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रोहिणी आचार्य संभालेगी RJD की कमान? जानें क्यों हो रही है चर्चा और क्या बोलीं लालू की बेटी

बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव के परिवार को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. करीब एक साल बाद पटना लौटीं रोहिणी आचार्य लगातार सुर्खियों में हैं. उनके बिहार लौटने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह आने वाले समय में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में कोई बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं?

हालांकि, खुद रोहिणी आचार्य ने फिलहाल ऐसी किसी भूमिका की पुष्टि नहीं की है. इंडिया टीवी से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि वह अपने पिता लालू प्रसाद यादव की देखभाल के लिए पटना आई हैं. उन्होंने राजनीति में अपनी भविष्य की भूमिका को लेकर भी कहा कि अभी वह अपने माता-पिता की सेवा को प्राथमिकता दे रही हैं.

आखिर क्यों उठी RJD में बड़ी जिम्मेदारी की चर्चा?

रोहिणी आचार्य के पटना लौटने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर अटकलें इसलिए तेज हुईं क्योंकि पिछले कुछ समय में वह RJD और लालू परिवार से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखती रही हैं.

कुछ मीडिया रिपोर्टों में उनके RJD में नई भूमिका संभालने की संभावना को लेकर राजनीतिक नेताओं की टिप्पणियां भी सामने आई हैं. बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने तो दावा किया कि रोहिणी पार्टी में नेतृत्व की भूमिका संभाल सकती हैं. हालांकि यह उनका राजनीतिक आकलन है और RJD की ओर से रोहिणी को पार्टी की कमान सौंपने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

यही वजह है कि फिलहाल इसे राजनीतिक संभावना और चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है, न कि तय फैसले के तौर पर.

रोहिणी बोलीं- पापा के लिए आई हूं

इंडिया टीवी से बातचीत में रोहिणी आचार्य ने अपने पटना लौटने की वजह को लेकर स्पष्ट जवाब दिया. उन्होंने कहा कि काफी समय से आने का कार्यक्रम था, लेकिन समय नहीं मिल पा रहा था. जैसे ही समय मिला, वह अपने पिता के पास पहुंच गईं.

उन्होंने कहा कि वह लालू यादव की सेहत और उनकी देखभाल के लिए आई हैं. उनके मुताबिक, इस समय उनका पूरा ध्यान अपने पिता के साथ रहने पर है.

रोहिणी ने पिता के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि वह सुबह की सैर से लेकर रात के खाने तक ज्यादातर समय लालू यादव के साथ ही रहती हैं.

यानी उनके बयान के मुताबिक, फिलहाल उनकी पटना वापसी का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक जिम्मेदारी और पिता की देखभाल है, न कि कोई घोषित राजनीतिक भूमिका.

24 घंटे पिता के साथ रहने की बात

रोहिणी ने लालू यादव के साथ अपनी बॉन्डिंग को लेकर कहा कि वह उनके साथ काफी अच्छा समय बिता रही हैं. उन्होंने अपने दिनचर्या का जिक्र करते हुए कहा कि वह सुबह की वॉक से लेकर डिनर तक पिता के साथ रहती हैं.

यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी वापसी को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है. रोहिणी ने खुद इन अटकलों को फिलहाल ज्यादा महत्व नहीं दिया और कहा कि वह अपने माता-पिता की सेवा के लिए आई हैं.

इससे पहले भी पटना पहुंचने के बाद उन्होंने लोगों से उनकी वापसी को राजनीतिक रंग न देने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि उनके पिता ने उन्हें बुलाया है और वह माता-पिता से मिलने आई हैं.

राजनीति में आएंगी या नहीं? रोहिणी ने दिया साफ जवाब

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भविष्य में सक्रिय राजनीति में वापसी करेंगी, तो रोहिणी ने सीधा कोई ऐलान नहीं किया.

उन्होंने कहा कि अभी उनकी जिंदगी में माता-पिता की सेवा से बड़ी कोई प्राथमिकता नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में क्या होगा, यह वह अभी नहीं बता सकतीं.

उनके इस बयान से इतना जरूर स्पष्ट होता है कि फिलहाल उन्होंने RJD में किसी पद या नेतृत्व की भूमिका को लेकर कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है. भविष्य में राजनीति में उनकी भूमिका क्या होगी, इस पर फैसला बाद में ही स्पष्ट होगा.

सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने को लेकर क्या बोलीं?

रोहिणी आचार्य लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय रही हैं. वह राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर पोस्ट करती रही हैं. इंटरव्यू में जब सोशल मीडिया पर RJD की कमान संभालने की चर्चा को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना कोई गलत बात नहीं है. उनके मुताबिक, विदेश में रहने वाला कोई भारतीय भी अपने देश और परिवार को लेकर चिंतित रह सकता है.

उन्होंने बिहार के विकास की इच्छा भी जताई, लेकिन साथ ही कहा कि वह फिलहाल राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहतीं. उनके मुताबिक, राजनीति पर बात करने का समय आगे आएगा.

दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन पर भी दिया बयान

रोहिणी आचार्य से दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को लेकर भी सवाल किया गया. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को अपना “हंड्रेड परसेंट सपोर्ट” देने की बात कही.

हालांकि, उन्होंने अपने जवाब को किसी विस्तृत राजनीतिक रणनीति या RJD की आधिकारिक लाइन के रूप में पेश नहीं किया. उन्होंने साफ कहा कि वह फिलहाल राजनीतिक टिप्पणी से बचना चाहती हैं.

यहां यह अंतर महत्वपूर्ण है कि किसी मुद्दे पर रोहिणी का व्यक्तिगत बयान और RJD की आधिकारिक स्थिति अलग-अलग चीजें हैं.

करीब एक साल बाद पटना लौटी हैं रोहिणी

रोहिणी आचार्य करीब एक साल बाद सिंगापुर से पटना लौटी हैं. 1 अक्टूबर को पटना एयरपोर्ट पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती उन्हें लेने पहुंचे थे. उस समय भी रोहिणी ने कहा था कि वह अपने माता-पिता के साथ रहने आई हैं.

उनकी वापसी ऐसे समय हुई जब लालू परिवार और RJD को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं. इसी वजह से उनकी वापसी को लेकर सामान्य पारिवारिक घटनाक्रम के साथ-साथ राजनीतिक नजरिए से भी चर्चा होने लगी.

पहले भी राजनीति में रही हैं सक्रिय

रोहिणी आचार्य का राजनीति से जुड़ाव बिल्कुल नया नहीं है. उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव सारण सीट से RJD के टिकट पर लड़ा था. हालांकि उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद भी वह पार्टी के राजनीतिक अभियान और सोशल मीडिया गतिविधियों में सक्रिय दिखाई देती रही हैं.

पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने राजनीति से अलग होने की बात कही थी. उस समय उनके कुछ सोशल मीडिया पोस्ट ने लालू परिवार के भीतर मतभेदों को लेकर राजनीतिक चर्चा पैदा कर दी थी. अब उनकी वापसी के बाद वही घटनाक्रम फिर चर्चा में आ गया है.

क्या सच में RJD की कमान संभालेंगी?

फिलहाल इसका जवाब तय नहीं है. एक तरफ रोहिणी के पटना लौटने, लालू यादव के साथ उनके लगातार रहने और उनके राजनीतिक बयानों के कारण अटकलें चल रही हैं. दूसरी तरफ खुद रोहिणी ने RJD की कमान संभालने की बात से इनकार किया है.

इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह पार्टी का नेतृत्व संभालने जा रही हैं. इतना जरूर है कि लालू परिवार की राजनीति में उनकी मौजूदगी फिर से चर्चा का विषय बन गई है.

आने वाले दिनों में अगर RJD की ओर से उन्हें कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी दी जाती है, तभी उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर तस्वीर स्पष्ट होगी. फिलहाल रोहिणी के अपने शब्दों में उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि माता-पिता की सेवा और पिता लालू यादव के साथ समय बिताना है.

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MLA Bachchu Khabad: गुजरात में एक विधायक का अजीबोगरीब कारनामा सामने आ रहा है. आरोप है कि विधायक बच्चू खाबड़ ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाकर अपना निजी बंगला धुलवाया. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गया. इससे विधायक बच्चू नए विवाद में फंस गए हैं. 

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वसूला गया जुर्माना 

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