PAK ने बेइज्जती कराने का निकाला नया तरीका! शर्मनाक डिमांड के बाद पाकिस्तान टीम हुई टूर्नामेंट से बाहर, जानिए क्या है पूरा मामला
WLC 2026 : पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपनी बेइज्जती कराने का आए दिन कोई न कोई नया तरीका तलाश ही लेता है. अब वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 से पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने अपना नाम वापस ले लिया है. वैसे तो हर तरफ शोर है कि ये फैसला NOC न मिलने की वजह से लेना पड़ा. मगर, हाल रिपोर्ट्स में कुछ और ही कहानी सामने आई है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है. पाकिस्तान ने WCL के आयोजकों के सामने भारतीय टीम से जुड़ी कुछ शर्तें रखी थीं, जिसे मानने ने आयोजकों ने इनकार कर दिया और फिर पाक को अपना नाम टूर्नामेंट से वापस लेना पड़ा. तो आइए इस आर्टिकल में आपको उस कंडीशन के बारे में बताते हैं.
पाकिस्तान चैंपियंस टीम ने वापस लिया नाम
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 का आयोजन यूएई में हो रहा है, जिसमें 7 टीमें शामिल हैं. हाल ही में जानकारी सामने आई कि टूर्नामेंट में शामिल पाकिस्तान चैंपियंस की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है. रिपोर्ट्स के हवाले से ये बात सामने आई है कि पाकिस्तान चैंपियंस टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने के एवज में PCB ने कुछ शर्तें रखी थीं. लेकिन, वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के मैनेजमेंट ने पीसीबी की इन सभी शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है. जिसके चलते पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है.
????Pakistan legends pulls out of WCL 2026 after PCB's demand for written apology from Indian players for 2025 boycott rejected????
— Akshat (@Cricketmythos) October 5, 2026
- Pakistan Champions team withdrew from the ongoing World Championship of Legends tournament
- Their match against Bangladesh Champions had been… pic.twitter.com/PVNZABniBw
PCB ने रखी थी घटिया शर्तें
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी एनओसी मंजूरी को दो शर्तों से जोड़ दिया था. पीसीबी का कहना था कि अगर भारतीय खिलाड़ी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेते हैं, तो भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी. वहीं, पीसीबी ने मांग रखी थी कि भारतीय खिलाड़ियों को पिछले साल मैदान पर न उतरने की घटना के लिए लिखित माफीनामा देना होगा. इसके साथ ही दोनों टीमों के बीच औपचारिक हैंडशेक की शर्त पर भी सहमति देनी होगी.
लेकिन टूर्नामेंट के मैनेजमेंट ने ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के इस रुख पर कड़ा फैसला लेते हुए साफ किया कि किसी भी खिलाड़ी या टीम पर इस तरह की शर्तें नहीं थोपी जा सकतीं. WCL मैनेजमेंट ने बोर्ड की कमर्शियल शर्तों को तो मान लिया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों से माफी मांगने और हैंडशेक से जुड़ी शर्तों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया. आयोजकों के इस सख्त रुख के बाद अब पाकिस्तान चैंपियंस टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई.
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योगाभ्यास की शुरुआत प्रार्थना से करना क्यों है जरूरी, आयुष मंत्रालय ने बताया महत्व
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। योगाभ्यास को केवल शारीरिक कसरत तक सीमित नहीं माना जा सकता। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की एक संपूर्ण प्रक्रिया है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब इसकी शुरुआत सही मानसिक अवस्था और सकारात्मक सोच के साथ की जाए। इसी कारण योग की शुरुआत प्रार्थना के साथ करना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।
मंत्रालय का कहना है कि प्रार्थना मन को शांत करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। जब हम प्रार्थना करते हैं तो हमारे बिखरे हुए विचार एक जगह केंद्रित होते हैं। इससे मन की चंचलता कम होती है और हम वर्तमान क्षण में लौट आते हैं। प्रार्थना के दौरान ली गई गहरी सांसें शरीर को योगाभ्यास के लिए तैयार करती हैं।
योग 365 अभियान के तहत भी लोगों को यही संदेश दिया जा रहा है कि अपनी योग मैट बिछाएं, प्रार्थना से दिन की शुरुआत करें और पूरे ध्यान और कृतज्ञता के भाव के साथ अपना अभ्यास शुरू करें। योग 365 का उद्देश्य योग को सिर्फ एक दिन तक सीमित न रखकर इसे पूरे वर्ष की दिनचर्या का हिस्सा बनाना है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रार्थना से शुरू किया गया योग अधिक ध्यानपूर्ण होता है। जब हम अभ्यास से पहले कुछ क्षण रुकते हैं, गहरी सांस लेते हैं और मन में एक अच्छा और सकारात्मक इरादा तय करते हैं, तो हमारा शरीर और मन दोनों ही अभ्यास के लिए तैयार हो जाते हैं। यह छोटा सा ठहराव हमें दिनभर की भागदौड़ से निकालकर योग के प्रति समर्पित होने में मदद करता है।
आयुष मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे योग को जल्दबाजी में न करें। पहले प्रार्थना करें, मन को शांत करें, एक सकारात्मक संकल्प लें और फिर धीरे-धीरे योगाभ्यास में शुरू करें। प्रार्थना के साथ की गई यह शुरुआत ही ध्यानपूर्ण योग के लिए सही माहौल बनाती है और पूरे अभ्यास को अधिक फलदायी और सार्थक बना देती है।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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