मेलोनी को अपनी आवाज चोरी होने की फिक्र:AI से बचने के लिए ट्रेडमार्क आवेदन दिया, ऐसा करने वाली पहली वर्ल्ड लीडर
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपनी आवाज को गलत तरीके से इस्तेमाल होने से बचाने के लिए उसे ट्रेडमार्क कराने का आवेदन किया है। उनका यह कदम AI डीपफेक के खतरे से बचने के लिए है। मेलोनी ने यूरोपीय संघ के बौद्धिक संपदा कार्यालय (EUIPO) में यह आवेदन किया है। आवेदन के साथ मेलोनी ने करीब 4 सेकंड की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग जमा की है। इसमें वह इतालवी भाषा में दो बार कहती हैं- लो सोनो जॉर्जिया यानी मैं जियोर्जिया मेलोनी हूं। मेलोनी की 2021 में आई आत्मकथा का नाम भी लो सोनो जॉर्जिया था। यह वाक्य उनके राजनीतिक प्रचार से भी जुड़ा हुआ है। मेलोनी अपनी आवाज का ट्रेडमार्क कराने वाली पहली वर्ल्ड लीडर हैं। AI से आवाज की नकल कैसे होती है? कलाकार पहले ही ऐसा कदम उठा चुके AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आवाज भी अब डिजिटल पहचान का हिस्सा बन गई है, जिसे सुरक्षित रखने के लिए कलाकार कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं। मेलोनी अपनी आवाज को ट्रेडमार्क कराने वाली पहली बड़ी हस्ती नहीं हैं। दुनिया के कई कलाकार पहले भी अपनी आवाज, नाम और पहचान से जुड़े अधिकारों को कानूनी सुरक्षा दिलाने की कोशिश कर चुके हैं। जनवरी में अमेरिकी अभिनेता मैथ्यू मैककोनाघी ने अपनी तस्वीर और आवाज को ट्रेडमार्क कराने के लिए आवेदन किया था। अगस्त में 80 से ज्यादा कलाकारों ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम से ऐसा कानून बनाने की मांग की, जिससे लोगों को अपनी आवाज के इस्तेमाल पर कानूनी अधिकार मिल सके। टेलर स्विफ्ट ने आवाज के 2 सैंपल ट्रेडमार्क कराए अप्रैल में गायिका टेलर स्विफ्ट ने भी अमेरिका में तीन ट्रेडमार्क आवेदन किए। इनमें एक आवेदन उनकी तस्वीर और दो आवेदन उनकी आवाज से जुड़े हैं। तस्वीर वाले आवेदन में स्विफ्ट की एरास टूर के दौरान मंच पर ली गई तस्वीर इस्तेमाल की गई है। इसमें वह गुलाबी गिटार पकड़े और चमकीले कपड़े पहने नजर आ रही हैं। यही तस्वीर पहले एरास टूर की फिल्म के प्रचार में भी इस्तेमाल हो चुकी है। दो अन्य आवेदन उनकी आवाज से जुड़े हैं। इनमें उनके पुराने एल्बम के प्रचार के लिए रिकॉर्ड किए गए दो छोटे ऑडियो शामिल हैं। इन रिकॉर्डिंग में वह अपना परिचय देते हुए “हे, इट्स टेलर” और “हे, इट्स टेलर स्विफ्ट” कहती हैं। मेलोनी पहले भी डीपफेक का शिकार हो चुकी हैं मेलोनी के लिए डीपफेक कोई नई समस्या नहीं है। 2024 में उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करके फर्जी अश्लील वीडियो बनाए गए और उन्हें इंटरनेट पर फैलाया गया। इसके बाद मेलोनी ने वीडियो बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ 1 लाख यूरो के हर्जाने की मांग की थी। इस साल मई में भी मेलोनी ने डीपफेक के खतरे को लेकर चिंता जताई थी। उस समय उनकी अंडरगारमेंट्स में AI से बनाई गई फर्जी तस्वीरें इंटरनेट पर फैल रही थीं। मेलोनी ने इसे लेकर कहा था कि यह समस्या सिर्फ उनकी नहीं है। उनके मुताबिक डीपफेक ऐसी तकनीक है, जिसका इस्तेमाल किसी को धोखा देने, उसकी छवि खराब करने या उसे निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद अपना बचाव कर सकती हैं, लेकिन बहुत से लोगों के पास इससे निपटने के साधन नहीं हैं।
IAS Transfer: एक साथ हुआ 3 आईएएस अधिकारियों का तबादला, मिला नया पदभार, आदेश जारी
तमिलनाडु में नौकरशाही फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री सी. विजय जोसेफ की सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन अधिकारियों का स्थानांतरण (IAS Transfer) किया है। तमिल नाडु ई-गवर्नेंस एजेंसी के निदेशक बदले गए हैं। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश राज्यपाल के नाम से सरकार के मुख्य सचिव एम साई कुमार ने 6 अक्टूबर को जारी किया है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नया कार्य संभालने का निर्देश भी दिया गया है।
आईएएस अधिकारी केपी कार्तिकेयन को निदेशक नगर पंचायत पद पर नियुक्त किया गया है। वह टीएमटी बी.प्रियंका के स्थान पर पदभार ग्रहण करने वाले हैं। वह वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन आफ तमिलनाडु लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पद पर कार्यरत हैं।
ई-गवर्नेंस के नए निदेशक कौन?
आईएएस अधिकारी टीएमटी बी प्रियंका को स्थानांतरित करके निदेशक ई-गवर्नेंस पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें तमिलनाडु ई-गवर्नेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद पर का प्रभार भी सोपा गया है। वर्तमान में वह निदेशक, नगर पंचायत पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ELCOT के नए मैनेजिंग डायरेक्ट कौन?
विदेशी प्रतिनियुक्ति से लौटने पर आईएएस अधिकारी थिरु वी. विष्णु चंद्रन की सेवाएं डॉ केपी कार्तिकेयन के स्थान पर प्रबंध निदेशक इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु लिमिटेड के पद पर नियुक्ति के लिए निपटान में रखी गई है।
सितंबर में हुआ था कई आईएएस अफसरों का तबादला
तमिलनाडु में लगातार प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी है। सितंबर में 25 से अधिक आईएएस अधिकारियों का तबादला हुआ था। 8 सितंबर को जारी आदेश के तहत थिरु धर्मेंद्र प्रताप यादव , टीएमटी आर लिली, डॉ बी. चंद्र मोहन, थिरु अजय यादव , डॉ के सेंथिल राज समेत कुल 27 आईएएस अफसरों को नया पदभार सौंपा गया था। वहीं 15 सितंबर को जारी आदेश के तहत एस बालचंदर को कार्यभार से मुक्त करते हुए टीएमटी आर सरण्या को आयुक्त तांबरम निगम पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
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