गाजियाबाद की 125 साल पुरानी श्री सुल्लामल रामलीला की मूल भावना और धार्मिक परंपरा आज भी बरकरार, आधुनिक तकनीक का होता है प्रयोग
गाजियाबाद की 125 साल पुरानी श्री सुल्लामल रामलीला घंटाघर मैदान में अपनी परंपरा के साथ जारी है. लाला सुल्लामल ने 1900 के आसपास इसकी शुरुआत की थी. आधुनिक तकनीक के बावजूद इसकी मूल भावना बरकरार है. सन 1900 के आसपास धार्मिक प्रवृत्ति के लाला सुल्लामल ने इसकी शुरुआत की थी बताया जाता है कि महज 20 वर्ष की उम्र में उन्होंने मांडी भाषा में रामायण लिखी थी. इसी दौरान उनके मन में रामलीला के मंचन का विचार आया और उन्होंने इसकी शुरुआत की. शुरुआती दौर में रामलीला दिल्ली गेट के पास मोहल्ला अफगान के बाहर सड़क पर होती थी जिसमें स्थानीय लोग ही राम, लक्ष्मण, सीता और दूसरे पात्रों की भूमिका निभाते थे.
कॉलेज पार्टी में लाल साड़ी पहन लड़की ने की लड़के के साथ Ramp Walk, लोगों का नजर हटाना मुश्किल!
Viral Video: कॉलेज पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लाल साड़ी पहने एक लड़की एक लड़के के साथ स्टाइलिश अंदाज में रैंप वॉक करती नजर आ रही है. दोनों की शानदार बॉन्डिंग और कॉन्फिडेंस ने लोगों का ध्यान खींच लिया. वीडियो देखकर यूजर्स लड़की के लुक और रैंप वॉक की जमकर तारीफ कर रहे हैं. इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @kanishtha_19 नाम से शेयर किया गया है. आप भी देखें ये वायरल वीडियो..
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