EC मार्च पर Kiren Rijiju का Rahul Gandhi पर हमला, कहा- यह ड्रामा कब तक चलेगा?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने 'इंडिया' गठबंधन के चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च के बाद कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार हमला करने से न तो लोकतंत्र को कोई फ़ायदा होगा और न ही कांग्रेस को जनता का समर्थन फिर से हासिल करने में मदद मिलेगी। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाने का रोज़ का ड्रामा बंद कर देना चाहिए और इसके बजाय लोगों की सेवा करके उनका जनादेश जीतने पर ध्यान देना चाहिए।
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पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और उनके सहयोगियों का यह रोज़ का ड्रामा - जिसमें वे लगातार चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर हमला करते हैं - अब बंद होना चाहिए। यह ड्रामा 2014 से लगातार चल रहा है। यह ड्रामा कब तक चलेगा? लोकतंत्र में, अगर आप लोगों की सेवा करते हैं, तो आपको जनता का जनादेश मिलता है। जब आप जनादेश जीतने में नाकाम रहते हैं, तो आप चुनाव आयोग को बुरा-भला कहते हैं। जब सुप्रीम कोर्ट माफ़ी मांगने के लिए कहता है, तो आप सुप्रीम कोर्ट पर हमला करते हैं और दावा करते हैं कि आपको न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है। आप चुनाव आयोग को भ्रष्ट कहते हैं और सरकार को भ्रष्ट बताते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इससे न तो लोकतंत्र को कोई फ़ायदा होगा और न ही कांग्रेस पार्टी फिर से मज़बूत हो पाएगी। मैं ख़ास तौर पर राहुल गांधी से कहना चाहता हूँ: मोदी जी से सीखिए। बीजेपी कार्यकर्ताओं से सीखिए, जो निस्वार्थ भाव से और लगातार अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए काम करते हैं। आपको भी ऐसा ही करना चाहिए और यह ड्रामा बंद करना चाहिए। अगर आप लोगों की सेवा करते रहेंगे, तो वे आप पर भरोसा करेंगे। ड्रामा करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
रिजिजू का यह बयान तब आया जब राहुल गांधी ने नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर तक विपक्षी सांसदों के एक मार्च का नेतृत्व किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा और राज्यसभा के लगभग 300 सांसदों को चुनाव आयोग से मिलने से रोका गया और सवाल उठाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को चुनाव आयोग से मिलने की इजाज़त क्यों नहीं दी जा रही है।
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पत्रकारों से बात करते हुए गांधी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए चुनाव आयोग के दरवाज़े पर पहुंचा है और आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार और संवैधानिक अधिकारियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर किया है। हालांकि, रिजिजू ने सरकार में कांग्रेस के कामकाज के रिकॉर्ड पर पलटवार किया और पार्टी पर आरोप लगाया कि दशकों तक देश पर शासन करने के बावजूद वह लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।
आसमान से दुश्मन पर नजर रखेगी ये तीसरी आंख, DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर किया HAPS का सफल ट्रायल
डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन (DRDO) ने देश में ही विकसित 'हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफ़ॉर्म' (HAPS) का सफल फ़्लाइट ट्रायल किया है। इस एक्सपेरिमेंटल फ़्लाइट ने समुद्र तल से 21 किलोमीटर (AMSL) की ऊंचाई हासिल की और ज़मीन पर वापस लाने का कमांड मिलने से पहले 30 मिनट से ज़्यादा समय तक 20 किलोमीटर (AMSL) की ऊंचाई पर बनी रही। सिस्टम को सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया गया और फ़्लाइट परफ़ॉर्मेंस डेटा का विश्लेषण किया गया। पूरी उड़ान के दौरान, ज़मीनी कंट्रोल स्टेशन पर एयरबोर्न प्लेटफ़ॉर्म से रियल-टाइम वीडियो डेटा और गाड़ी के सभी पैरामीटर हासिल किए गए, जिनसे उड़ान का अपेक्षित प्रदर्शन दिखाई दिया। इस सिस्टम में कई तरह के इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक पैकेज लगे थे, जैसे कि इनर्शियल मेज़रमेंट यूनिट, ग्लोबल पोज़िशनिंग सिस्टम रिसीवर, ऑनबोर्ड कैमरे, ऊंचाई कंट्रोल करने वाला मैकेनिज़्म और कई अन्य सब-सिस्टम। यह ट्रायल कई एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया, जिनमें भारतीय वायु सेना (IAF), सेंटर फ़ॉर मिलिट्री एयरवर्दीनेस एंड सर्टिफ़िकेशन (CEMILAC), डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (AAI) और अन्य सिविल अधिकारी शामिल थे।
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हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफ़ॉर्म, जो हवा से हल्का एक सिस्टम है और लंबे समय तक चलने वाला स्ट्रैटोस्फेरिक एरियल सर्विलांस प्लेटफ़ॉर्म है, इसे आगरा में एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE) द्वारा डिज़ाइन और विकसित किया जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफ़ॉर्म के सफल उड़ान परीक्षण पर DRDO, IAF, PSU और इंडस्ट्री की तारीफ़ की और कहा कि यह सफल परीक्षण भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसका मकसद लंबे समय तक चलने वाला स्ट्रैटोस्फेरिक एयरशिप बनाना है। रक्षा सचिव और रक्षा R&D विभाग के सचिव तथा DRDO के चेयरमैन राजेश कुमार सिंह ने भी हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप प्लेटफ़ॉर्म के उड़ान परीक्षण से जुड़ी टीमों को बधाई दी।
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DRDO ने 16,000 फीट की ऊंचाई पर पहला AHAP लाइव जंप किया
DRDO ने सबसे ऊंचे ड्रॉप ज़ोन में से एक, न्योमा (मुध DZ) में एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट (AHAP) का पहला लाइव जंप भी किया। यह जंप समुद्र तल से 16,000 फीट (AMSL) की ऊंचाई पर किया गया। पैराशूट को 15,500 फीट (AMSL) की ऊंचाई पर खोला गया और लैंडिंग न्योमा (मुध DZ) में की गई, जो 13,700 फीट की ऊंचाई पर है। इस जंप ने बहुत ऊंचे पहाड़ी इलाकों में AHAP पैराशूट की क्षमता और रणनीतिक उपयोगिता को साबित किया। आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE) द्वारा डिज़ाइन और विकसित AHAP, पैराट्रूपर्स को एक साथ बड़ी संख्या में उतारने (मास ड्रॉप) के लिए एक स्टैटिक लाइन पैराशूट सिस्टम है। इस सिस्टम को ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री (OPF), कानपुर ने बनाया है, DGAQA ने इसका निरीक्षण किया है और CEMILAC, RCMA, कानपुर ने इसे सर्टिफ़ाई किया है। AHAP में पैराशूट खोलने के कई तरीके (डिप्लॉयमेंट मोड) हैं, इसकी ऑपरेशनल ऊंचाई की रेंज बहुत ज़्यादा (18,000 फीट तक) है, और नीचे उतरने की गति (रेट ऑफ़ डिसेंट) सबसे सुरक्षित है। यह खास तौर पर ऊंचे इलाकों में भारतीय रक्षा बलों की रणनीतिक ज़रूरतों के हिसाब से उपयुक्त है। इतनी अधिक ऊंचाई पर स्टैटिक लाइन पैराशूट जंप करना मुश्किल और जोखिम भरा होता है, क्योंकि पैराशूट खुलने पर बहुत तेज़ झटका लगता है और नीचे उतरने की गति भी तेज़ होती है।
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