Kerala में AIIMS स्थापित करने का प्रस्ताव किसी बजट घोषणा में शामिल नहीं, Centre ने High Court में कहा
कोच्चि, सात अक्टूबर केंद्र सरकार ने बुधवार को केरल उच्च न्यायालय को बताया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत केरलम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित करने के प्रस्ताव को अब तक किसी भी बजट घोषणा में शामिल नहीं किया गया है। केंद्र ने मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी. एम. की पीठ को यह भी बताया कि पीएमएसएसवाई को पांच और वर्षों के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श के चरण में है। दो जनहित समूहों द्वारा कासरगोड या कोट्टयम में एम्स स्थापित करने की मांग को लेकर दायर दो याचिकाओं के जवाब में केंद्र ने दाखिल हलफनामे में कहा, ‘‘नये एम्स की स्थापना से जुड़ा कोई भी फैसला योजना को जारी रखने की मंजूरी मिलने और इसके लिए धन आवंटित किए जाने के बाद ही लिया जा सकता है।’’ केंद्र ने कहा, ‘‘इसके बाद, नीतिगत निर्णय के अनुरूप संबंधित प्रस्ताव को मंत्रिमंडल के विचार के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।’’ पीठ ने कहा कि केरलम में एम्स स्थापित करने का प्रस्ताव 2016 से केंद्र के पास लंबित है और निर्देश दिया कि राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पर बिना और किसी देरी के फैसला किया जाए।
एम्स-कासरगोड जनकीया कूट्टायमा का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता के. के. सुबीश ने कहा कि केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि वह एम्स की स्थापना के लिए उन राज्यों को प्राथमिकता दे रहा है जहां स्वास्थ्य सुविधाएं अपेक्षाकृत कमजोर हैं और केरलम में स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा अच्छा है। केंद्र ने उप सॉलिसिटर जनरल (डीएसजी) ओम शालिना के माध्यम से दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि पीएमएसएसवाई योजना का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में किफायती और विश्वसनीय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना तथा गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए सुविधाओं का विस्तार करना है। केंद्र ने कहा कि योजना के तहत केरलम में तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत और विस्तारित करने के लिए तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड के मेडिकल कॉलेजों तथा अलप्पुझा स्थित सरकारी टी. डी. मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक मंजूर किए गए तथा स्थापित किए गए हैं।
उसने कहा, ‘‘इसके अलावा, योजना के चरण पांच-ए के तहत 2017 में तिरुवनंतपुरम स्थित श्री चित्रा तिरुनाल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (एससीटीआईएमएसटी) को 170 बिस्तरों की सुविधा वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के निर्माण के जरिये उन्नत किया गया।’’ केंद्र ने कहा कि इन सुविधाओं ने राज्य में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। केंद्र सरकार ने आगे कहा कि केरलम सरकार ने 2014 से एम्स की स्थापना के लिए चार स्थानों- कोझिकोड, तिरुवनंतपुरम, कोट्टयम और एर्नाकुलम जिलों- की पहचान की थी तथा 2025 में प्रमुख चिकित्सा संस्थान की स्थापना के लिए कोझिकोड के किनालूर को अपनी पसंद बताया था। केंद्र ने हलफनामे में कहा, ‘‘इस मामले में 2019 और 2020 में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय से परामर्श किया गया था।
हालांकि, पीएमएसएसवाई के तहत केरलम में एम्स की स्थापना के प्रस्ताव को अब तक किसी भी बजट घोषणा में शामिल नहीं किया गया है।
Yogi Adityanath का तंज: Rajya Sabha Election से तय हुआ 2027 का गणित, 80-20 की लड़ाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने राज्य के राजनीतिक 80-20 समीकरण का ज़िक्र करते हुए कहा कि हालिया राज्यसभा चुनावों से इस बात की झलक मिली है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में क्या हो सकता है। लखनऊ में GPO के पास पटेल पार्क में 'सेवा ज्योति यात्रा - विकसित भारत संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्यसभा चुनाव से अगले विधानसभा चुनाव की संभावित दिशा का पता चला है।
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योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के नेतृत्व वाले PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समूह पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कल हुए राज्यसभा चुनाव ने दिखा दिया है कि विधानसभा चुनावों का नतीजा क्या होने वाला है। यह लड़ाई एक बार फिर 80-20 का मुकाबला बन गई है। 80 प्रतिशत NDA के साथ और 20 प्रतिशत PDA के साथ। और PDA का क्या होगा, यह बाद में पता चलेगा। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। पीएम मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वर्चुअल तरीके से कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि योगी आदित्यनाथ ने जनसेवा के माध्यम से राष्ट्र सेवा नाम की एक प्रदर्शनी का भी दौरा किया।
योगी आदित्यनाथ ने मोदी पर राजनीतिक हमला करने के साथ-साथ उनकी जमकर तारीफ़ भी की, जिनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने का जश्न इस कार्यक्रम में मनाया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा कि गुजरात से राष्ट्रीय स्तर तक के उनके राजनीतिक सफ़र ने भारत को दुनिया भर में एक नई पहचान दिलाई है। उन्होंने याद दिलाया कि पीएम मोदी 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, जब राज्य एक भयानक भूकंप के असर से जूझ रहा था और कई चुनौतियों का सामना कर रहा था।
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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी ने बाद में गुजरात को विकास के एक मॉडल के तौर पर पेश किया और प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत को एक मज़बूत और सक्षम देश के रूप में स्थापित करने के लिए काम किया। उन्होंने पीएम मोदी के सफ़र को "गाँव से ग्लोबल" तक का सफ़र बताया और कहा कि इससे भारत के युवाओं, किसानों और महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।
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