Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में कलश स्थापना क्यों होती है? जानें इस परंपरा के पीछे की पौराणिक कहानी
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होते ही घरों और मंदिरों में दुर्गा मां की पूजा के साथ कलश को स्थापित किया जाता है. नवरात्रि के नौ दिनों तक कलश को पूजा स्थल पर विशेष स्थान दिया जाता है. हिंदू धर्म में कलश को शुभता, समृद्धि और देवी शक्ति का प्रतीक कहा जाता है. यही कारण है कि नवरात्रि की पूजा में कलश स्थापना को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. मगर कलश स्थापना का नवरात्रि में इतना खास महत्व क्यों होता है? आइए जानते हैं.
कलश क्यों शुभ माना जाता है?
हिंदू परंपराओं के अनुसार, कलश को पूर्णता और मंगल का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश में देवी-देवताओं और पवित्र शक्तियों का वास माना जाता है. पूजा में कलश स्थापित करने के उद्देश्य को वातावरण में सकारात्मकता और पवित्रता बनाए रखना भी माना जाता है. नवरात्रि में कलश स्थापना के जरिए देवी शक्ति का आह्वान किया जाता है. इसे दुर्गा मां की उपासना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. कलश के ऊपर नारियल और आम के पत्तों को रखा जाता है.
कलश में किन चीजों को प्रयोग होता है?
कलश स्थापना के दौरान एक पात्र में जल भरना होता है. इसमें अक्षत, सुपारी, सिक्का और अन्य पूजन सामग्रियां होती हैं. इसके बाद कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाए जाते हैं और उसके ऊपर नारियल रखते हैं. कलश के नीचे मिट्टी रखी जाती है, जिसमें जौ बोने की भी परंपरा है. नवरात्रि के नौ दिनों में जो जौ अंकुरित होती है, वह भी शुभ मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इन्हें समृद्धि और उन्नति से जोड़कर देखते हैं.
कलश में भरा जाता है जल
कलश में भरा हुआ जल जीवन और सृष्टि का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जल को पवित्रता और जीवन का आधार माना जाता है. इसलिए, कलश में जल भरकर उसकी पूजा करने से जीवनदायिनी शक्ति के सम्मान के रूप में देखा जाता है. कलश के जल में कुछ लोग गंगाजल भी मिलाते हैं. इसके साथ-साथ उसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का डाला जाता है. इन सभी चीजों को भी शुभता और समृद्धि से जोड़कर देखते हैं.
नारियल और आम के पत्तों का महत्व क्या है?
कलश के ऊपर रखा जाने वाला नारियल भी पूजा में खास महत्व रखता है. धार्मिक मान्यता है कि नारियल को श्रीफल कहा जाता है. इस फल को शुभता और समर्पण का प्रतीक कहा जाता है. वहीं, कलश के ऊपर लगाए जाने वाले पत्तों का जीवन और हरियाली का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में कलश पर नारियल और पत्ते रखने से पूजा की पूर्णता मानी जाती है.
कलश और देवी का गहरा संबंध
नवरात्रि में कलश स्थापना का मुख्य उद्देश्य देवी शक्ति का आह्वान और पूजा स्थल को पवित्र बनाना माना जा रहा है. कलश को स्थापित करने के बाद दुर्गा मां की विधि-विधान से पूजा की जाती है. भक्त नौ दिनों तक मां के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि कलश की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.
कलश स्थापना को मंगलकारी माना जाता है
नवरात्रि में कलश स्थापना का शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि कलश स्थापित करने से पूजा स्थल पर देवी शक्ति का आह्वान होता है. नवरात्रि की साधना पूर्ण विधि से शुरू होता है. इसे धार्मिक विश्वास के कारण नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा से पहले कलश स्थापना की जाती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
दिल्ली कैपिटल्स ने सौरव गांगुली को सौंपी अहम जिम्मेदारी, IPL 2027 में इस भूमिका में अब नजर आएंगे 'दादा'
Sourav Ganguly: आईपीएल 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और फ्रेंचाइजियां अपने मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए कई जरूरी बदलाव कर रही हैं. इसी कड़ी में अब दिल्ली कैपिटल्स ने भी बड़ा फैसला किया है. DC ने दिग्गज क्रिकेटर सौरव गांगुली को अपने साथ जोड़ लिया है. दादा एक बार फिर दिल्ली के डगआउट में नजर आएंगे. तो आइए जानते हैं कि इस बार सौरव गांगुली को दिल्ली कैपिटल्स ने कौन सी जिम्मेदारी सौंपी है.
Dilli, it's time for Dadagiri ????
— Delhi Capitals (@DelhiCapitals) October 6, 2026
Sourav Ganguly, Head Coach of the Tigers ???? pic.twitter.com/EMTPQ9TB64
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









