खंडवा में बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, 61 वाहन भी बरामद, 2 गिरफ्तार
खंडवा में पुलिस ने एक बड़े बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह के बारे में जानकारी सामने आई है। इस नेटवर्क से जुड़े 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जब इस संयुक्त कार्रवाई में 2 आरोपियों को पकड़ा गया। उसके बाद निशानदेही के आधार पर पुलिस ने 61 वाहन जब्त किए हैं। इन सभी गाड़ियों को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अलग अलग इलाकों से चोरी किया गया था।
जंगल और सुनसान जगह पर ठिकाना
ये जानकारी सामने आई है कि आरोपी कई सालों से बाइक चोरी की घटनाओं में शामिल थे। इनका नेटवर्क खंडवा से लेकर बुरहानपुर, रतलाम, बड़वानी, खरगोन, धार, हरदा, देवास, इंदौर से लेकर महाराष्ट्र के कई जिलों तक फैला है।
61 मोटरसाइकिल बरामद
इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने 61 मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इनमें से 7 खंडवा से ही चोरी की गई है। अन्य वाहन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अलग अलग जिलों से गायब किए गए हैं। इस गिरोह में कौन कौन शामिल है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं इन चोरी के वाहनों की पुलिस में दर्ज शिकायतों की जानकारी भी निकाली जा रही है।
पुलिस कर रही पूछताछ
इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने अपना पूछताछ शुरू कर दी है। रिमांड पर लेकर उनसे गिरोह के सदस्यों सहित चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इन वाहनों की खरीद फरोख्त में लगे लोगों के बारे में भी पूछताछ चल रही है।
कैसे हुआ खुलासा
इस वाहन चोरी गिरोह का खुलासा अलग अलग घटनाओं से जुड़ी जानकारी की जांच पड़ताल के बाद हुआ। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अलग अलग मामले की जांच की गई। ऐसे में सामने आया कि चोरी करने का तरीका एक जैसा है। तभी पुलिस को शक हुआ चोरी करने वाला गिरोह एक ही है।
उसके बाद पुलिस ने संदिग्ध लोगों और वाहनों की निगरानी शुरू की। अलग अलग टीमों की जांच और सीसीटीवी के साथ तकनीकी सुरागों के आधार पर दो संदिग्धों को पकड़ा गया। इनकी पहचान बबलू बारेला और विशाल राठौर के रूप में हुई है। इनमें से विशाल के खिलाफ महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिले में 10 अपराध दर्ज हैं। वहीं बबलू के खिलाफ भी 2 अपराध दर्ज हैं।
डबरा सिटी थाने में फिर धरने पर बैठे पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष समेत कई पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा, थाना प्रभारी-एसडीओपी को हटाने की मांग
डबरा में नगर पालिका जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन के बीच बाउंड ओवर की कार्रवाई को लेकर विवाद फिर सामने आया है। दरअसल डबरा सिटी थाने में पार्षदों ने धरना शुरू कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसी दौरान सत्ताधारी दल के नगर पालिका अध्यक्ष समेत कई पार्षदों के सामूहिक इस्तीफा देने की बात भी सामने आई है। पार्षदों ने थाना प्रभारी, एसडीओपी और तहसीलदार को डबरा से हटाने की मांग रखी है।
दरअसल पार्षदों के धरने की वजह नगर पालिका जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के खिलाफ हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई बताई जा रही है। पार्षदों का आरोप है कि मारपीट की घटना के बाद उन्होंने थाना परिसर में पुलिस को मामले की जानकारी दी थी लेकिन उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने थाना परिसर में धरना दिया था।
पुलिस प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ की कार्रवाई
इसी कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ धारा 107/16 के तहत बाउंड ओवर की कार्रवाई की। पार्षद इसी कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस के सामने अपनी बात रखी उसी के बाद उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। इसी के विरोध में पार्षद एक बार फिर डबरा सिटी थाने में धरने पर बैठ गए।
बाउंड ओवर कार्रवाई को लेकर पार्षदों का विरोध
दरअसल पार्षदों का आरोप है कि बीते दिनों नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। इसके बाद नगर पालिका से जुड़े लोगों ने थाना परिसर में पहुंचकर पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी दी थी। पार्षदों के मुताबिक मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके बाद उन्होंने थाने में धरना दिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से जनप्रतिनिधियों के खिलाफ धारा 107/16 के तहत बाउंड ओवर की कार्रवाई की गई। पार्षदों ने इसी कार्रवाई को लेकर विरोध जताया है। उनका कहना है कि पुलिस की इस कार्रवाई के चलते वे दोबारा थाना परिसर में धरने पर बैठने को मजबूर हुए हैं।
पार्षदों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी दूसरे अधिकारी से कराने की मांग की है। इसके साथ ही थाना प्रभारी, एसडीओपी और तहसीलदार को तत्काल डबरा से हटाने की मांग भी रखी गई है। उनका कहना है कि नगर पालिका और पुलिस प्रशासन के बीच चल रहे विवाद का असर शहर के कामकाज पर पड़ रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष समेत कई पार्षदों के इस्तीफे की बात
वहीं डबरा में चल रहे इस विवाद के बीच सत्ताधारी दल के नगर पालिका अध्यक्ष समेत कई पार्षदों द्वारा सामूहिक इस्तीफा दिए जाने की बात सामने आई है। पार्षदों का धरना और पुलिस कार्रवाई का विरोध फिलहाल इस पूरे मामले का मुख्य मुद्दा बना हुआ है। पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका और पुलिस प्रशासन के बीच मतभेदों के कारण शहर से जुड़े दूसरे मुद्दे भी प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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