वालों और भाजपा के बीच का संघर्ष बताया। जुलाई में नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर कॉजपा के नेतृत्व में हुए आंदोलन के कारण धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अब यह समूह 10 अक्टूबर से पहले निर्वाचन आयोग के खिलाफ तेज हो रहे प्रदर्शनों के बीच कुमार के खिलाफ सड़क पर दबाव बनाए रखना चाहता है।
बुधवार के संवाददाता सम्मेलन में कॉजपा, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एसएफआई) के प्रतिनिधि शामिल हुए। आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) ने भी इसमें हिस्सा लिया। कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास ने देशभर के लोगों से दिल्ली आने और लंबे समय तक चलने वाले आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की।
उन्होंने कहा, ‘‘यह लड़ाई आसान नहीं होगी। मैं देशभर के सभी लोगों से हमारे साथ जुड़ने और ट्रेन तथा विमान के टिकट बुक करने की अपील करता हूं।’’ दास ने कहा कि अगर कुमार इस्तीफा भी दे देते हैं, तब भी प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे, क्योंकि चुनावी व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का विरोध ‘‘अनंत काल तक सत्ता में बने रहने की लालसा’’ को दर्शाता है।
दास द्वारा रखी गई मांगों में कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करना; मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाना, आगामी चुनावों को स्थगित करना, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करना और स्वतंत्र जांच का आदेश देना; तथा निर्वाचन आयोग में नियुक्तियों से संबंधित 2023 के कानून को निरस्त कर स्वतंत्र और विश्वसनीय चयन प्रक्रिया स्थापित करना शामिल है। आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि छात्रों के नेतृत्व में चलाए जा रहे आंदोलन और विपक्षी दलों के प्रदर्शनों के बीच कोई विभाजन नहीं है। उन्होंने कहा कि आम लोग, नागरिक समाज, विपक्षी दल और छात्र संगठन एक तरफ हैं, जबकि निर्वाचन आयोग (ईसी) और भाजपा दूसरी तरफ हैं।
बोरा ने कहा, ‘‘कोई विभाजन नहीं है। हम, भारत के लोग, बनाम भाजपा। अगर हम एकजुट होकर यह लड़ाई लड़ते हैं, तो इसे प्रभावी ढंग से लड़ पाएंगे।’’ कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश करने वाले ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे लोगों के मुद्दों को उठाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए सड़कों पर उतरें।
उन्होंने कहा, ‘‘इंडिया गठबंधन के सांसदों ने यही किया,’’ और कहा कि सीजेपी तथा विपक्षी दलों के छात्र संगठन 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को मजबूती देंगे। बोरा ने कहा, ‘‘अगर कभी भाजपा को छोड़ने का समय आया है, तो वह अब है।’’ उन्होंने भाजपा खेमे में शामिल लोगों से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ जुड़ने की अपील की। एकजुटता का यह प्रदर्शन सीजेपी और कांग्रेस के साथ जुड़े कुछ वर्गों के बीच ऑनलाइन तकरार के कुछ दिन बाद सामने आया है।
दास ने कहा कि राजनीतिक संबद्धताओं और विचारधाराओं से परे सभी प्रतिभागी एक ‘‘टूटी हुई व्यवस्था’’ को बदलने की व्यापक लड़ाई में एकजुट हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या आयोजक प्रदर्शन के लिए अनुमति लेंगे, दास ने कहा कि उन्होंने बुधवार को संसद मार्ग थाने में औपचारिक सूचना दी है और आवश्यक लिखित आश्वासन भी दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कृपया ‘अनुमति’ शब्द का इस्तेमाल न करें।
हमें अनुमति देने वाली दिल्ली पुलिस कौन होती है?’’ उन्होंने कहा कि सूचना देना ही पर्याप्त है। उन्होंने कहा, ‘‘हम दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग करेंगे और हमें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस भी हमारे साथ सहयोग करेगी।’’ एसएफआई के आदर्श शाजी ने कुमार पर भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया और इस टकराव को ‘‘लोकतंत्र और निरंकुशता’’ के बीच की लड़ाई बताया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









