IND vs WI 1st T20: भारत ने जीता टॉस, वेस्टइंडीज पहले करेगी बैटिंग, टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में काफी बदलाव, इस खिलाड़ी का हुआ डेब्यू
IND vs WI 1st T20I: भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है. भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है, यानी वेस्टइंडीज की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरेगी. इस मुकाबले में टीम इंडिया की ओर से नमन धीर को डेब्यू करने का मौका मिला है. भारत की प्लेइंग11 में काफी बदलाव देखने को मिला है, जहां मयंक यादव की टीम में वापसी हुई है, वहीं वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाया गया है. इस मैच में अभिषेक शर्मा और सजू सैमसन ओपनिंग करते नजर आएंगे.
टॉस जीतकर गेंदबाजी करने के फैसले पर क्या बोले श्रेयस अय्यर?
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. अय्यर ने टॉस के इस दौरान कहा, "यहां की पिच मिली-जुली (काली और लाल) मिट्टी की है. मैच में थोड़ी ओस भी देखने को मिलेगी. हमारा सफर काफी थका देने वाला रहा. हम कल (जापान) रात ही यहां पहुंचे और आज मैच के लिए मैदान पर उतर गए हैं, लेकिन हम पूरी तरह से अपने जोन में हैं."
श्रेयस अय्यर ने आगे कहा, "वेस्टइंडीज की टीम कमाल की रही है, उन्होंने पिछले कुछ सालों में टी20 क्रिकेट में अपना दबदबा बनाया है. उनके पास शानदार बल्लेबाजी और बेहतरीन ऑलराउंडर्स हैं. हम इस कड़े मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं." श्रेयस अय्यर ने बताया कि नीतीश कुमार रेड्डी, वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव और रवि बिश्नोई को प्लेइंग 11 में मौका नहीं मिला है,
ऐसी है भारत और वेस्टइंडीज की प्लेइंग 11
भारतीय टीम की प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (डब्ल्यू), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (सी), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, मयंक यादव.
वेस्टइंडीज की प्लेइंग 11: शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), कामिल पूरन, शिम्रोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, रोस्टन चेज़, अकील होसेन, शमर स्प्रिंगर, शमर जोसेफ.
???? Toss and Team News ????#TeamIndia have won the toss and elected to bowl in the 1️⃣st #INDvWI T20I.
— BCCI (@BCCI) October 6, 2026
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मेडिकल सिर्फ साइंस और टेक्नोलॉजी का ही नहीं, दया और भरोसे का भी क्षेत्र : राष्ट्रपति मुर्मु
बिलासपुर, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर स्वास्थ्य सेवा का आर्थिक बोझ कम करने में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की भूमिका पर जोर दिया। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर परिवार के लिए सालाना 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य कवर मिलता है।
हिमाचल प्रदेश में एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में बोलते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि इस योजना के तहत इलाज पर 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए हैं और इसके लाभार्थियों की संख्या 50 करोड़ से ज्यादा हो गई है।
उन्होंने संबंधित लोगों से कहा कि वे यह पक्का करें कि स्वास्थ्य सुरक्षा के इन उपायों की जानकारी दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक पहुंचे।
राष्ट्रपति ने एम्स बिलासपुर के पहले बैच के ग्रेजुएट्स को डिग्रियां दीं और उनसे जीवन भर सीखते रहने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने ग्रेजुएट्स से कहा कि वे बदलते मेडिकल तरीकों और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ कदम मिलाकर चलें और साथ ही रिसर्च को ऐसे इनोवेशन में बदलें, जिससे लोगों की जिंदगी बेहतर हो।
उन्होंने कहा, मेडिकल का क्षेत्र सिर्फ साइंस और टेक्नोलॉजी का क्षेत्र नहीं है। यह असल में दया और भरोसे का भी क्षेत्र है।
उन्होंने ग्रेजुएट्स को अपने काम में लोगों की जरूरतों को सबसे ऊपर रखने के लिए प्रोत्साहित किया, खासकर उन लोगों की जरूरतों को जो दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में रहते हैं और जहां तक खास मेडिकल सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंच पातीं।
एम्स बिलासपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, उन्होंने संस्थान और उसके ग्रेजुएट्स से कहा कि वे इस इलाके में उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने की दिशा में काम करें। इसमें टेली-मेडिसिन, एक्सपर्ट से सलाह, मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग और आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल शामिल है।
इस मौके पर बोलते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने पिछले 12 सालों में देश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 384 से बढ़कर 800 से ज्यादा हो गई है, जबकि अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटों की संख्या 51,348 से बढ़कर 1.42 लाख हो गई है।
नड्डा ने केंद्र सरकार के उस लक्ष्य के बारे में बताया, जिसके तहत 2029 तक 75,000 अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटें जोड़ी जाएंगी। इसमें 10,000 अतिरिक्त एमबीबीएस और पीजी सीटें बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपए का आवंटन भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में एम्स नेटवर्क के विस्तार का जिक्र करते हुए, केंद्रीय मंत्री नड्डा ने बताया कि जहां कई दशकों तक देश में सिर्फ एक एम्स था, वहीं पिछले 12 सालों में 16 नए एम्स बनाए गए हैं।
एम्स बिलासपुर के बारे में बात करते हुए, नड्डा ने बताया कि संस्थान ने 750 बेड के शुरुआती लक्ष्य से आगे बढ़कर अब 776 बेड की क्षमता हासिल कर ली है, और यहां 26 स्पेशलिटीज और 15 सुपर-स्पेशलिटीज पूरी तरह से काम कर रही हैं।
उन्होंने जटिल सर्जरी, कार्डियक कैथेटेराइजेशन इंटरवेंशन, न्यूरोसर्जरी, व्यापक देखभाल, कैंसर देखभाल और रेडियोथेरेपी सेवाओं की उपलब्धता पर जोर दिया और बताया कि यह प्रगति पिछले पांच सालों में हासिल की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले चार सालों में संस्थान में ओपीडी कंसल्टेशन की संख्या 12 लाख और आईपीडी एडमिशन की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो गई है।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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