भारत और पाकिस्तान के बीच पुरुष टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले को लेकर जारी विवाद अभी थमता नहीं दिख रहा है, लेकिन इसका असर महिला क्रिकेट तक नहीं पहुंचा है। बता दें कि पाकिस्तान महिला ए टीम राइजिंग स्टार्स एशिया कप में भारत महिला ए टीम के खिलाफ खेलने की तैयारी में जुटी हुई है और अब तक किसी तरह के बहिष्कार के निर्देश सामने नहीं आए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यह टूर्नामेंट 13 फरवरी से बैंकॉक में शुरू हो रहा है और भारत महिला ए तथा पाकिस्तान महिला ए के बीच मुकाबला 15 फरवरी को प्रस्तावित है। दिलचस्प बात यह है कि इसी दिन पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होनी थीं, जिसे लेकर पाकिस्तान सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि उसकी पुरुष टीम उस मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।
गौरतलब है कि पुरुष मुकाबले को लेकर उठे सियासी फैसले के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने महिला ए टीम का स्क्वॉड जारी कर दिया था। इससे यह संकेत मिलता है कि कम से कम महिला टीम के कार्यक्रम में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। पाकिस्तान महिला ए टीम को ग्रुप ए में भारत ए, यूएई और नेपाल के साथ रखा गया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, राइजिंग स्टार्स एशिया कप की तैयारियां तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ रही हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद अभी इस पूरे मसले पर औपचारिक बैठक बुलाने को लेकर किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंची है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब तक आईसीसी की किसी आपात बैठक की घोषणा नहीं हुई है।
गौरतलब है कि आईसीसी पहले ही यह कह चुकी है कि चयनात्मक भागीदारी जैसे फैसले वैश्विक टूर्नामेंट की निष्पक्षता और खेल भावना के मूल सिद्धांतों से मेल नहीं खाते हैं। हालांकि पुरुष क्रिकेट में स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, लेकिन महिला क्रिकेट में अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं है कि भारत-पाक मुकाबले को लेकर कोई सख्त कदम उठाया जाएगा।
फिलहाल हालात यही बताते हैं कि राइजिंग स्टार्स एशिया कप में महिला ए स्तर पर भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने उतर सकती हैं और दोनों देशों के बीच महिला क्रिकेट को इस राजनीतिक खींचतान से अलग रखा गया है।
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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर पैट कमिंस को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए घोषित 15 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिल पाई है। बता दें कि 7 फरवरी से शुरू हो रहे टूर्नामेंट से पहले कमिंस की पीठ की पुरानी परेशानी फिर चर्चा में आ गई है।
गौरतलब है कि कमिंस ने खुद स्वीकार किया है कि रिकवरी के दौरान एक छोटा सा सेटबैक उनके चयन में बाधा बन गया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में कहा कि वह खुद को काफी बेहतर महसूस कर रहे थे, लेकिन समय की कमी आड़े आ गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, एडिलेड टेस्ट के बाद मेडिकल टीम ने अनुमान लगाया था कि पूरी तरह फिट होने में चार से आठ हफ्तों का वक्त लग सकता है।
शुरुआत में उम्मीद थी कि चार हफ्ते में ही स्थिति संभल जाएगी, लेकिन फॉलो-अप स्कैन के बाद डॉक्टरों ने रिकवरी अवधि को थोड़ा और बढ़ाने की सलाह दी। इसी वजह से चयन की समय-सीमा बहुत टाइट हो गई और कमिंस को टीम से बाहर रहना पड़ा है।
कमिंस ने साफ किया है कि फिलहाल वह कुछ हफ्ते आराम करेंगे और फिर आगे की योजना बनाएंगे। उनकी नजर इंडियन प्रीमियर लीग पर भी है, जहां वह मार्च के अंत में शुरू होने वाले सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता साल के दूसरे हिस्से में होने वाले आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप मुकाबले हैं।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया को इस साल काफी व्यस्त टेस्ट कैलेंडर का सामना करना है। अक्टूबर से पहले बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू दो टेस्ट और दक्षिण अफ्रीका दौरे पर तीन टेस्ट खेले जाने हैं। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ चार और भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैच मौजूदा चक्र के खत्म होने से पहले निर्धारित हैं।
कमिंस का मानना है कि साल के पहले हिस्से में सतर्क रहना सही फैसला है। उनका कहना है कि अगर अभी लापरवाही की गई तो चोट दोबारा उभर सकती है और पूरे सीजन पर असर पड़ सकता है। इसलिए अभी सही इलाज और रिकवरी पर ध्यान देना जरूरी है।
हालांकि हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज़ में हार और कुछ खिलाड़ियों की चोटों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को टी20 वर्ल्ड कप का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। टीम ग्रुप बी में आयरलैंड, जिम्बाब्वे, ओमान और सह-मेजबान श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले खेलेगी।
कमिंस का भी मानना है कि पाकिस्तान में मिली हार टीम की असली ताकत को नहीं दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ी बिग बैश लीग में शानदार फॉर्म में रहे हैं और कुछ अहम नाम चोट से उबरकर लौट रहे हैं। टीम का मनोबल अच्छा है और खिलाड़ी बड़े मंच पर उतरने के लिए उत्साहित हैं।
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