इधर विपक्ष सड़कों पर हंगामा करता रहा, उधर मोदी मंत्रिमंडल ने कई बड़े फैसले लेकर सबको चौंका दिया, PM Modi के सम्मान में सभी मंत्रियों ने दिया Standing Ovation
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक, सरकार प्रमुख के रूप में उनकी 25 वर्षों की निरंतर सेवा और नेतृत्व की सराहना करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ शुरू हुई यह यात्रा अब प्रधानमंत्री के रूप में लगातार जारी है। इस अवसर पर सभी मंत्रियों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और समर्थन व्यक्त किया। इसके बाद कैबिनेट ने कई अहम नीतिगत फैसलों पर मुहर लगाई। इनमें देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स तंत्र को एकीकृत करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी और छोटे एवं मझोले उद्यमों को विस्तार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ₹10,000 करोड़ के SME Growth Fund (SGF) की स्थापना का फैसला प्रमुख है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी दी।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ITLA को देश में एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स योजना का राष्ट्रीय शीर्ष संस्थान बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नीति अनुसंधान, परियोजना योजना और मूल्यांकन, निगरानी एवं प्रभाव आकलन तथा डेटा एनालिटिक्स को एक ही व्यवस्था के तहत लाना है। इससे अलग-अलग परिवहन परियोजनाओं की योजना, मूल्यांकन और निगरानी में तालमेल बढ़ाने पर जोर होगा।
उन्होंने बताया कि नई अथॉरिटी की भूमिका खास तौर पर बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में महत्वपूर्ण होगी। ₹500 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली केंद्र सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन ITLA करेगा, ताकि उनमें मल्टी-मोडल प्लानिंग सुनिश्चित हो सके। साथ ही सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स को समेटते हुए दीर्घकालिक National Transport Master Plan तैयार किया जाएगा।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ITLA ₹500 करोड़ से अधिक की परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी, अड़चनों के समाधान के लिए समन्वय और परियोजना पूरी होने के बाद उसके प्रभाव का आकलन भी करेगा। इसके अलावा GSTN ई-वे बिल, FASTag, Vahan, GPS और शहरी ट्रैफिक डेटा को जोड़कर National Transport Data Repository तैयार की जाएगी। माल ढुलाई के प्रवाह और Origin-Destination Analytics के जरिए परियोजनाओं की योजना को अधिक प्रमाण-आधारित बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अथॉरिटी National Logistics Policy, 2022 की समीक्षा और अपडेट में सहायता देने के साथ लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रशिक्षण, स्किलिंग, क्षमता निर्माण तथा शोध एवं नवाचार को भी बढ़ावा देगी।
इसके अलावा, दूसरा बड़ा फैसला छोटे और मझोले उद्यमों के लिए है। मंत्रिमंडल ने ₹10,000 करोड़ के SME Growth Fund की स्थापना को मंजूरी दी है। यह फंड ऐसे SMEs में इक्विटी निवेश करेगा जिनका कारोबार व्यवहार्य साबित हो चुका है और जिनमें बड़े स्तर पर विस्तार करने की क्षमता है। हम आपको बता दें कि इस पहल की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी।
इसके तहत फंड का बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग आधारित SMEs को मिलेगा, लेकिन सेवाओं, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन-ड्रिवन क्षेत्रों और रणनीतिक वैल्यू चेन से जुड़े उद्यम भी इसके दायरे में होंगे। सरकार का जोर SMEs की उस समस्या को दूर करने पर है, जिसमें कारोबार बढ़ाने के लिए पर्याप्त ग्रोथ कैपिटल उपलब्ध नहीं हो पाता।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि फंड से कंपनियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ाव, निर्यात प्रतिस्पर्धा, नवाचार, अधिग्रहण और रणनीतिक निवेश के लिए दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे SMEs के विस्तार के साथ रोजगार सृजन और स्थानीय सप्लाई चेन को भी मजबूती देने की उम्मीद जताई गई है।
बहरहाल, आज के फैसलों में मोदी सरकार ने एक तरफ देश के परिवहन तंत्र को एकीकृत और डेटा-आधारित बनाने की दिशा पकड़ी है, तो दूसरी ओर ₹10,000 करोड़ की पूंजी के जरिए SMEs को विस्तार, निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर दांव लगाया है।
Rejinagar Bypoll में नियमों के उल्लंघन पर AJUP विधायक हुमायूं कबीर अरेस्ट
(फोटो के साथ) नंदीग्राम, छह अक्टूबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर उपचुनाव में मंगलवार को मतदान के दौरान आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) प्रमुख एवं विधायक हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी का बचाव करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान है और चुनाव नियमों का उल्लंघन करने पर उन्हें (शुभेंदु को) भी हिरासत में लिया जा सकता है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में मतदान करने के बाद शुभेंदु ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा सीट से विधायक कबीर को मतदान केंद्रों के आसपास आवाजाही पर लगी पाबंदियों का कथित तौर पर उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘कानून सभी के लिए समान है।
भले ही मैं मुख्यमंत्री हूं, अगर मैं किसी दूसरे मतदान केंद्र पर जाऊं और नियमों का उल्लंघन करूं तो पुलिस मुझे भी हिरासत में ले सकती है। हुमायूं जी ने जो किया है, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद नुकसानदायक है।’’ शुभेंदु ने कहा कि उन्होंने मतदान के दिन मुख्यमंत्री के रूप में कोई विशेष सुविधा नहीं मांगी और वह निर्वाचन आयोग द्वारा लगाई गई पाबंदियों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आज मुख्यमंत्री के रूप में कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं ली है।
मतदान करने के बाद मैं अपने मतदान केंद्र क्षेत्र में बने अस्थायी कार्यालय में समय बिता रहा हूं। आयोग के नियम मतदान केंद्र क्षेत्र के बाहर प्रचार करने की अनुमति नहीं देते।’’ कबीर की गिरफ्तारी का विशेष रूप से जिक्र करते हुए शुभेंदु ने कहा कि विधायक ने मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में आवाजाही से संबंधित पाबंदियों का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा, ‘‘कानून सभी के लिए समान है।
कोई भी मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में घूम नहीं सकता। कबीर ने कानून का उल्लंघन किया और इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया।’’ उपचुनाव के लिए मतदान के बीच रेजीनगर स्थित अपनी पार्टी के कार्यालय में पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस के बाद कबीर को दिन में पहले गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें पहले हिरासत में लिया गया और बाद में मतदाताओं को प्रभावित करने तथा उन्हें उकसाने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
कबीर ने गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले सुरक्षा बलों पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया था और लोगों से पुलिस की कथित ज्यादतियों का मुगुर यानी भारी मुद्गर से मुकाबला करने का आह्वान किया था। कबीर ने दिन में पहले अपने परिवार के साथ मतदान किया था। उन्होंने पुलिस पर शुभेंदु अधिकारी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था और अपने आवास तथा मतदान केंद्रों के पास सुरक्षा बलों की तैनाती पर आपत्ति जताई थी।
रेजीनगर में उपचुनाव की आवश्यकता तब पड़ी, जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नाओदा दोनों सीट से जीतने वाले कबीर ने नाओदा सीट बरकरार रखी। उनके बेटे गुलाम नबी आजाद रेजीनगर उपचुनाव में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में भी मतदान जारी है, जहां मुकाबले पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों के लिए इसके राजनीतिक प्रभावों को लेकर करीबी नजर रखी जा रही है।
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