RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, जीतू पटवारी बोले “अच्छे दिन का वादा, बीजेपी का सबसे खराब दिन लाने का इरादा”
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोत्तरी किए जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के बीच अब आम लोगों पर कर्ज की ब्याज दर और ईएमआई बढ़ने का दबाव पड़ सकता है।
कांग्रेस नेता ने इस फैसले को लेकर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि “महंगाई मैन मोदी का कहर जारी है, अब तो जनता की कमर ही तोड़ी जाएगी।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अच्छे दिन” का वादा करने वाली बीजेपी अब लोगों को सबसे खराब दिन दिखा रही है। उन्होंने कहा कि अब होम, कार, पर्सनल और बिजनेस लोन की ब्याज दरें बढ़ जाएंगी और लोगों को ज्यादा ईएमआई ज्यादा चुकानी होगी। इसी के साथ लोन चुकाने का समय भी बढ़ जाएगा जो जनता पर दोहरी मार होगी।
RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत किया
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की। इसके साथ रेपो रेट 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गया है। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बार है जब केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट बढ़ाया है। इससे पहले 2025 में RBI ने कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी और इसके बाद लगातार चार बैठकों में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया था।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
इसे लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार से सवाल किए हैं। जीतू पटवारी ने रेपो रेट में बढ़ोत्तरी पर कहा कि इसका असर होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और बिजनेस लोन की ब्याज दरों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ब्याज दर बढ़ने पर कर्ज लेने वालों को अधिक किश्तें चुकानी पड़ सकती है और लोन चुकाने की अवधि भी बढ़ सकती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने घर, कार या कारोबार के लिए कर्ज लिया है उनके सामने EMI बढ़ने की चिंता खड़ी हो सकती है। वहीं नए कर्ज लेने वालों के लिए भी ब्याज दरें पहले की तुलना में अधिक हो सकती हैं। जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “अच्छे दिन का वादा..सबसे खराब दिन का इरादा”।
#महंगाई_मैन मोदी का कहर जारी है!
अब तो जनता की कमर ही तोड़ी जाएगी!– मोदी की बनाई महंगाई पर काबू पाने के इरादे से आज #RBI ने Repo Rate 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.5% कर दिया है!
– मतलब होम, कार, पर्सनल और बिजनेस लोन की ब्याज दरें बढ़ जाएंगी! #EMI ज्यादा चुकानी होगी! लोन चुकाने का… pic.twitter.com/2GY5lYCjXN
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 7, 2026
सड़े आलू से तैयार हो रहे थे बेक समोसे! इंदौर की अमन बेकरी पर छापा, 15 सैंपल जांच के लिए भेजे
इंदौर शहर में आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के कड़े निर्देशों के बाद एक्शन में आई खाद्य विभाग की टीम ने नंदबाग कॉलोनी स्थित ‘अमन बेकरी’ पर अचानक छापा मारा। टीम के अचानक पहुंचते ही बेकरी संचालक और वहां काम कर रहे कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया और वे सामान छिपाने की कोशिश करने लगे।
मौके पर निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बेकरी के अंदर का नजारा देखकर काफी हैरानी हुई, क्योंकि वहां भारी गंदगी के बीच खाद्य सामग्री बनाई जा रही थी। इतना ही नहीं, टीम को बेकरी में सड़े-गले आलू मिले, जिनका इस्तेमाल बेक समोसा और अन्य बेकरी उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा था। जंग लगी रैकों पर रखे सामान और बदबूदार माहौल में लोगों के खाने की चीजें धड़ल्ले से तैयार की जा रही थीं।
बिना लाइसेंस चल रही थी बेकरी
जांच के दौरान जब अधिकारियों ने दस्तावेजों की मांग की, तो पता चला कि यह बेकरी बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के ही धड़ल्ले से चलाई जा रही थी। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर मिले सभी सड़े हुए आलुओं को नष्ट करवाया और बेकरी में खाद्य निर्माण का काम फौरन बंद करा दिया। इसके बाद खारी, केक और बेक समोसा समेत कुल 15 तरह के खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्र किए गए।
भोपाल लैब भेजे गए सैंपल
दरअसल , लिए गए इन सभी 15 सैंपलों को विस्तृत जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि लैब रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके। गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के चलते खाद्य विभाग ने अमन बेकरी को पूरी तरह सील कर दिया है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक बेकरी में सभी कमियों को सुधार नहीं लिया जाता, तब तक निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी।
द्वारकाधीश भोजनालय पर भी दबिश
अमन बेकरी पर कार्रवाई करने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इलाके में स्थित ‘द्वारकाधीश भोजनालय’ का भी औचक निरीक्षण किया। वहां पर ग्राहकों को परोसे जा रहे तैयार भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए अधिकारियों ने कई नमूनों को अपने कब्जे में लिया। टीम ने भोजनालय की रसोई से बने हुए भोजन, जिनमें दाल, चावल, बड़ी की सब्जी, आटा और पकी हुई रोटियों के सैंपल शामिल हैं, सील किए।
रिपोर्ट आने पर होगी आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई
इंदौर जिला प्रशासन का कहना है कि शहरवासियों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। खाद्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि भोपाल प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित संचालकों पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मिलावटखोरी या असुरक्षित तरीके से खाद्य निर्माण करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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