भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बीच अमेरिकी मसाला उद्योग ने की भारतीय मसालों पर टैरिफ छूट जारी रखने की मांग
वॉशिंगटन, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत के बीच अमेरिकी मसाला उद्योग ने भारतीय मसालों पर दी जा रही टैरिफ छूट को जारी रखने और उसे स्थायी स्वरूप देने की मांग की है। उद्योग का तर्क है कि कई मसाले ऐसे हैं जिन्हें अमेरिका में व्यावसायिक स्तर पर उगाना संभव नहीं है और उनकी आपूर्ति के लिए भारत पर निर्भरता बनी रहेगी।
अमेरिकन स्पाइस ट्रेड एसोसिएशन (एएसटीए) के अध्यक्ष डोनाल्ड प्रैट ने बुधवार को कहा कि उनकी प्राथमिकता उन कृषि उत्पादों के लिए टैरिफ छूट बनाए रखना है जो अमेरिका में नहीं उगाए जा सकते लेकिन अमेरिकी उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास और व्यापार वार्ता में शामिल अन्य पक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठा रहे हैं। प्रैट ने उम्मीद जताई कि आगामी व्यापार समझौते में मसालों को दी जा रही मौजूदा छूट जारी रहेगी और भविष्य में इसे स्थायी रूप से संरक्षित किया जाएगा।
प्रैट ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (आईएसओ) द्वारा मान्यता प्राप्त 109 मसालों में से आधे से अधिक का उत्पादन करता है और अमेरिकी मसाला उद्योग के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका भारतीय मसालों का सबसे बड़ा बाजार है और पिछले वर्ष अमेरिका ने भारत से लगभग 70 करोड़ डॉलर (700 मिलियन डॉलर) मूल्य के मसालों का आयात किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने उपयोग के लिए आवश्यक मसालों का केवल एक छोटा हिस्सा ही स्वयं पैदा करता है। अधिकांश मसाले ऐसे हैं जिन्हें अमेरिका में बड़े पैमाने पर उगाया ही नहीं जा सकता। इसी वजह से भारतीय मसाले अमेरिकी खाद्य उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रैट ने आगे कहा कि अमेरिका जीरा, सौंफ, मिर्च और दर्जनों अन्य मसालों के लिए भारत पर निर्भर है। यही मसाले रोजमर्रा के अमेरिकी भोजन का स्वाद बढ़ाते हैं।
प्रैट ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, भारत एक ऐसा देश है जिसके साथ हम, हमारा उद्योग, कई वर्षों से व्यापार कर रहे हैं। वास्तव में, जिस कंपनी में मैं काम करता हूं, वह भी कई वर्षों से भारत के साथ व्यापार कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 18 महीनों से एएसटीए भारतीय दूतावास के साथ टैरिफ संबंधी मुद्दों पर लगातार संवाद कर रहा है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत व्यावहारिक और सहयोगात्मक रही है।
एएसटीए ने मसालों को नए टैरिफ प्रतिबंधों से बाहर रखने के लिए सक्रिय अभियान भी चलाया। प्रैट के अनुसार, इस प्रयास का परिणाम यह रहा कि अधिकांश मसालों को अमेरिकी टैरिफ छूट सूची में शामिल किया गया क्योंकि उन्हें ऐसे प्राकृतिक संसाधन माना गया जिनका पर्याप्त घरेलू उत्पादन अमेरिका में उपलब्ध नहीं है।
एएसटीए की विज्ञान एवं नियामक समिति के अध्यक्ष रॉबर्टो फानी ने भी कहा कि मसालों को छूट इसलिए दी गई क्योंकि अमेरिका इन उत्पादों का प्रमुख उत्पादक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि मसालों पर टैरिफ लगाया भी जाए तो इससे किसी घरेलू अमेरिकी उद्योग को विशेष लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि वहां उनका पर्याप्त उत्पादन ही नहीं होता।
फानी ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मसाला व्यापार लगातार रणनीतिक महत्व हासिल कर रहा है। भारतीय उत्पादक अब अमेरिकी खाद्य सुरक्षा और अनुपालन मानकों को बेहतर ढंग से समझ रहे हैं, जिससे व्यापार को और गति मिलने की संभावना है।
एएसटीए की कार्यकारी निदेशक लौरा शूमर ने भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण मसाला व्यापार साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि मात्रा, विविधता और मूल्य के लिहाज से भारतीय मसालों पर अमेरिकी उद्योग की निर्भरता सबसे अधिक है।
उनके अनुसार, एएसटीए लगभग 100 कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है जो अमेरिका में मसालों का आयात, प्रसंस्करण, विनिर्माण और विपणन करती हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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महागठबंधन प्रोटेस्ट का दूसरा दिन शुरू, CP में लंच के बाद बस में सवार हुए राहुल-खरगे समेत कई सांसद, ECI कर सकते हैं कूच
Mahagathbandhan protest: चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध जारी है. मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च के बाद अब कांग्रेस सांसद कनॉट प्लेस में जुटे. इसके बाद बस से रवाना हुए.
बता दें कि CEC मामले पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी सांसदों की बैठक बुलाई थी. राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्ष के कई नेता सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के लिए पहुंचे थे. इस दौरान आगे की रणनीति पर चर्चा होने की बात हुई. बैठक के बाद कांग्रेस सांसद एक साथ बस में सवार हुए. कांग्रेस सांसद शफी परमबिल ने कहा कि विरोध जारी रहेगा. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वे हजारों FIR दर्ज करा लें. हमें गर्व है कि हम देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं.
सूत्रों के मुताबिक, लंच के बाद कांग्रेस सांसद बस से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर जा सकते हैं. हालांकि, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. रेस्टोरेंट के बाहर पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ा दी गई थी.
#WATCH | Delhi: Congress MP Deepender Hooda says, "Are we going to be scared of an FIR? ...we have just come for lunch; we will have lunch. Our fight to save democracy and the Constitution will continue. I have received information that an FIR has been registered in which my name… pic.twitter.com/dumbRGpWlC
— ANI (@ANI) October 7, 2026
ECI मार्च की तैयारी
कनॉट प्लेस में कांग्रेस सांसदों के लंच के बाद एक बार फिर चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च की संभावना जताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता बस से ECI मुख्यालय जाने की कोशिश कर सकते हैं. इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है.
कनॉट प्लेस दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना पहुंचते हैं. ऐसे में पुलिस किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर रही है. पुलिस की कोशिश है कि संभावित मार्च के दौरान यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो.
राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं पर हुई FIR
मंगलवार को इंडिया गठबंधन के मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन में जबरन प्रवेश करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है. पुलिस ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई सांसद और कार्यकर्ता मार्च के दौरान आकाशवाणी भवन में दाखिल हो गए थे. इस मामले में दिल्ली पुलिस को मंगलवार रात शिकायत मिली थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
FIR ऐसे समय में दर्ज हुई है, जब कांग्रेस और विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, संभावित ECI मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
मंगलवार को संसद से ECI तक मार्च की कोशिश
इससे पहले मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की थी. दिल्ली पुलिस ने उन्हें नीति आयोग के पास रोक दिया था. इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कुछ नेता एवं कार्यकर्ता आकाशवाणी भवन की ओर चले गए थे. विपक्षी सांसद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं. इसी सिलसिले में मंगलवार को संसद से ECI कार्यालय तक मार्च की योजना बनाई गई थी.
FIR पर बोले हुड्डा
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि क्या हम FIR से डरने वाले हैं? हम तो बस लंच के लिए आए हैं. हम लंच करेंगे. लोकतंत्र और संविधान को बचाने की हमारी लड़ाई जारी रहेगी. मुझे जानकारी मिली है कि एक FIR दर्ज की गई है जिसमें मेरा नाम भी शामिल है. हम FIR से डरने वाले नहीं हैं.
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