बाजार में गिरावट के रुझान के बावजूद रुपया ओवरवैल्यूड नहीं, बल्कि अंडरवैल्यूड हो सकता है: आरबीआई गवर्नर
मुंबई, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि वित्तीय बाजार अल्पावधि में अक्सर तर्कसंगत तरीके से व्यवहार नहीं करते और कई संकेतक यह दर्शाते हैं कि भारतीय रुपया ओवरवैल्यूड नहीं बल्कि अंडरवैल्यूड हो सकता है।
मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बाजार की धारणा और मुद्रा के बारे में निवेशकों की स्थिति हमेशा किसी मुद्रा के वास्तविक मूल्य को नहीं दर्शाती।
उन्होंने कहा, केवल लंबी अवधि में बाजार किसी मुद्रा का सही मूल्य निर्धारित कर पाते हैं। यह टिप्पणी उन्होंने रुपए में लगातार कमजोरी की उम्मीदों और मुद्रा हेजिंग गतिविधियों को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में की।
आरबीआई गवर्नर के अनुसार, मुद्रा मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई मानक, विशेष रूप से रियल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट (आरईईआर), यह संकेत देते हैं कि भारतीय रुपया अत्यधिक मूल्यांकित नहीं है।
मल्होत्रा ने कहा, कई अनुमानों के अनुसार, जिनमें आरईईआर भी शामिल है, रुपया ओवरवैल्यूड नहीं है, बल्कि संभव है कि यह अंडरवैल्यूड हो।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बाजार में यह सवाल उठाया जा रहा था कि भारत की मजबूत पूंजी आकर्षित करने की क्षमता के बावजूद निवेशक रुपए में और कमजोरी की संभावना क्यों देख रहे हैं। कई विश्लेषक हेजिंग पैटर्न और मुद्रा अनुमानों के आधार पर आगे भी रुपए के दबाव में रहने की संभावना जता रहे हैं।
यह बयान आरबीआई की उस मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आया है, जिसमें केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर उसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है।
इससे पहले अगस्त 2026 की नीति समीक्षा केंद्रीय बैंक की लगातार चौथी ऐसी बैठक थी, जिसमें रेपो रेट और नीति रुख दोनों को अपरिवर्तित रखा गया था। जून, अप्रैल और फरवरी 2026 की बैठकों में भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। दिसंबर 2025 में आरबीआई ने 25 आधार अंकों की कटौती कर रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत किया था।
इसके साथ ही, बुधवार को आरबीआई ने वित्तीय क्षेत्र से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण कदमों की भी घोषणा की। केंद्रीय बैंक ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी अकाउंट एग्रीगेटर (एनबीएफसी-एए) प्रणाली में इंटरऑपरेबिलिटी लागू करने का फैसला किया है।
इस व्यवस्था के तहत किसी भी लाइसेंस प्राप्त अकाउंट एग्रीगेटर ऐप में पंजीकृत ग्राहक अपने वित्तीय डेटा को नेटवर्क पर मौजूद किसी भी विनियमित वित्तीय संस्था के साथ साझा कर सकेंगे, चाहे संबंधित बैंक, ऋणदाता या वेल्थ मैनेजर किसी भी प्लेटफॉर्म का उपयोग करता हो।
आरबीआई ने कहा कि इससे डीमैट खाताधारकों को अपने डीमैट होल्डिंग्स और बैंक जमा खातों की जानकारी एक ही स्थान पर कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (सीएएस) के रूप में देखने में सुविधा होगी।
केंद्रीय बैंक ने बताया कि इन व्यवस्थाओं को 31 दिसंबर तक लागू किए जाने की योजना है। साथ ही, सेबी विनियमित डिपॉजिटरी संस्थाओं को भी बैंक जमा खातों की जानकारी सीएएस में शामिल करने की सुविधा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
इसके अलावा, आरबीआई ने फाइनेंशियल मार्केट्स के लिए टेक्निकल कंसल्टेटिव कमेटी गठित करने की भी घोषणा की है। यह समिति मुद्रा बाजार, सरकारी प्रतिभूति बाजार, विदेशी मुद्रा बाजार और उनसे जुड़े डेरिवेटिव बाजारों से संबंधित नीतिगत एवं परिचालन विषयों पर बाजार सहभागियों के साथ संरचित संवाद का मंच प्रदान करेगी।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि समिति की संरचना और कार्यक्षेत्र की अलग से घोषणा की जाएगी।
आरबीआई के अनुसार, भारत का अकाउंट एग्रीगेटर इकोसिस्टम वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 3.82 लाख करोड़ रुपए के ऋण वितरण को सुगम बनाने में सहायक रहा। इस अवधि में इसके माध्यम से 3.68 करोड़ ऋण वितरित किए गए और यह मूल्य के आधार पर भारत के खुदरा और एमएसएमई ऋण बाजार का लगभग 8.4 प्रतिशत तथा संख्या के आधार पर 11.8 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Navratri 2026: 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि, व्रत-पूजा करते समय बिल्कुल न करें ये गलतियां
Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि 2026 का प्रारंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है. नवरात्रि में दुर्गा माता की पूजा की जाती है. ये 9 दिनों का भव्य पर्व होता है. इसमें श्रद्धा भक्ति के साथ-साथ भगवती माता की आराधना भी करनी चाहिए. शास्त्र विधि से पूजा करने से जीवन में सुख शांति आती है. नवरात्रि का त्योहार आत्मसंयम का पर्व होता है. इसलिए, इन 9 दिनों में हमें अपनी इंद्रियों और 7 चक्रों पर काबू पाना चाहिए. इन 9 दिनों में कुछ काम न करने की भी सलाह शास्त्रों में दी जाती है. इन नौ दिनों में कुछ गलती करने से न सिर्फ व्रत-अनुष्ठान का फल विफल होता है बल्कि मां दुर्गा नाराज भी हो जाती हैं. मां दुर्गा की नाराजगी से जीवन में भारी संकट और परेशानियां आ सकती हैं. आइए जानते हैं नवरात्रि पूजा के दौरान हमें इन 9 दिनों में कौन-कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.
शारदीय नवरात्रि भूलकर न करें ये गलतियां
1.शुद्धता का ध्यान रखें
नवरात्रि के नौ दिनों में हमें घर और पूजा स्थल की शुद्धि का पूर्ण ध्यान रखना चाहिए. हर दिन स्नान करने के बाद आपको साफ-सुथरे कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए. पूजा स्थान को हर दिन गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए. व्रत रखने वाले लोगों को इस दौरान चमड़े की वस्तुओं का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए. जैसे की बेल्ट, पर्स या जूते.
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2.खानपान से जुड़ी गलतियां
नवरात्रि के 9 दिनों में हमें अपने खानपान का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. इन नौ दिनों में अगर आप व्रत रखते हैं, तो नमक का सेवन न करें तो बहुत अच्छा माना जाता है. परंतु यदि आप नमक खा रहे हैं तो सेंधा नमक की ही प्रयोग करें. इन नौ दिनों में आप व्रत रखें या न रखें, मांस-मदिरा का सेवन बिल्कुल भी न करें. लहसुन-प्याज वाला खाना न पकाए तथा नौ दिनों तक सात्विक भोजन खाएं. ज्यादा तला-भुना भोजन करने से पूजा में व्यवधान आता है. सेंधा नमक के साथ-साथ व्रत रखने वाले लोगों को फलाहारी चीजों का सेवन करना चाहिए जैसे सामक के चावल, कुट्टू या सिंघाड़े का आटा और फल तथा साबूदाना.
3.बाल-नाखून न काटें
शारदीय नवरात्रि के 9 दिनों में आपको बाल और नाखूनों को नहीं काटना चाहिए. व्रत रखने वाले लोगों को तो इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. व्रत में इन्हें काटने से जीवन में भारी संकट और परेशानियां आ सकती हैं. इस दौरान दाढ़ी भी नहीं बनाना चाहिए. ये सभी कार्य नवरात्रि से पहले ही पूरे कर लेने चाहिए.
4.मंत्र-पाठ की सावधानी
नवरात्रि में यदि कोई साधक दुर्गा सप्तशती का पाठ या किसी मंत्र का जाप कर रहा है, तो उसका उच्चारण शुद्ध होना चाहिए. अशुद्ध उच्चारण करने से मंत्रों के विपरीत फल प्राप्त हो सकते हैं. आपको उच्चारण पर जरा भी संशय हो, तो किसी योग्य गुरु के पास जाकर शुद्ध मंत्र सीखे या उसे लिख लें.
5.अखंड ज्योति को लेकर नियम
अगर आपने नवरात्रि के दौरान घर में अखंड ज्योति जलाई है, तो उसकी शुद्धि का विशेष रूप से ध्यान रखें. यदि उसमें घी बढ़ाना हो, तो पहले अच्छे से मुंह-हाथ धोकर खुद पर गंगाजल छिड़कें. अपने आप को शुद्ध करने के बाद अखंड ज्योति में घी डालें. इसके साथ ही घर को बंद करके सभी सदस्य एक साथ कभी घर से बाहर न जाएं.
6.दिन में सोने से बचें
नवरात्रि के नौ दिनों में हमें दिन में सोने से बचना चाहिए. ये पूरे 9 दिनों के व्रत होते हैं, ऐसे में जो 9 व्रत रखने वाले हैं. वे लोग इस बात का विशेष ध्यान रखें. विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्रि व्रत में दिन के समय सोने से व्रत का फल नहीं मिलता है.
7.नींबू काटना
नवरात्रि के 9 दिनों में नींबू भी नहीं काटना चाहिए. नींबू को मां दुर्गा की पूजा का प्रमुख अंग माना जाता है. इसलिए, नींबू काटने से मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं. जीवन में परेशानी और संकट आते हैं.
8.व्यसन तथा मादक पदार्थों से दूर रहें
नवरात्रि के 9 दिनों में चाहे आप व्रत रख रहे हैं या न रखें. आपको इस दौरान मांस, अंडा, मदिरा, तंबाकू आदि जैसी तामसिक चीजों को नहीं खाना चाहिए. इस दौरान आपको जुआ, गेमिंग या अन्य ऐसे खेल, जिनमें पैसे बर्बाद होते हैं, उन्हें नहीं खेलना चाहिए. नवरात्रि के 9 दिन बेहद पवित्र माने जाते हैं. इन कारणों से दुर्गा मां नाराज हो सकती है.
9.ब्रह्मचर्य का पालन करें
आप लोगों को नवरात्रि के नौ दिनों में बहुत ही संयम के साथ रहना चाहिए. इन 9 दिनों में आपको ब्रह्मचर्य का पालन अवश्य करना चाहिए. सात्विक विचारों के साथ-साथ 9 दिन व्यतीत करें. ब्रह्मचर्य टूटने पर व्रत खंडित हो सकता है. इससे आपको पूजा के नकारात्मक फल प्राप्त होते हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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