संजय दत्त को हथकड़ी लगते देख रो पड़े पिता:एक्टर बोले- वो सदमे में थे, अधिकारी ने मजाक उड़ाकर कहा- जेल में सिगरेट नहीं मिलती, मजेदार जवाब दिया
संजय दत्त ने हाल हीमें शेखर सुमन के शो शेखर टुनाइट में जेल के दिनों को याद करते हुए बताया कि गिरफ्तारी के दौरान उनके पिता सुनील दत्त के सामने उन्हें हथकड़ी पहनाई गई थी। उस समय उनके पिता की आंखों में आंसू आ गए थे। संजय दत्त को 1993 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप में जेल की सजा हुई थी। बाद में वे आतंकवाद के आरोपों से बरी हो गए, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए और कई बार जेल गए। शेखर सुमन के टॉक शो में संजय दत्त ने बताया कि जेल अधिकारियों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की थी। शेखर सुमन ने दर्शकों से कहा, ‘संजय दत्त को ‘अंडा सेल’ में रखा गया था, फिर भी उन्होंने अपना मानसिक संतुलन बनाए रखा।’ इसके बाद उन्होंने संजय से पूछा, ‘क्या कभी ऐसी स्थितियों में आपको अपनी जान देने का ख्याल आया?’ संजय दत्त ने जवाब दिया, ‘कभी नहीं।’ इसके बाद उन्होंने संजय से पूछा, ‘वह कौन-सा पल था, जब आपने खुद को सबसे कमजोर महसूस किया?’ संजय ने कहा, ‘मुझे पता था कि मेरे पिता और परिवार ने बहुत मुश्किल हालात का सामना किया है। लेकिन मैंने कभी खुद को कमजोर महसूस नहीं किया।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जब पुलिस पहली बार आई और मुझे हथकड़ी पहनाई, तो मेरे पिता सदमे में आ गए। उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा, “तुम मेरे बेटे के साथ क्या कर रहे हो?”’ संजय ने बताया, ‘मैंने उन्हें कसकर गले लगाया और कहा, “आप इन हथकड़ियों से परेशान क्यों हो रहे हैं? ऐसा मत कीजिए। यह बस एक प्रक्रिया है, प्लीज परेशान न हों।”, जबकि असल में, यह मुझे अंदर ही अंदर तोड़ रहा था। लेकिन मुझे उनके लिए मजबूत बने रहना था।’ संजय दत्त ने कहा कि स्टारडम और सुविधाओं के बावजूद उन्होंने खुद को कभी दूसरों से बेहतर नहीं समझा। उन्होंने कहा, ‘देखिए, इतने सालों में भी मुझमें अपने स्टारडम को लेकर कभी कोई घमंड नहीं आया। मुझमें ऐसी कोई बात नहीं है।’ सिगरेट नहीं मिली तो बीड़ी मांगी संजय दत्त के मुताबिक, जेल अधिकारियों को लगता था कि उनकी सेलिब्रिटी वाली सुख-सुविधाएं छीनने से वे टूट जाएंगे। संजय ने बताया कि अधिकारियों ने उनका मजाक उड़ाया। उनमें से एक उनके पास आया और बोला, ‘तुम्हें यहां सिगरेट नहीं मिलेगी। अब क्या करोगे?’ एक्टर ने कहा, “सर, यहां बीड़ी तो मिल जाएगी।”’ जानिए संजय दत्त केस की पूरी डीटेल- 12 मार्च 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए। अलग-अलग जगहों पर हुए इन धमाकों में 257 लोगों की मौत और 713 लोग घायल हुए थे। जांच में हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता चला। इसी जांच के दौरान अभिनेता संजय दत्त का नाम सामने आया। वह इस मामले में आरोपी नंबर 117 बनाए गए। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, 16 जनवरी 1993 को तीन AK-56 राइफलें, 250 राउंड गोलियां और कुछ हैंड ग्रेनेड उनके घर लाए गए थे। बाद में इनमें से दो राइफलें और कुछ गोला-बारूद वहां से ले जाए गए। जांच में संजय के घर से AK-56 राइफल, 9mm पिस्तौल बरामद की गई। 12 मार्च को हुए धमाकों के समय संजय दत्त मॉरीशस में एक फिल्म शूट कर रहे थे। करीब एक महीने बाद, 19 अप्रैल 1993 को संजय दत्त मुंबई लौटे। मुंबई क्राइम ब्रांच ने एयरपोर्ट पर उन्हें हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया। उन पर अवैध रूप से रखने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद संजय दत्त ने पुलिस के सामने हथियार रखने की बात स्वीकार की थी। रिकॉर्ड के अनुसार 28 अप्रैल 1993 को उन्होंने पुलिस के सामने बयान दिया, जो बाद में उन्होंने वापस ले लिया। 5 मई 1993 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। जुलाई 1994 में ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी और 4 जुलाई 1994 को उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्होंने करीब 16 महीने जेल में बिताए। अक्टूबर 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी। उस समय तक वह लगभग 18 महीने जेल में रह चुके थे। करीब 13 साल तक चली सुनवाई के बाद नवंबर 2006 में TADA कोर्ट ने संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया। लेकिन उन्हें TADA के तहत आतंकवादी साजिश के आरोपों से बरी कर दिया गया। यानी अदालत ने यह नहीं माना कि वह 1993 के मुंबई धमाकों की साजिश का हिस्सा थे। 2007 में उन्हें 6 साल की सजा सुनाई गई। 21 मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आर्म्स एक्ट वाली सजा को बरकरार रखा, लेकिन सजा को 6 साल से घटाकर 5 साल कर दिया। चूंकि संजय दत्त पहले ही लगभग 18 महीने जेल में रह चुके थे, उन्हें बाकी अवधि जेल में बितानी थी। इसके बाद उन्होंने 16 मई 2013 को सरेंडर किया और पुणे की यरवडा जेल भेजे गए। फरवरी 2016 में अच्छे व्यवहार आदि के आधार पर उनकी सजा पूरी होने से कुछ महीने पहले रिहाई हुई।
अभिषेक ने सूर्यवंशी को लड़ने से रोका:भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने हाथ नहीं मिलाया; वैभव-बिश्नोई की टक्कर में कैच छूटा
भारत ने शनिवार को खेले गए मुकाबले पाकिस्तान को हराकर एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता। इस दौरान मैच में कई मोमेंट्स देखने को मिले। एक समय ऐसा लगा कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पाकिस्तानी खिलाड़ी से भिड़ जाएंगे। दरअसल सूर्यवंशी को आउट करने के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी सईम अयूब ने दोनों हाथों से बच्चे का इशारा किया था। हालांकि सूर्यवंशी कुछ कहते, उससे पहले ही अभिषेक शर्मा ने उन्हें वापस लौटने का इशारा किया। साथ ही भारत नो-हैंडशेक के स्टैंड पर भी कायम दिखा। भारत और पाकिस्तान के कप्तानों या खिलाड़ियों ने मैच के दौरान हाथ नहीं मिलाया। भारत-पाकिस्तान मैच के टॉप मोमेंट्स… 1. टॉस के दौरान दोनों कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया टॉस के दौरान भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर और पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया। मैच के बाद भी दोनों टीम के खिलाड़ियों ने हैंडशेक नहीं किया। पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम अटैक के बाद से भारतीय टीम नो-हैंडशेक के स्टैंड पर कायम है। इसकी शुरुआत सितंबर 2025 में मेंस एशिया कप से हुई थी। क्रिकेट में भारत ने पिछले 384 दिन और 7 मैचों से पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया है। 2. सूर्यवंशी ने लगातार दो छक्के लगाए पारी के दूसरे ओवर में सूर्यवंशी ने साद मसूद की गेंद पर लगातार दो छक्के लगाए। उन्होंने दूसरी गेंद पर घुटने के बल बैठकर लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्का लगाया। इसकी अगली ही गेंद पर उन्होंने डीप मिडविकेट के ऊपर से छक्का जड़ दिया। 3. सूर्यवंशी को आउट कर सईम ने बच्चे का इशारा किया तीसरे ओवर की पहली गेंद पर सूर्यवंशी कैच आउट हुए। विकेट लेने के बाद गेंदबाज सईम अयूब ने सूर्यवंशी को देखते हुए दोनों हाथों से बच्चे खेलाने का इशारा किया। यह देखकर सूर्यवंशी एक पल के लिए रुके। इससे पहले कि वे सईम को कुछ रिप्लाई करते, उससे पहले ही नॉन-स्ट्राइक पर खड़े अभिषेक ने उन्हें ड्रेसिंग रुम की ओर लौटने का इशारा किया। फिर वैभव पवेलियन लौट गए। 4. सईम ने एक ही ओवर में 2 कैच छोड़े भारतीय पारी के पांचवे ओवर में अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर को जीवनदान मिला। दोनों ही मौको पर फील्डर सईम रहे। अराफात मिन्हास की चौथी गेंद पर अभिषेक ने पुल शॉट खेला। गेंद बल्ले का टॉप एज लेकर डीप मिडविकेट की ओर गई। सईम ने आगे की ओर डाइव लगाया, लेकिन गेंद हाथ से छिटक गई। इसके बाद आखिरी गेंद पर श्रेयस इनसाइड-आउट ड्राइव खेला। गेंद कवर की ओर गई। जहां एक बार फिर सईम कैच नहीं पकड़ सके। 5. गेंद पकड़ते समय चोटिल हुए उस्मान खान पहली पारी के 12वें ओवर में विकेटकीपर उस्मान खान चोटिल हुए। सुफियान मुकीम की दूसरी गेंद पर श्रेयस ने शॉट खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में उस्मान चोटिल हो गए। वे काफी दर्द में नजर आए। इसके बाद फिजियो ने जांच की और उस्मान ने विकेटकीपिंग जारी रखी। 6. बुमराह की गेंद लगने के बाद फरहान ने बैट छोड़ा दूसरी पारी का पहला ओवर जसप्रीत बुमराह ने डाला। ओवर की उनकी दूसरी गेंद ही पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फहरान के एल्बो पर जा लगी। बुमराह की अंदर आती गेंद पर फहरान चकमा खा गए। गेंद सीधे उनके एल्बो से टकराई, जिसके बाद दर्द के कराण उन्होंने बैट छोड़ दिया। वह कुछ देर तक परेशान नजर आए। 7. सुंदर ने बाउंड्री लाइन पर शानदार कैच पकड़ा पारी के सातवें ओवर में भारतीय फील्डर वॉशिंग्टन सुंदर ने बाउंड्री लाइन पर बेहतरीन कैच पकड़ा। अक्षर पटेल की पहली गेंद पर माज सदाकत ने स्वीप शॉट लगाया। गेंद डीप मिडविकेट की ओर गई। वहां खड़े सुंदर ने पीछे भागते हुए कैच पकड़ा, लेकिन आखिरी वक्त में उनका पैर बाउंड्री रोप पर लगने वाला था। उन्होंने गेंद हवा में उछाली, फिर बाउंड्री लाइन के अंदर आकर कैच कंप्लीट कर लिया। 8. वैभव-बिश्नोई की टक्कर में कैच छूटा पाकिस्तान की पारी के 9वें ओवर में वैभव-बिश्नोई की टक्कर में कैच छूट गया। अभिषेक की तीसरी गेंद पर हसन नवाज ने गेंद को हवा में खेला। लॉन्ग-ऑफ से सूर्यवंशी और लॉन्ग-ऑन से बिश्नोई कैच के लिए दौड़े। वैभव ने कैच पकड़ लिया था, लेकिन इसी दौरान सामने से आ रहे बिश्नोई से वे टकरा गए और गेंद उनके हाथ से छिटक गई। इस टक्कर में वैभव को चोट लगी। इसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। ---------------- मैच में बने रिकॉर्ड्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी एशियाड गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा भारतीय:भारत ने पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ 200 रन बनाए; गेल से आगे निकले अभिषेक भारत ने एशियन गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वैभव सूर्यवंशी गेम्स में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। पूरी खबर पढ़ें…
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