Nagaland में गोली लगने से Assam Rifles के जवान वी. तेजा की मौत, ओडिशा में शोक
भुवनेश्वर, सात अक्टूबर ओडिशा के रायगड़ा जिले के रहने वाले असम राइफल्स के जवान वी. तेजा की नगालैंड में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि जवान की मौत उनके 31वें जन्मदिन से महज दो दिन पहले हुई। उन्होंने बताया कि 15वीं असम राइफल्स के राइफलमैन तेजा को सोमवार को गोली लगने के बाद एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि तेजा की शादी 10 दिसंबर को होनी थी। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने तेजा के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नगालैंड में ड्यूटी पर तैनात 15वीं असम राइफल्स के बहादुर सैनिक राइफलमैन वी. तेजा के असामयिक निधन की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है।
मातृभूमि की सेवा में उनका सर्वोच्च बलिदान और समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में अंकित रहेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुख की इस घड़ी में मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में उनकी अमर आत्मा की शाश्वत शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।’’ पटनायक ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘असम राइफल्स के उड़िया सैनिक वी. तेजा ने जो बहादुरी दिखाई, वह अतुलनीय है। उन्होंने नगालैंड में देश की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों के दौरान शहीद होकर अद्वितीय बलिदान दिया।’’ तेजा का पार्थिव शरीर बुधवार को रायगड़ा लाए जाने की संभावना है।
झांसी के किले और रानी लक्ष्मीबाई के अलावा लक्ष्मी तालाब, आंतिया तालाब, पहूज नदी और पुराने कुओं का जानें इतिहास
झांसी का इतिहास सिर्फ किले और रानी लक्ष्मीबाई तक सीमित नहीं है. लक्ष्मी तालाब, आंतिया तालाब, पहूज नदी और पुराने कुएं भी शहर की पुरानी बसावट और जल परंपरा की खास कहानी बयां करते हैं. इतिहासकार डॉ सुनील तिवारी बताते हैं कि पुराने समय में किसी भी बस्ती के विकास के लिए पानी सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल था. झांसी में भी तालाब कुएं और नदी सिर्फ पानी जुटाने के साधन नहीं थे. इनसे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी खेती और आसपास की बसावट जुड़ी हुई थी.
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