भोपाल में 9.5 लाख बच्चों को आज खिलाई जाएगी एलबेंडाजोल, 1 से 19 साल तक के बच्चे अभियान में शामिल, नोडल टीचर की मौजूदगी में दी जाएगी दवा
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर भोपाल में आज मंगलवार को बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत करीब साढ़े 9 लाख बच्चों को कृमिनाशक दवा एलबेंडाजोल खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें 1 से 19 साल तक के बच्चों को उनकी पढ़ाई और रहने की जगह के हिसाब से स्कूल, आंगनवाड़ी, मदरसे और हॉस्टल में दवा दी जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही एलबेंडाजोल की गोलियां उपलब्ध करा दी हैं।
दरअसल इस अभियान में केवल बच्चों को ही शामिल नहीं किया गया है। 20 से 49 साल की ऐसी महिलाओं को भी एलबेंडाजोल दी जाएगी जो गर्भवती या धात्री नहीं हैं। स्कूलों में दवा देने के लिए नोडल टीचर्स को जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षकों को दवा खिलाने की प्रक्रिया के साथ इसके फायदे की जानकारी भी दी गई है। हालांकि बच्चों को नोडल टीचर की मौजूदगी में ही गोली खिलाई जाएगी।
स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में ऐसे दी जाएगी दवा
वहीं भोपाल में अभियान को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से तैयारी की है। सरकारी और निजी स्कूलों के अलावा आंगनवाड़ी केंद्र, मदरसे और छात्रावास भी अभियान का हिस्सा हैं। इस व्यवस्था का मकसद 1 से 19 साल की उम्र के ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक कृमिनाशक दवा पहुंचाना है। स्कूलों में नोडल टीचर्स की मौजूदगी में बच्चों को एलबेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को दवा देने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा के इस्तेमाल और उसके फायदे को लेकर भी नोडल टीचर्स को बताया गया है। वहीं आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी अभियान के तहत बच्चों तक दवा पहुंचाई जाएगी।
बच्चों को संबंधित संस्थान में ही कृमिनाशक गोली दी जा सकेगी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभियान में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है। स्वास्थ्य विभाग के साथ स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। इन विभागों के बीच तालमेल के जरिए बच्चों और अभियान में शामिल पात्र महिलाओं को दवा खिलाई जाएगी।भोपाल में एक ही दिन बड़ी संख्या में बच्चों तक पहुंचने वाले इस अभियान के लिए स्कूल और आंगनवाड़ी स्तर पर दवा उपलब्ध कराई गई है। इससे अभियान के दौरान बच्चों को संबंधित संस्थान में ही कृमिनाशक गोली दी जा सकेगी।
कृमि संक्रमण का बच्चों के विकास पर पड़ सकता है असर
दरअसल स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पेट में होने वाला कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य के साथ उनकी पढ़ाई को भी प्रभावित कर सकता है। संक्रमण की वजह से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ने की बात विभाग ने बताई है। इसका असर स्कूल में उनकी उपस्थिति और पढ़ाई पर भी दिखाई दे सकता है। कृमि संक्रमण के कारण एनीमिया की स्थिति बनने पर बच्चों की शारीरिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है। इसके साथ बौद्धिक और शैक्षणिक विकास पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत बच्चों को नियमित रूप से कृमिनाशक दवा देने का अभियान चलाया जाता है।
मध्य प्रदेश में होगा हवाई सेवाओं का विस्तार, हर 150KM पर एयरपोर्ट, 75KM पर एयरस्ट्रिप और 45 KM पर हेलीपैड की योजना
राज्य सरकार मध्य प्रदेश में विमानन सेवाओं और अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नागरिकों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के नेटवर्क का नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत विस्तार किया जा रहा है। इसी नीति के तहत अब हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, 75 किमी पर एयरस्ट्रिप और 45 किमी पर हेलीपैड तैयार करने की योजना है।
मध्यप्रदेश में वर्तमान में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और 220 हेलीपैड हैं। वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 5 प्रमुख एयरपोर्ट इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो संचालित थे। वर्ष 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट के विकास का कार्य भी प्रगति पर है। साथ ही प्रदेश में हवाई सुविधाओं को और व्यापक बनाने के लिए हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है।
प्रदेश में एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप्स, हेलीपैड और नए हवाई मार्गों के विस्तार के साथ प्रदेश के विभिन्न अंचलों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 5 नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। उड़ान योजना अंतर्गत प्रदेश की 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।
अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की भी संख्या बढ़ रही
प्रदेश से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। पहले दुबई और अब अबूधाबी के साथ इंदौर का हवाई संपर्क स्थापित हुआ है। इंदौर से अबूधाबी के बीच सीधी उड़ान मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान है। लगभग 3 घंटे 15 मिनट की इस सीधी उड़ान से अबूधाबी के साथ हवाई संपर्क स्थापित हुआ है। इससे विकास, व्यापार, पर्यटन और वैश्विक निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में विकसित हो रहा दताना-मताना एयरपोर्ट
सिंहस्थ-2028 के लिये भी दताना-मताना एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है। उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास आरसीएस उड़ान 5.2 के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में 1,800 मीटर लंबा रनवे विकसित किया जा रहा है, जिसे भविष्य में 2,700 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट का कार्य पूर्ण होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या 10 हो जाएगी। सिंहस्थ-2028 सहित प्रदेश में बढ़ती विकास गतिविधियों के दृष्टिगत हवाई अधोसंरचना का यह विस्तार प्रदेश में हवाई संपर्क को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध करा रहा है।
पीएमश्री एयर एम्बुलेंस संचालित
- पीएमश्री एयर एम्बुलेंस एवं पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से भी प्रदेश में हवाई सुविधाएं अधिक सुगम और व्यापक हो रही हैं। प्रदेश में 29 मई 2024 से पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है।
- आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश में और प्रदेश से बाहर शासकीय और आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।
- गैर-आयुष्मान हितग्राहियों को प्रदेश के शासकीय अस्पताल तक निःशुल्क और प्रदेश के बाहर निर्धारित दरों पर सेवा उपलब्ध कराई जाती है।
- प्रदेश में परिवहन के लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश के बाहर परिवहन के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालक की अनुमति की आवश्यकता होगी।
- भुगतान वाले मामलों में स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के माध्यम से उपलब्धता के आधार पर सेवा दी जाती है। अब तक 186 मरीजों एवं दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ दिया गया है।
प्रदेश को मिलेगा शासकीय विमान
प्रदेश में विमानन और वायु सेवाओं का विकास हो रहा है तथा राज्य शासन को नया शासकीय विमान मिल रहा है। देश में कई राज्यों जैसे- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़ इत्यादि में स्वयं के विमान एवं हेलीकॉप्टर हैं। भौगोलिक दृष्टि से बड़ा राज्य होने के कारण मध्यप्रदेश में त्वरित पहुँच एवं आकस्मिक परिस्थितियों में विमान एवं हेलीकॉप्टर की तुलनात्मक रूप से अधिक आवश्यकता रहती है। कोविड-19 के दौरान प्रदेश सरकार का विमान कोविड की अत्यन्त महत्वपूर्ण दवा रेमडेसिविर को प्रदेश के विभिन्न स्थानों में ले जाते हुए ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद से लगातार चार्टर्ड (किराये) के विमान का उपयोग किया जा रहा है। शासकीय विमान आने से राज्य सरकार का व्यय प्रतिमाह एक तिहाई ही रह जाएगा।
हेरिटेज-आध्यात्मिक पर्यटन के लिए पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा
- पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश में आस्था, विरासत और प्रकृति के सुगम दर्शन कराए जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर तीन वर्ष के अनुबंध के तहत पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा संचालित की जा रही है।
- इसके अंतर्गत आधुनिक सिंगल एवं ट्विन इंजन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से न्यूनतम 6 सीटों की सुविधा उपलब्ध है। आध्यात्मिक पर्यटन के लिए इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर, हेरिटेज पर्यटन के लिए भोपाल-चंदेरी-ओरछा तथा वाइल्ड लाइफ पर्यटन के लिए जबलपुर-मैहर-चित्रकूट-कान्हा-बांधवगढ़ सेक्टर निर्धारित किए गए हैं।
- चंदेरी और ओरछा में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध है। अब तक 5,200 से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा का उपयोग किया है, जबकि 680 से अधिक जॉय राइड संचालित की जा चुकी हैं। ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा flyola.in और transbharat.in के माध्यम से उपलब्ध है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News









